गुंडा बदमाश विकास सिंह हुआ जिला बदर, कलेक्टर कोरबा ने जारी किया आदेश, आतंक का पर्याय बन चुके विकास सिंह 1 वर्षों तक रहेगा जिले से बाहर, 1995 से लगातार अपराध जगत में रहा है सक्रिय, अवैध वसूली, गुंडागर्दी एवं संगठित गिरोह संचालन की मिल रही थी लगातार शिकायतें

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कोरबा। जिले में आतंक का पर्याय बन चुके गुंडा बदमाश विकास सिंह को पुलिस अधीक्षक कोरबा भोजराम पटेल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पर जिला दंडाधिकारी कोरबा श्रीमती रानू साहू के द्वारा जिलाबदर आदेश पारित कर 1 वर्ष के लिए जिला कोरबा एवं कोरबा जिले से लगे ने सरहदी जिलों से बाहर रहने का आदेश पारित कर दिया है । इस आदेश की तामिली 24 घंटे के भीतर किया जाना अनिवार्य है। गौरतलब है कि गुंडा बदमाश विकास सिंह वर्ष 1995 से लगातार अपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहा है , उसके विरुद्ध मारपीट , बलात्कार , छेड़छाड़ , शासकीय कार्य में बाधा सहित लगभग 20 मामले दर्ज हैं , अपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रतिबंधक कार्यवाही की जाती रही है।

किंतु उसकी आदतों में सुधार न आने के कारण उसे गुंडा बदमाश की सूची में शामिल कर निगरानी किया जा रहा था, इसके बावजूद भी विकास सिंह के चालचलन में सुधार परिलक्षित न होता देख पुलिस अधीक्षक कोरबा भोज राम पटेल के द्वारा लगभग 6 माह पूर्व कलेक्टर एवम जिला दंडाधिकारी कोरबा के न्यायालय में गुंडा बदमाश विकास सिंह को कोरबा जिले से जिला बदर किए जाने बाबत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। पुलिस अधीक्षक कोरबा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पर कलेक्टर एवम जिला दंडाधिकारी न्यायालय कोरबा में विधिवत सुनवाई पश्चात आज जिला बदर का आदेश पारित कर दिया गया है ।


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