भिलाई नगर 13जनवरी 2023 :! शहर के हृदय स्थल नेहरू नगर में स्थित काली बाड़ी प्रांगण में चल रहे भागवत कथा में आज 13 जनवरी 2023 दिन -शुक्रवार को पांचवें दिन कथा वाचन में व्यास पीठ पर आसीन भागवताचार्य परम श्रद्धेय श्री हरिनारायण भारद्वाज जी द्वारा कृष्ण के जन्म उत्सव, नामकरण संस्कार, पूतना वध,अघासुर-बकासुर, तृणावर्त राक्षसों के वध एवं भगवान शिव के द्वारा बालकृष्ण दर्शन आदि अनेक रसमयी,अमृतमयी कथाओं का वर्णन कर भक्तों का मन लुभाय
यह संसार दु:खों का आलम है, यहां सुख की कामना व्यर्थ है।वस्तुत:सुख कुछ होता ही नहीं, दुःख कुछ है ही नहीं।सुख दुःख प्राणी की मात्र अनुभूति है, यह असत् होते हैं।परम सुख तो प्रभु की भक्ति,भगवत भक्ति में प्राप्त होता है।



ज्ञान, वैराग्य भक्ति के पुत्र हैं एवं त्याग असीम शांति की प्राप्ति का साधन है। ज्ञान प्राप्ति से तात्पर्य यह है कि हम अपने अंदर स्थित आत्मस्वरुप को जाने, वैराग्य अर्थात् संसार की वस्तु, व्यक्ति व स्थान को अपना नहीं समझें।यह प्रभु के हैं,अपना तो एक परमात्मा ही होता है। इस प्रकार का विचार कर प्रत्येक वस्तु, व्यक्ति व स्थान के प्रति त्याग करने की इच्छा एवं कामना रखें।


इन तीनों को आचरण में लाने से अनन्ता:अनन्त शान्ति/आनंद की अनुभूति आत्मा में होगी।यही भगवान की भगवत प्राप्ति है।
9 जनवरी से प्रारंभ होकर आज अपने पांचवें दिवस की कथा सम्पन्न हुई। इस आयोजित कथा में श्रीमती सुचित्रा त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी,सुधा पाठक ने अपने अन्य सहयोगी भक्तगण के साथ इस अप्रतिम प्रभाव वाली शब्दब्रह्म रूपी ज्ञान यज्ञ रसमयी/कल्याणमयी परम पुनीत कथा का रसपान स्वयं उपस्थित रहकर पवित्र धर्म कर्म किया गया।



