भिलाई नगर, 4 अगस्त 2022 :- नेहरू नगर में किराये पर मकान ले वहां अखबार का दफ्तर खोलने और बिना अनुमति अन्य किरायेदार रख आपराधिक षड़यंत्र रच डेढ़ करोड़ की भूमि और मकान हड़पने वाले आरोपी के खिलाफ न्यायालय के निर्देश पर सुपेला पुलिस ने FIR NO 721/2022 धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी व 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल निवासी अजय सेन ने धारा 156 (3) दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत दुर्ग न्यायालय में अर्जी लगाई थी। अजय का आरोप था कि माधुरी मण्डावी, विजय लक्ष्मी शर्मा और प्रहलाद दुबे ने आपराधिक षड़यंत्र रच उनके पिता की जमीन और मकान पर कब्जा जमा रखा है जिसकी शिकायत पूर्व में सुपेला थाना में करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। न्यायालय ने माधुरी मण्डावी, विजय लक्ष्मी शर्मा और प्रहलाद दुबे के विरूद्ध आवेदन पत्र में वर्णित तथ्यों अभिवचनों के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर अन्वेषण किए जाने पुलिस को आदेशित करते हुए कहा है कि आगामी पेशी 29 अगस्त के पूर्व अनिवार्य रूप से न्यायालय में कार्यवाही की जानकारी प्रस्तुत करें।
गौरतलब हो कि अजय सेन (56 वर्ष) भोपाल में नौकरी करते हैं तथा उनके पिता रमेश प्रसाद (86 वर्ष) का नेहरू नगर स्थित मकान किराये पर लेने आरोपी प्रहलाद दुबे ने सितम्बर 2019 में सम्पर्क किया। दो माह का किराया पूर्व में डिपोजिट एवं मासिक किराया 15 हजार रूपये पर बात तय हुई। प्रहलाद ने किरायेदारी बिलेख अपने सहकर्मी माधुरी मण्डावी के नाम से बनाने हेतु बोला। अक्टूबर 2019 में 11 माह का किरायानामा तैयार कर दोनों पक्ष द्वारा हस्ताक्षर किए गए। माधुरी की माता ने 40 हजार एडवांस दिया।
माधुरी ने 16 जनवरी 2020 को 10 हजार, 11 जुलाई को 20 हजार रमेश प्रसाद सेन के एकाउण्ट में ऑनलाईन ट्रांसफर किए। किराया न आने पर अजय सेन 28 अक्टूबर 2020 को भिलाई आया तथा मकान पर गया तो वहां त्वरित खबरे समाचार पत्र का बोर्ड लगा हुआ था जिस पर संपादक प्रहलाद दुबे का नाम एवं मुख्य संपादक माधुरी का नाम छपा हुआ था। मकान के अन्य हिस्सा एक और अन्य किरायेदार विजय लक्ष्मी शर्मा को दिया गया था।
फोन करने पर माधुरी और प्रहलाद दुबे आए तो अजय ने किरायेदारी अवधि समाप्त होने और बकाया किराया दे मकान खाली करने कहा तो तीनों विवाद करने लगे। अगले दिन माधुरी ने दिवाली तक मकान खाली कर देने की बात कही। अजय के भोपाल आने पर 17 नवंबर 2020 को अजाक थाना दुर्ग से अजय को फोन आया कि माधुरी मण्डावी ने आपके खिलाफ जाति सूचक शब्दों के उपयोग करने के संबंध में रिपोर्ट की है।
अजय सेन वापस भिलाई आया एवं अजाक थाने के प्रभारी से मिल अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान अजय को जानकारी मिली कि आरोपियों ने एक राय हो एक फर्जी समझौतानामा स्टम्प पेपर पर 31 अक्टूबर 2020 को तैयार कर रमेश प्रसाद का खुद ही हस्ताक्षर कर अजाक थाने में झूठी शिकायत की है, जिसे सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त कर अजय ने फर्जी दस्तावेज की आड़ लेकर मकान हड़पने की कोशिश करने के खिलाफ दुर्ग पुलिस अधीक्षक दुर्ग को 25 जनवरी 2021 एवं फरवरी 2021 को लिखित शिकायत की।
उसके बाद माधुरी मण्डावी द्वारा अजाक थाने में की गई शिकायत झूठी पाई गई और उक्त प्रकरण समाप्त हो गया। 28 जून 2021 को अजय सेन ने थाना प्रभारी सुपेला को लिखित शिकायत की लेकिन वहां कोई कार्यवाही न होने पर 29 जुलाई 2021 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को लिखित शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई तब न्यायालय के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने की। अजय के अनुसार प्रहलाद एक अपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है, जिसने षड्यंत्रपूर्वक किराये पर अनुसूचित जाति 
की महिला के नाम पर मकान लिया एवं उसमें समाचार का कार्यालय खोलकर एक और महिला के साथ मिलकर मकान हड़पने कोशिश कर एक अपराधिक कृत्य किया है। न्यायालय ने सुपेला पुलिस को अपराध दर्ज करने निर्देश दिए हैं।


