भिलाई मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की आकस्मिक मौत, वन अधिकारियों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम एवं अंतिम संस्कार….

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मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की आकस्मिक मौत, वन अधिकारियों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम एवं अंतिम संस्कार

भिलाई नगर 02 दिसंबर 2025:-  मैत्री बाग जू में सफेद मादा बाघ जय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के बाद जू प्रबंधन और वन विभाग में हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार जया की उम्र करीब 10 वर्ष थी. उसकी अचानक मौत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची ।

सोमवार 01 दिसंबर को प्रातःकाल मैत्री बाग चिड़ियाघर में सफेद बाघिन जया की आकस्मिक मौत हो गई है। जिसकी जानकारी वनमंडलाधिकारी, दुर्ग को दी गई तथा दोपहर को वनमण्डलाधिकारी, दुर्ग की उपस्थिति में एवं उनके मार्गदर्शन में शासकीय चिकित्सक एवं वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स के विशेषज्ञ द्वारा पोस्टमार्टम किया गया तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी की उपस्थिति में मृत बाघिन का दाह संस्कार किया गया।

पेट में इंफेक्शन होने की वजह से मौत

अधिकारियों के मुताबिक जया कल तक बिल्कुल ठीक थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार उसके पेट में इंफेक्शन होने की वजह से उसकी मौत हुई है। दरअसल, मैत्री बाग देश में सफेद बाघों के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है।

1990 में नंदन कानन से जोड़ा लाया गया

1990 में नंदन कानन से यहां पहला सफेद बाघ जोड़ा लाया गया था। तब से लेकर अब तक कुल 19 सफेद बाघों का जन्म इसी जू में हुआ है। इनमें से 13 को राजकोट, कानपुर, बोकारो, इंदौर, मुकुंदपुर और रायपुर सहित छह राज्यों में भेजा जा चुका है। जया की मौत के बाद अब यहां 5 सफेद बाघ मौजूद हैं। देश में सफेद बाघों की कुल संख्या लगभग 160 आंकी जाती है, जिनमें से 19 अकेले मैत्री बाग की देन हैं।

हर साल आते हैं 12 लाख पर्यटक

मैत्री बाग में हर साल लगभग 12 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। छुट्टियों और त्योहारों के दिनों में यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है। इसके बावजूद यहां होने वाला खर्च आय से कई गुना अधिक है। जू के संचालन में कुल 50 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें नियमित और ठेका कर्मचारी शामिल हैं। बीएसपी प्रबंधन हर साल करीब 4 करोड़ रुपए खर्च करता है, जबकि 20 रुपए प्रति टिकट के हिसाब से कुल आय सिर्फ 1.5 करोड़ रुपए होती है।


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