जादू टोने के सन्देह में हत्या निंदनीय – डॉ .दिनेश मिश्र …. जादू टोने का अस्तित्व नहीं, बस्तर एवं कांकेर की घटनाएं

IMG-20220325-WA0138.jpg


बस्तर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने बस्तर और कांकेर जिले में जादू टोने के सन्देह में हत्या की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं होता अंधविश्वास के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो।
डॉ दिनेश मिश्र ने बताया कि, बस्तर में एक महिला को जादू टोना करके बीमार करने के सन्देह में मार डाला गया ,वहीं कांकेर में भी जादू टोने के सन्देह में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी।
डॉ दिनेश मिश्र ने बताया बस्तर में नानगुर में दयमनी बाई नामक महिला पर उसके ही पड़ोसियों ने घनश्याम नामक एक लड़के को जादू करके पागल करने , बीमार करने के सन्देह में चाकू से हमले कर मार डाला,वही कांकेर केआमाबेड़ा के पास लादू राम कुमेटी को 3 ग्रामीणों ने जादू टोना करके समस्याएं पैदा करने के सन्देह में लाठी से पीट पीट कर मार डाला।


डॉ दिनेश मिश्र ने कहा जादू टोना जैसे अंधविश्वास के कारण हुई यह घटनाएं अत्यंत निर्मम और शर्मनाक है। दोषी व्यक्तियो की जाँच कर उन पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिए. गाँव में होने वाली ऐसी बैठकों की भूमिका की भी जांच होना चाहिए।
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं है, इसलिए जादू टोने से किसी भी व्यक्ति को बीमार करने,नुकसान पहुंचाने की धारणा मिथ्या है, इस अंधविश्वास के कारण किसी भी महिला,या किसी भी ग्रामीण को प्रताडि़त करना अनुचित, गैरकानूनी है. कोई महिला टोनही नहीं होती। डायन/टोनही के सन्देह में हुई प्रताडऩा के लिए दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए. ग्रामीणों से अपील है ,वे अंधविश्वास में पड़कर कानून अपने हाथों में न लें. समिति जागरूकता अभियान के साथ इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग,तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी कर रही है तथा प्रताडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए कार्य करेगी।


scroll to top