सर्वजन कल्याणार्थ के उद्देश्य से किया गया श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन….सेक्टर 2 राम भद्र सेवा मंडल के प्रांगण में 15 जनवरी तक चलेगी भागवत कथा।

भिलाई नगर 09 जनवरी 2025:- सम्प्रति सेवा समिति भिलाई के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन 9 जनवरी से 15 जनवरी तक दोपहर 1 बजे से 5 बजे तक श्री रामभद्र सेवा मंडल सेक्टर 2 में आचार्य संदीप तिवारी द्वारा सर्वजन कल्याणार्थ के उद्देश्य से किया गया है। जिसके प्रथम दिवस गुरुवार को व्यासपीठ से कथावाचक ने भागवत कथा का लाभ, अर्थ व कथा का महात्म्य एवं महिलाओं को ही कलश उठाने का अधिकार है पुरुषों को नही के संदर्भ में भी बताया।

निकाली गई कलश यात्रा
श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस गुरुवार की सुबह 10 बजे गाजे-बाजे व आतिशबाजी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान सैकड़ों महिलाएं पीले व लाल वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर कथा स्थल से निकलकर हनुमान मंदिर व सड़क 2 अयप्पा मंदिर से विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए वापस कथा स्थल पर पहुंची थी।




कलश में तीन देवीयों का पुण्य-प्रताप,,,,,
आचार्य ने कलश की व्याख्या करते हुए महिलाओं को बेहद ऊर्जावान व सशक्त बताते हुए कहा कि कलश तीन शब्दों से बना है। कलश में क से काली, ल से लक्ष्मी व स से माता सरस्वती का वास होता है। यह तीनों माताओं के तेज को सिर पर उठाने जैसा महान कार्य केवल महिलाएं ही कर सकती है। साथ ही कलश में जल के देवता वरुण का निवास होता है। इसलिए कलश उठाने की अधिकारी केवल महिलाएं ही मानी गई है।


वैदिक मंत्रोउच्चार से हुई वेदी स्थापना,,,,,,
कथा के प्रथम दिवस विद्वान पंडितों द्वारा सुबह 10 बजे से पूरे विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ यजमानों ने कलश यात्रा और बेदी स्थापना कर पूजन किया। मुख्य यजमानों की उपस्थिति में दोपहर 1 बजे श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत आचार्य पंडित संदीप तिवारी ने भागवत जी की आरती कर किया गया। इस दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा कब, क्यों, कैसे व उसके फल का महात्म्य व कलश के संदर्भ में विस्तार से व्याखाया की।


भागवत कथा व कलश का बताया महात्मय
राम कृपा बिनु सुलभ न सोई, बिनु सत्संग विवेक न होई, ,
यानी जब तक मानव के जीवन में प्रभु राम की कृपा नही होती तब तक हम किसी कथा में नही जा सकते व सत्संग का लाभ नही ले सकते है। यह बातें श्रीराम भद्र सेवा मंडल सेक्टर 2 के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के पहले दिन कथावाचक आचार्य पंडित संदीप तिवारी ने कहा। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का सप्रसंग विस्तार से व्याख्यान करते हुए कहा कि भागवत चार शब्दों से बना है जिसका अर्थ है कि भागवत कथा सुनने से भ से भाग्य खुल जाते है, ग से गुमान ( अहंकार) घट जाता है व से वल व बुद्धी बढ़ जाती है एवं त से तकदीर खुल जाती है। वेद रुपी वृक्ष का फल ही भागवत कथा है इसलिए प्रत्येक सनातनी व्यक्ति को भागवत कथा अवश्य ही सुननी चाहिए। माता भक्ति एवं उनके दो पुत्र ज्ञान व वैराग्य के बारे में बताया।
आज होगी इनकी व्याख्या:
आचार्य पं संदीप तिवारी ने बताया कि कथा के द्वितीय दिवस मंगलाचरण, श्री सुकदेव अवतार, परीक्षित जन्म, सृष्टी विस्तार, हिरण्याक्ष वध, राजा परिक्षित जन्म, कपिल अवतार आदि प्रसंगों का विस्तार पूर्वक व्याख्या की जाएगी।
















