आरोप पत्र लाँचिंग में नहीं जुटी भीड़, उठ रहे सवाल ऑडिटोरियम की खाली सीट भरने कार्यकर्ताओं को फोन करके बुलाया बड़े नेताओं ने….. प्रवेश पास को लेकर कार्यकर्ता नाराज करीब डेढ़ घंटे विलंब से शुरू हुआ कार्यक्रम….

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रायपुर 3 सितंबर 2023 :- प्रदेश भाजपा ने शनिवार को राज्य की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ 104 पेज का आरोप पत्र जारी किया। आरोप पत्र जारी करने के लिए सुबह 10.30 बजे का समय निर्धारित कर राजधानी के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम का चयन किया गया है, मगर प्रवेश पत्र वितरण को लेकर जिस तरह लापरवाही बरती गई, उससे कार्यकर्ता खासे नाराज दिखाई दिए।

आलम यह था कि 1500 सीटर का ऑडिटोरियम पूरी तरह नहीं भर पाया। ऑडिटोरियम के ऊपर हॉल की कुर्सियां लगभग खाली रही। जिससे आयोजकों समेत भाजपा नेताओं के माथे पर बल दिखाई दिया। भाजपा सूत्रों की माने तो कार्यक्रम के एक दिन पहले प्रवेश पास मिला, जिसके चलते समय पर पास का वितरण नहीं हुआ।

आरोप पत्र जारी करने के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की गैरमौजूदगी रही। वहीं प्रदेश प्रभारी ओम माथुर मौजूद रहे। दरअसल सुबह 7 बजे श्री मांडविया अहमदाबाद रवाना हुए। बताया गया कि कुछ जरूरी काम के चलते उन्हें जाना पड़ा। इसी तरह श्री माथुर शनिवार सुबह रायपुर पहुंचे। कार्यक्रम के लिए अनिवार्य था, लिहाजा सुबह 11 बजे तक कार्यकर्ता एक-दूसरे से पास ही मांगते रहे। जब आयोजकों ने 11 बजे तक भीड़ नहीं आई, तब कार्यकर्ताओं को फोन करके बुलाया।

कार्यक्रम में कई जागरूक और गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया था, उनकी मौजूदगी कम रही। हॉल के नीचे की पूरी कुर्सियां ि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से ही भरी रही। इसी तरह कार्यक्रम करीब डेढ़ घंटे प्र विलंब से शुरू हुआ। मंच पर केंद्रीय क गृहमंत्री श्री शाह करीब 12 बजे पहुंचे। इसके पहले ऑडिटोरियम के साउंड त सिस्टम को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर हूटिंग की, तब जाकर साउंड सिस्टम तै सुधारा गया। बताया गया कि कार्यक्रम का आयोजन निजी कंपनी द्वारा किया गया, जिसमें भाजपा नेताओं की भूमिका नगण्य रही

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल का नाम भूले अजय चंद्राकर

आरोप पत्र समिति के संयोजक पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया, मगर भाषण के दौरान वे नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल का नाम भूल गए। उन्होंने क्षमा मांगते हुए पूरे भाषण के बाद उनके नाम का उल्लेख किया। इसके पहले वे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय का नाम लेना भूल गए थे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की भी टंग स्लीप हुई, वे आरोप पत्र को घोषणा पत्र बोल गए


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