ऋण वसूली के 85 लाख रूपए का संग्रह कर्मचारियों ने किया गबन….

10 संग्रह कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज…..

पुलगांव थाना पुलिस ने किया 6 आरोपियों को गिरफ्तार
भिलाई नगर 10 नवंबर 2025:- पुलगांव थाना क्षेत्र में 85 लाख रुपए के गबन का मामला उजागर हुआ है। बैंक द्वारा दिए गए ऋण की वसूली के लिए रखे गए 10 कर्मचारियों ने इस गबन को अंजाम दिया है। शिकायत के बाद पुलिस ने सभी 10 संग्रह कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर 6 को गिरफ्तार कर लिया है। मामला ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक शाखा दुर्ग का है। बैंक द्वारा 240 ग्राहकों को ऋण बांटा था। संग्रह कर्मचारियों ने ग्राहकों से रकम एकत्रित कर स्वयं के उपयोग में 85 लाख रुपए खर्च कर दिया।
मामले में आवेदक मोहित देशमुख क्षेत्रीय प्रबंधक, ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक शाखा दुर्ग द्वारा थाना पुलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया गया था। रिपोर्ट में हिरन बाई साहू, ग्राम चन्द्रखुरी सहित अन्य 239 ग्राहकों से ईसाफ बैंक के ऋण के रूप में सम्पूर्ण धन राशि लगभग 85 लाख रुपए ली गई थी। ऋण की रकम ईसाफ बैंक में जमा नहीं की गई। बैंक ने ऋण लेने वाले ग्राहकों से संपर्क साधा तो उन्होंने बताया कि वे रकम जमा कर चुके हैं। बैंक के रकम को संग्रह कर्मचारियों ने स्वयं के निजी उपयोग में कर लिया है। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में 10 संग्रह कर्मचारियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया। वहीं 6 की गिरफ्तारी हुई है। इसमें टीकाराम पाटले उम्र 35 वर्ष ग्राम लोरमी जिला मुंगेली, आकाश नायक उम्र 30 वर्ष ग्राम बसना जिला महासमुंद, ओम प्रकाश कोसरे उम्र 21 वर्ष बजरंग नगर उरला, आर्या गोस्वामी उम्र 25 वर्ष साकिन दल्लीराजहरा जिला बालोद, रेशमा वर्मा 25 साकिन आदित्य नगर दुर्ग थाना मोहन नगर एवं अंकिता पासवन उम्र 22 वर्ष ग्राम कोसा नगर सुपेला भिलाई शामिल हैं।
आरोपियों द्वारा दिनांक 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के मध्य कुल 84 लाख 98940 रुपए खर्च कर गबन कर लिया गया है। रिपोर्ट पर थाना पुलगांव में धारा 420, 409, 120 बी भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया था। विवेचना के दौरान पाया गया कि आरोपी बैंक में संग्रह कर्मचारी के रूप में काम करते थे। बैंक द्वारा 240 ग्राहकों को दी गई लोन की राशि टीका राम पाटले , आकाश नायक, अंकिता पाशवान, आर्य गोस्वामी, रेशमा वर्मा, ओमप्रकाश कोसरे एवं अन्य चार लोगों सहित कुल राशि लगभग 85 लाख रुपए ग्राहकों से एकत्रित कर बैंक में जमा नहीं कर धोखाधड़ी किया गया।

