
भिलाईनगर। भिलाई-चरोदा नगर निगम के नए महापौर के लिए काँग्रेस में निर्मल कोसरे के नाम पर सर्वसम्मति बन जाने की खबर है। सभापति पद को लेकर कांग्रेस से तीन पार्षदों के नाम की चर्चा है। जिसमें कृष्णा चन्द्राकर, संतोष तिवारी और एस वेंकट रमना शामिल हैं। फिलहाल जगन्नाथ पुरी में कांग्रेसी पार्षदों के साथ मौजूद वरिष्ठ नेता सभापति पद के लिए सर्वसम्मति बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।


जिले में तीन नगर निगम और एक पालिका में नए परिषद का गठन करने चुनाव के बाद परिणाम घोषित हो चुका है। अब निगम में महापौर और सभापति तथा पालिका में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाना है। इसके लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो चुकी है। सबसे पहले 3 जनवरी को भिलाई-चरोदा नगर निगम में महापौर और सभापति का चुनाव किया जाएगा। यहां के 40 में से 19 पार्षदों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। कांग्रेस के पास 4 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन होने से महापौर और सभापति पद के जादुई आंकड़ा 21 को छूने में कोई संदेह नहीं रह गया है। इस लिहाज से महापौर और सभापति पद पर कांग्रेस का कब्जा होना तय नजर आ रहा है।


कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में गनियारी वार्ड से पार्षद बने दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निर्मल कोसरे का नाम महापौर पद के लिए सर्वसम्मति से तय कर लिए जाने की खबर है। भिलाई-चरोदा का महापौर पद अनुसूचित जाति महिला-पुरुष मुक्त है। निर्मल कोसरे पहली बार पार्षद चुनाव लड़े हैं और उन्हें जीत भी मिल चुकी है। जिस गनियारी वार्ड से वे पार्षद बने हैं वहां से पिछले तीन चुनाव में उन्ही के परिवार का कब्जा रहा है। पिछले दो बार से धर्मेन्द्र कोसरे इस वार्ड में कांग्रेस से पार्षद बन रहे थे। धर्मेन्द्र रिश्ते में निर्मल के चचेरे भाई हैं। धर्मेन्द्र के पहले इस वार्ड से उनकी पत्नी श्यामा कोसरे पार्षदी कर चुकी है। लगातार दो बार के अजेय पार्षद धर्मेन्द्र कोसरे की टिकट काटकर निर्मल कोसरे को देने से ही इस बात का संकेत मिल गया था कि कांग्रेस के बहुमत आने पर उन्हें महापौर बनाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि जगन्नाथ पुरी में भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर पद पर निर्मल कोसरे की ताजपोशी के लिए सर्वसम्मति बना लिया गया है। अब वहां पर मौजूद कांग्रेस के नेता सभापति पद के लिए सर्वसम्मति बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए सिरसा भाठा वार्ड से पार्षद कृष्णा चन्द्राकर, विश्व बैंक कालोनी के पार्षद संतोष तिवारी और पंचशील नगर पूर्व के पार्षद एस वेंकट रमना का नाम सुर्खियों में है। कृष्णा चन्द्राकर स्थानीय विधायक एवं मंत्री गुरु रुद्र कुमार के प्रतिनिधि हैं और वर्ष 2005 से 2010 के दौरान नगर पालिका में उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

संतोष तिवारी निगम के पिछले कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष थे और इस चुनाव में उन्होंने चार बार के पार्षद व चरोदा मंडल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप पटेल को हराया है। संतोष तिवारी को मुख्यमंत्री निवास का करीबी माना जाता है। सभापति पद के तीसरे दावेदार एस वेंकट रमना पहली बार पार्षद चुने गए हैं। उन पर भी मुख्यमंत्री निवास के करीबी होने का लेबल लगा हुआ है। इन तीनों में से किसी एक के नाम पर सभापति पद के लिए सहमति बनाने का प्रयास चल रहा है।





