हाईकोर्ट ब्रेकिंग :- पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन मामले का निराकरण करें…. जज अमितेंद्र किशोर प्रसाद..

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हाईकोर्ट ब्रेकिंग :- पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन मामले का निराकरण करें…. जज अमितेंद्र किशोर प्रसाद

बिलासपुर 20 फरवरी 2025:- ग्राम-पंडरीडांड, उदयपुर, जिला-सरगुजा निवासी नरेश पैंकरा पुलिस विभाग में एस.टी.एफ., बघेरा, जिला-दुर्ग में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। उनकी पदस्थापना के दौरान जून-2024 में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल एवं जिला पुलिस बल द्वारा संयुक्त रूप से पुलिस थाना-कोहकामेटा, जिला-नारायणपुर में एक एण्टी नक्सल आपरेशन किया गया एवं उक्त एण्टी नक्सलाईड आपरेशन के पश्चात् नक्सलियों को मारा गया एवं भारी मात्रा में हथियार जब्त किया गया।

आरक्षक नरेश पैंकरा द्वारा उक्त एण्टी नक्सल आपरेशन में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करने के पश्चात् भी उसे प्रधान आरक्षक के पद पर ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान न किये जाने से क्षुब्ध होकर नरेश पैंकरा द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं पी.एस. निकिता के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं पी.एस. निकिता द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया

कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल अधिनियम-1973 की धारा 56(3) एवं पुलिस रेगुलेशन 1861 के रेगुलेशन 70 में यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई पुलिस अधिकारी/कर्मचारी किसी साहसिक कार्य या एण्टी नक्सल आपरेशन में शामिल होकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तो उस पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को उच्च पद पर ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया जायेगा। याचिकाकर्ता जून-2024 में कोहकामेंटा, जिला-नारायणपुर में किये गये एण्टी नक्सल आपरेशन में शामिल होकर 08 (आठ) नक्सलियों को मार गिराया इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारूद जब्त किया गया। इसके बावजूद भी याचिकाकर्ता को प्रधान आरक्षक पद पर ऑउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन प्रदान नहीं किया गया।

उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात् रिट याचिका को स्वीकार कर पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) पुलिस मुख्यालय, रायपुर को यह निर्देशित किया गया कि वे छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल अधिनियम-1973 की धारा 56 (3) एवं पुलिस रेगुलेशन 1861 के रेगुलेशन 70 के तहत याचिकाकर्ता को प्रधान आरक्षक पद पर ऑउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किये जाने हेतु प्रस्तुत अभ्यावेदन का निराकरण करें।

संलग्न (1) उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा रिट याचिका W.P. (S) No. 8251/2024 में दिनांक 12.02.2025 को जारी आदेश की प्रति।


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