बीएसपी-जेएलएन चिकत्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह 2025….

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बीएसपी-जेएलएन चिकत्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह 2025


भिलाई नगर 07 अक्टूबर 2025:- भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी) में 5 से 11 अक्टूबर 2025 तक अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य संक्रमण निवारण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा रोगियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने में सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करना है।


चिकत्सालय संक्रमण नियंत्रण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में इस वर्ष के वैश्विक थीम “संक्रमण निवारण के लिए ‘स्टैंड यूपीपीपी – यूनाइट, प्रोटेक्ट, प्रिवेंट एंड प्रीवेल’ (यूपीपीपी का समर्थन करें – एकजुट हों, सुरक्षा करें, रोकथाम करें, प्रबल हों”) पर विशेष बल दिया गया। इस विषय के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में एकता और सामूहिकता की उस भावना को उजागर किया गया जो समुदायों की रक्षा, संक्रमणों की रोकथाम और एक सुरक्षित, स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक है।


सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन की शुरुआत 7 अक्टूबर 2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी द्वारा की गई। इस अवसर पर उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर तथा डॉ. उदय कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ एक जागरूकता पोस्टर के विमोचन से हुआ, जिसके पश्चात् ओपीडी परिसर में चिकित्सा विभाग की विभिन्न इकाइयों हेतु पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्रों तथा कर्मचारियों ने अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह 2025 विषय पर जागरूकता एवं ज्ञानवर्धक पोस्टर बनाकर भाग लिया, जिससे संक्रमण नियंत्रण के महत्व पर प्रभावी संदेश दिया गया।


इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी (क्यूएमडी) डॉ. अनिरुद्ध मेने, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चेयरमैन (आईसीसी, जेएलएनएचआरसी) डॉ. संबिता पांडा के साथ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं क्यूएमडी के प्रतिनिधि सुश्री बीना जोस और जूनियर मैनेजर श्रीमति रेज्जी वेणुगोपाल सहित चिकित्सालय स्टाफ एवं छात्र उपस्थित थे।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) डॉ. विनीता द्विवेदी ने कहा कि हाथों की स्वच्छता और सफाई जैसे सरल उपाय संक्रमण नियंत्रण की दिशा में अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने महामारी के दौरान अपनाई गई सावधानियों को निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया। डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर ने अस्पतालों में आगंतुक नियंत्रण को संक्रमण के प्रसार की रोकथाम में महत्त्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में सभी को सजग रहने का संदेश दिया। वहीं, डॉ. उदय कुमार ने अवसरवादी संक्रमणों की रोकथाम हेतु सतत जागरूकता और अनुशासित व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया।
जागरूकता अभियान को और अधिक सजीव बनाने हेतु अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने एक नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें स्वास्थ्य सेवा व्यवस्थाओं में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण की भूमिका को रोचक तरीके से दर्शाया गया।


कार्यक्रम का संचालन चीफ़ कंसलटेन्ट (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं-कैजुअल्टी) डॉ. आकांक्षा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्रबंधक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) सुश्री अनुजा सक्सेना ने प्रस्तुत किया।

इस वर्ष 5 से 11 अक्टूबर तक विभिन्न जन-जागरूकता और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 9 अक्टूबर को “वयस्क टीकाकरण” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) व्याख्यान तथा 10 अक्टूबर को हाउसकीपिंग स्टाफ हेतु प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान का समापन 11 अक्टूबर 2025 को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा तथा संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु ‘सर्वश्रेष्ठ हाउसकीपर पुरस्कार’ भी प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि चिकित्सा विभाग, जेएलएनएचआरसी की चिकत्सालय संक्रमण नियंत्रण समिति के तत्वावधान में वर्ष 2012 से प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह का आयोजन कर रही है।


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