2200 करोड़ का शराब घोटाला ACB की कार्य प्रणाली पर उठे सवाल… गिरफ्तारी से पहले ही चार्ज शीट आरोपियों को बचा रही है सरकार.?…

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2200 करोड़ का शराब घोटाला…ACB की कार्य प्रणाली पर उठे सवाल… गिरफ्तारी से पहले ही चार्ज शीट आरोपियों को बचा रही है सरकार.?…

रायपुर 7 जुलाई 2025 :- छत्तीसगढ़ के 2200 करोड़ के शराब घोटाले पर  सरकार की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि सरकार आरोपी अधिकारियों पर मेहरबान है और उनको बचा रही है। यह सवाल खुद बीजेपी के वरिष्ठ नेता उठा रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता आरोप लगा रहे हैं कि भारी लेन-देन कर घोटालेबाज अधिकारियों को बचाया जा रहा है बताया जाता है कि इस लेनदेन के मामले में आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने अगुवाई की और पुलिस के वरिष्ठ डीएसपी लेवल के अधिकारी ने लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई पुलिस और आबकारी विभाग के दोनों अधिकारी एक ही जिले बताए जाते हैं घोटालेबाज अधिकारियों की गिरफ्तारी के बजाय चार्ज शीट पेश कर उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है एसीबी- ईओडब्ल्यू कि कार्रवाई से जनमानस ने सवालिया प्रसन्न चिन्ह कार्यवाही पर लगाया है घोटालेबाज आबकारी अधिकारियों को लेनदेन के दौरान भरोसा दिलाया गया है कि चार्ज सीट में उनका नाम रहेगा जिससे उन्हें जल्द ही जमानत मिलने की संभावना है

CG LIQUOR SCAM छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

गुप्ता के अनुसार, ACB ने घोटाले में संलिप्त आबकारी विभाग के अधिकारियों की गिरफ्तारी से पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी है, जो न्यायिक प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

एंटी करप्शन ब्यूरो पर नरेगुप्ता के आरोप

CG LIQUOR SCAM गुप्ता ने दावा किया है कि ACB ने कथित आरोपियों को पहले ही यह भरोसा दिला दिया था कि उन्हें ट्रायल कोर्ट से ज़मानत मिल जाएगी। उन्होंने कहा “For the first time in the legal history of this country, the investigating agency is playing the role of judge and jury. God save our CG.” -नरेश चंद्र गुप्ता

पूर्ववर्ती सरकार और नेताओं पर भी सवाल –

गुप्ता ने इशारों में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार के नेताओं पर हमला बोलते हुए लिखा कि घोटाले में शामिल कई बड़े नामों पर अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि “पूर्व सीएम, मंत्री, निगम प्रमुख, सप्लायर और अफसरों” को संरक्षण मिला हुआ है।

निष्पक्ष जांच की मांग, CBI और ED को सौंपने की वकालत –

CG LIQUOR SCAM गुप्ता ने कहा कि जांच की निष्पक्षता पर अब सवाल उठने लगे हैं, इसलिए इसकी जांच CBI और ED जैसी स्वतंत्र एजेंसियों को सौंपी जानी चाहिए।


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