कोंटा सुकमा मार्ग पर डोंडा के पास आईईडी विस्फोट में ASP आकाश राव गिरपुंजे शहीद... मंगलवार 10 जून को होगा अंतिम संस्कार ... - Steel City Online News Portal

कोंटा सुकमा मार्ग पर डोंडा के पास आईईडी विस्फोट में ASP आकाश राव गिरपुंजे शहीद… मंगलवार 10 जून को होगा अंतिम संस्कार …

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कोंटा सुकमा मार्ग पर डोंडा के पास आईईडी विस्फोट में ASP आकाश राव गिरपुंजे शहीद… मंगलवार 10 जून को होगा अंतिम संस्कार …

सुकमा 09 जून 2025:- 09 जून 2025 की सुबह लगभग 0900 बजे , कोंटा थाना से करीब 3.5 किमी और कोंटा-सुकमा मुख्य मार्ग से लगभग 700 मीटर अंदर डोंड्रा के पास एक दर्दनाक घटना हुई, जहां एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में कोंटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी)  आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए, जबकि दो अन्य अधिकारी घायल हो गए।

सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब एएसपी श्री आकाश राव गिरीपुंजे, एसडीओपी श्री भानुप्रताप चंद्राकर, कोंटा थाना प्रभारी निरीक्षक श्री सोनल गवला एवं अन्य जवान पैदल गश्त पर थे। यह गश्त डोंड्रा क्षेत्र में कल  08 जून 2025 रात एक जेसीबी मशीन की आगजनी की सूचना के जांच और आगे की कार्रवाई करने और 10 जून 2025 को सीपीआई (माओवादी) द्वारा घोषित भारत बंद के मद्देनज़र क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अन्य नक्सली गतिविधि को रोकने के लिए अग्रिम सुरक्षा बंदोबस्त के लिए की जा रही थी।

घटनास्थल का निरीक्षण करते समय एक प्रेशर-एक्टिवेटेड आईईडी विस्फोट हुआ, जिसमें अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। एएसपी आकाश राव को विस्फोट का पूरा प्रभाव झेलना पड़ा, जिससे उन्हें दोनों पैरों के घुटनों के नीचे तक गंभीर चोटें आईं। घायल अधिकारियों को तुरंत कोंटा अस्पताल ले जाया गया, जो विस्फोट स्थल से मात्र 03 किमी की दूरी पर है। डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद एएसपी आकाश राव को बचाया नहीं जा सका।

एसडीओपी श्री भानुप्रताप चंद्राकर एवं निरीक्षक श्री सोनल गवला को भी चोटें आई हैं, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वे दोनों खतरे से बाहर हैं। दोनों अधिकारियों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट किया गया है और उनकी हालत में सुधार बताया गया है।

बम डिटेक्शन एवं डिस्पोजल टीम द्वारा घटनास्थल की तलाशी के दौरान एक अन्य प्रेशर आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किया गया। घटनास्थल से विस्फोटक अवशेष और साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। इस संबंध में कोंटा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।

■ घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में माओवादियों की तलाश के लिए सर्च टीमों को रवाना कर दिया गया है। इस कायरतापूर्ण कृत्य के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

■ श्री आकाश राव गिरीपुंजे, उम्र 42 वर्ष, रायपुर जिले से थे और 2013 बैच के डायरेक्ट डीएसपी रिक्रूट थे। मार्च 2024 से वे कोंटा में एएसपी के रूप में कार्यरत थे। वे माणपुर-मोहला और सुकमा जैसे अत्यंत संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य कर चुके थे। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वे पूरे बल और आम जनता के बीच अत्यधिक सम्मानित थे।

■ आज दिनांक 09 जून 2025 की दोपहर में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार हेतु रायपुर एयरलिफ्ट किया गया। शहीद अधिकारी श्री आकाश राव को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु 10 जून 2025 (मंगलवार) को सुबह 09:00 बजे छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 4वीं वाहिनी, माना, रायपुर में गार्ड ऑफ ऑनर आयोजित किया जाएगा, जिसके पश्चात उन्हें सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

■ बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी. ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस कायरतापूर्ण माओवादी हमले की कड़ी निंदा की और कहा:

“श्री आकाश राव गिरीपुंजे की शहादत परिवार ही नहीं, पूरे पुलिस बल के लिए अपूरणीय और अत्यंत पीड़ादायक क्षति है। यह सर्वोच्च बलिदान बस्तर को माओवाद से मुक्त करने के हमारे संकल्प को और सुदृढ़ करेगा। अब माओवादी संगठन इतना कमजोर और निराश हो चुका है कि वह सीधी लड़ाई लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इसलिए वे कायरतापूर्ण तरीके से आईईडी, नागरिकों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कृत्य कर रहे हैं। लेकिन ये साजिशें कभी भी हमारे बल का मनोबल नहीं तोड़ पाएंगी।”

■ उन्होंने सभी अधिकारियों और जवानों से साहस और दृढ़ संकल्प बनाए रखने की अपील की:

“हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक बस्तर को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त नहीं कर देते। श्री आकाश राव और अन्य शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनका विरासत हमारे प्रयासों को शांति, समृद्धि और विकास की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।”

■ भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस मुख्यालय और समूचा पुलिस एवं नागरिक समाज इस कठिन घड़ी में हमारे वीर योद्धा के परिवार के साथ खड़ा है। श्री आकाश राव का साहस, समर्पण और बलिदान इस राज्य और देश की सामूहिक स्मृति में सदा अमर रहेगा।

■ श्री आकाश राव का शहादत केवल बलिदान नहीं, एक प्रकाशस्तंभ है—हर अधिकारी, हर जवान और हर बस्तरवासी के लिए। यह हमें याद दिलाती है कि शांति और समृद्ध बस्तर का सपना अब दूर नहीं। सभी शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आइए हम फिर से संकल्प लें—हिंसा का मुकाबला संकल्प से करें, डर का सामना साहस से करें, और अंधकार को आशा से हराएं। एकजुट होकर हम बस्तर को शांति, गरिमा और विकास की धरती बनाएंगे, जहां हमारे नायकों की कुर्बानियाँ पीढ़ियों तक प्रेरणा देती रहेंगी।



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