सेफी के इस्पात क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के रणनीतिक विलय के प्रस्ताव को पीएमओ ने संज्ञान में लिया…..
00 सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर को प्रधानमंत्री कार्यालय से आया पत्र….
00 फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड का विनिवेश उन्नत चरण में होने की दी जानकारी….

IMG_20230129_182600-1.jpg

भिलाई नगर 17 दिसंबर 2023 :- फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड का विनिवेश उन्नत चरण में, सेल में रणनीतिक विलय हेतु राष्ट्रहित में सेफी के प्रयास जारी सेफी के द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उपक्रमों के रणनीतिक विलय कर मेगा स्टील पीएसयू बनाने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 11 दिसंबर 23 को पुनः अपील पत्र दिया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सेफी के इस्पात क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के रणनीतिक विलय के प्रस्ताव को संज्ञान में लिया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय से सेफी चेयरमेन नरेन्द्र कुमार बंछोर को प्रेषित पत्र के प्रत्युत्तर में प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह बताया गया है कि फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड के विनिवेश की प्रक्रिया उन्नत चरण में है और यह प्रक्रिया “निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डाइपम)“ के द्वारा निर्देशित की जा रही है


विदित हो कि सेफी ने नई दिल्ली में 04.04.2021 को आयोजित सेफी काउंसिल की बैठक में इस्पात क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के रणनीतिक विलय हेतु संकल्प पारित किया था। जिससे सेफी से संबद्ध इस्पात मंत्रालय के अधीन उपक्रम सेल, आर.आई.एन.एल., नगरनार इस्पात संयंत्र, एन.एम.डी.सी., मेकॉन, एफएसएनएल आदि का रणनीतिक विलय कर इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत एक मेगा स्टील पीएसयू का गठन किया जा सके।


सार्वजनिक इस्पात क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारियों का अपेक्स संगठन सेफी प्रारंभ से ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अंधाधुंध नीजिकरण एवं विनिवेश के स्थान पर, पुर्नगठन तथा रणनीतिक समायोजन पर जोर देता रहा है।


सेफी ने आग्रह किया कि विनिवेश किये जाने वाले इन इकाईयों की क्षमता पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए तो इन इकाईयों के अलग-अलग क्षमताओं तथा उपलब्ध संसाधनों को मिलाकर एक लाभकारी रणनीति बनाई जा सकती है जिसमें इन इकाईयों को विनिवेश की आवश्यकता नहीं होगी।

विदित हो कि भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के निर्देशानुसार सेल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के महारत्न कंपनी को सरकार के इस्पात नीति 2030 के तहत क्षमता विस्तार हेतु निर्देशित किया गया है। इसके तहत सेल को विस्तारीकरण का बड़ा लक्ष्य दिया गया है। जिसके तहत एक लाख दस हजार करोड़ रूपये की राशि का निवेश वित्त वर्ष 2030-31 तक करने की योजना है। सेफी का मानना है कि भविष्य में इस मद में की जाने वाली निवेश की राशि से आर.आई.एन.एल. एवं नगरनार इस्पात संयंत्र तथा एफ.एस.एन.एल. जैसी इकाईयों का रणनीतिक विलय कर जहां सेल के विस्तारीकरण के लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त किया जा सकता है वहीं इन कंपनियों के कार्मिकों के हितों की रक्षा तथा क्षेत्र के सामाजिक दायित्वों का निवर्हन को भी प्राथमिकता देते हुए इसका बेहतर संचालन किया जा सकता है।


फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड इस्पात मंत्रालय के अधीनस्थ एक सरकारी उपक्रम है जिसका मुख्यालय भिलाई छत्तीसगढ़ में है। यह संस्था मुख्यतः सरकारी स्टील उपक्रमों जैसे सेल, आरआईएनएल एवं एनएमडीसी जैसे उपक्रमों में स्क्रैप प्रसंस्करण का कार्य करती है।


फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड जो कि अपने स्थापना वर्ष सन् 1979 से ही लगातार अपने कर्मचारियों की मेहनत और लगन के बदौलत आज तक कभी भी घाटे में नहीं रही है और विगत् पांच वर्षों में निम्नानुसार लाभ अर्जित कर चुकी हैः- वित्त वर्ष (राशि करोड़ रू. में) 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 कुल राजस्व 378.42 409.9 364.97 415.39 414.16 कर-पूर्व लाभ 41.09 46.02 32.06 54.18 51.35वर्तमान में एफ.एस.एन.एल. के विनिवेश की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ किया गया है जिसके अंतर्गत डाइपम (DIPAM) के द्वारा मेसर्स बी.डी.ओ. नामक निजी संस्था को ट्रांजेक्शन सलाहकार के रूप में विनिवेश की पूरी जिम्मेदारी दी गई है।

