भिलाई नगर 08 अक्टूबर 2022:! बच्चा चोरी करने की अफवाह का शिकार इस बार एक मानसिक रोगी हो गया। उतई थाना क्षेत्र के खोपली गांव में ग्रामीणों ने बुजुर्ग मानसिक रोगी की जमकर पिटाई कर दी। उसे दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। इसकी सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले गई। उसका प्राथमिक इलाज कराने के बाद अपने कस्टडी में रख लिया।





शुक्रवार को मारपीट की घटना का वीडियो वायरल हो गया। पुलिस ने मारपीट करने वाले 3 आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया है। इनमें करण, भोला चंद्राकर और विकास बंजारे शामिल हैं। उनके खिलाफ धारा 294, 323, 506, 34 के तहत केस दर्ज किया है। लगातार एक हफ्ते में अफवाह के चलते मारपीट यह छटवी घटना है। इसे देखते हुए पुलिस ने नया प्लान बनाया है। इसमें जिलेभर की सड़कों पर घूमने वाले मानसिक रोगियों को चिन्हित करके रिसेप्शन वारंट के तहत राज्य मानसिक चिकित्सालय भेजा जाएगा। ताकि उनका इलाज हो सके, साथ ही वे ऐसी घटनाओं से बच सकें। इसकी शुरुआत पुलिस ने खोलपी गांव में हुए मानसिक रोगी कर रही है। पुलिस शनिवार को उक्त रोगी को बिलासपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराएगी। इधर, भिलाई तीन के चरोदा बस्ती में बुधवार को बच्चा चोरी की शंका में साधुओं से मारपीट करने वाले 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है





आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त, उसकी मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में किया पेश
एएसपी ग्रामीण अनंत साहू के मुताबिक घटना ग्राम खोपली के डीहपारा की है। गुरुवार शाम करीब 5 बजे लोगों द्वारा बुजुर्ग मानसिक रोगी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने की सूचना मिली थी। जब पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि कुछ लोगों ने बच्चा चोरी का आरोप लगाकर मानसिक रूप से विक्षिप्त को पीटा है। इसके बाद विक्षिप्त को गाड़ी में
बिठाकर अस्पताल लाकर उसका इलाज कराया। घटना के बाद से उसे चौकी में रखा गया है। उसकी मुलाहिजा रिपोर्ट, मेडिकल परीक्षण के दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। कोर्ट से रिसेप्शन वारंट मिलते ही उसे राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी बिलासपुर भेजा जाएगा, जहां उसका बेहतर ढंग से इलाज कराया जा सके।



चरोदा बस्ती की घटना: नशे में सुरेंद्र नाम के युवक ने शराब पीने 5 हजार मांगे, 7 सौ रु. दिए तो पिटाई
जब चरोदा बस्ती के मामले की पड़ताल की तो पता चला कि तीनों साधु चरोदा बस्ती में भीख मांगने की उद्देश्य से घूम रहे थे। इसी दौरान नशे में सुरेंद्र नाम का युवक साधुओं को मिला। सुरेंद्र एक साधु के कंधे पर हाथ रखकर गणेश चौक पर ले गया। उनसे बातचीत करता देख सुरेंद्र के कुछ परिचित भी “वहीं आ गए। सभी साधुओं से शराब पीने के लिए 5 हजार की मांग करने लगे। जब साधुओं ने अपने पास रखे 7 सौ रुपए दिए तो गुस्से में सुरेंद्र और उसके साथी मारपीट उनसे करने लगे। बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए साधुओं का ईंट से सिर फोड़ दिया गया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।


तीन घंटे तक चला हंगामा: 50 लोगों ने बनाया वीडियो, लेकिन किसी ने आरोपियों को रोका तक नहीं
घटना स्थल के आस पास मौजूद लोगों का कहना है कि तीन घंटे तक नशेड़ी और कई सटोरिए साधुओं को घेरकर पैसों की मांग करते रहे। इस दौरान करीब 50 लोग वीडियो बनाते रहे। लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। जब साधुओं का सिर फूट गया और घायल हो गए तब किसी ने डायल 112 में फोन लगाकर जानकारी दी। रहवासियों का कहना है. कि बस स्टैंड के पास पान की दुकान में सट्टा संचालित होता है। आए दिन सटोरिए किसी के साथ भी इसी तरह की मारपीट करते हैं। पुलिस ने अवैध गतिविधियों में संलिप्त रवि, फरीद, हसन को चिन्हित किया गया है।
चरोदा बस्ती में भी वीडियो के आधार पर की गई पहचान, केस दर्ज करने के दूसरे ही दिन 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर कर लाया


पुलिस कप्तान के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे चरोदा बस्ती में तीन साधु राजवीर सिंग, श्याम सिंग, अमन सिंग सभी निवासी अलवर राजस्थान से मारपीट करने वाले सत्यनारायण चक्रधारी, मूलचंद निषाद, यशवंत साहू, सत्येंद्र महतो, भूपेश वर्मा उर्फ कान्हा, धर्मेंद्र महतो, राहुल चौधरी, साधु रवीन्द्र साहू, शुभम नेवारे, ऋतिक साहू, जय सोनी, त्रिलोक सोनकर, राहुल सोलंकी को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों की पहचान वीडियो के आधार पर की गई है। पुलिस के मुताबिक ये वहीं आरोपी है जिन्हें वीडियो में मारपीट करते हुए देखा गया है। पुलिस के मुताबिक गुरुवार को वीडियो वायरल होने के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जानिए, क्या है रिसेप्शन वारंट,

स्वास्थ्य सेवाओं के तहत ऐसे मानसिक विक्षिप्त लोग, जो परिवार से अलग हो जाते हैं और सड़कों पर घूमते रहते हैं। इनका इलाज और देखरेख के लिए अलग व्यवस्था है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी मेडिकल. रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसके तहत दस्तावेजों को कोर्ट में न्यायाधीश के सामने प्रस्तुत किया जाता है। कोर्ट दस्तावेजों और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर रिसेप्शन वारंट जारी करता है। इस वारंट के साथ विक्षिप्त या मानसिक रोगी को मानिसिक चिकित्सालय में भर्ती करवाकर उसका इलाज कराया जाता है। दुर्ग जिले में पहली बार इसकी प्रक्रिया की जा रही है।