मेसर्स बी.डी.ओ. के द्वारा 31.03.2022 को एफ.एस.एन.एल. के विनिवेश हेतु ई.ओ.आई. का प्रकाशन किया गया था। इससे पूर्व 14.05.2008 को “जे.पी. शुक्ला समिति“ के अनुशंसा रिपोर्ट में इस संदर्भ में दो उपाय सुझाए गए जिसके तहत फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड को सेल की सब्सिडरी कंपनी बनाए जाने की अनुशंसा की गई थी या फिर इसे सेल, आर.आई.एन.एल. एवं एम.एस.टी.सी. लिमिटेड का संयुक्त उद्यम बनाए जाने की अनुशंसा की गई थी जिसमें सेल प्रमुख शेयरधारक हो। तदोपरांत अंतर मंत्रालय समूह (आई. एम. जी.) के द्वारा दिए गए अनुशंसा के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एफ.एस.एन.एल. के विनिवेश ना करने का निर्णय 22 जुलाई 2017 को लिया गया था

एफएसएनएल से सेल को फायदा
विगत चार दशकों से एफएसएनएल सेल को निर्विवाद एवं निर्बाध रूप से अपनी बहुमूल्य सेवाऐं दे रहा है। इतने वर्षों में एफएसएनएल इस्पात संयंत्रों का आंतरिक हिस्सा बन गया है।
ऽ एफएसएनएल के द्वारा सेल में स्लैग एवं स्क्रैप प्रोसेसिंग के द्वारा आयरन एवं स्टील स्कैप की रिकवरी की जाती है। जिसे सेल द्वारा अपने संयंत्रो में विभिन्न लौह उत्पाद बनाने में उपयोग किया जाता है।
एफएसएनएल द्वारा स्लैग एवं स्क्रैप रिकवारी से स्टील प्लांट को बहुमूल्य कच्चे माल की बचत होती है, साथ ही साथ 74ः उर्जा की बचत, 40ः पानी की बचत, जल प्रदूषण में 76ः की कमी, 85ः वायु प्रदूषण में कमी और 97ः खनन कचरे में कमी होती है।
एफएसएनएल द्वारा सेल इस्पात संयत्रों में स्लैग एवं स्क्रैप प्रसंस्करण का कार्य करने से बहुमूल्य धातु स्क्रैप की रक्षा होती है।

एफएसएनएल के विनिवेश से सरकार को नुकसान
एफएसएनएल द्वारा प्रतिवर्ष सरकार को औसतन रू. 25 से लेकर 35 करोड़ रू. लाभांश के तौर पर दिया जा रहा है जबकि भारत सरकार के द्वारा इसमें मात्र रू. 32 करोड़ का निवेश किया गया था।
एफएसएनएल कम लागत में अधिक लाभ देने वाली संस्था है।
एफएसएनएल के निजीकरण के पश्चात स्क्रैप माफिया एवं बिचौलियों के लिए सरकारी इस्पात सयंत्रो में घुसपैठ के अवसर उपलब्ध हो जायेंगे जिससे राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान होना तय है और न सिर्फ सरकार को क्षति होगी अपितु इससे सरकारी इस्पात संयंत्रों को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान होगा।
एफएसएनएल में मौजूदा स्थिति में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा कोई भी ठोस/स्थायी संपत्ति नहीं है।


सेफी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बताया कि एफएसएनएल के प्रस्तावित विनिवेश की प्रक्रिया अभी भी आगे बढ़ाई जा रही है तथा सेफी “निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डाइपम)“ के सचिव से सार्वजनिक इस्पात उपक्रमों के रणनीतिक विलय हेतु भी 13 दिसंबर 23 को निवेदन किया है।राष्ट्रहित में केन्द्र शासन को सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों का निजीकरण के स्थान पर इसके पुर्नगठन व रणनीतिक विलय कर इसका सुनियोजित संचालन हेतु प्रयास किया जाना चाहिए।


scroll to top