रुंगटा कॉलेज कोहका में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत रोड सेफ्टी एवं ट्रैफिक इंजीनियरिंग विषय पर सेमिनार का आयोजन
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात), विश्वविद्यालय प्रशासन, यातायात सलाहकार, द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई सेंटर, एनएसएस स्वयंसेवक एवं सामाजिक संस्था दिशा की सहभागिता

लगभग 250 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
भिलाई नगर 12 जनवरी 2026:- रुंगटा कॉलेज, कोहका में दुर्ग पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत “रोड सेफ्टी एवं ट्रैफिक इंजीनियरिंग” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री ऋचा मिश्रा, रुंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी (R1) के चांसलर संतोष रुंगटा, वाइस चांसलर सौरभ रुंगटा, विशेष अतिथि यातायात सलाहकार एवं कोच ए.डी. जोशी एवं दिनेश टांक, द इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई सेंटर से पुनीत चौबे, बी.पी. यादव, एस.एन. पाठक, सुश्री शुभासिनी बोधराज, एनएसएस के स्वयंसेवक एवं सामाजिक संस्था दिशा के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 250 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
विशेष अतिथि श्री ए.डी. जोशी द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। यातायात सलाहकार श्री दिनेश टांक द्वारा कविता के माध्यम से यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही छात्र-छात्राओं को “राहवीर योजना” के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने पर राज्य शासन द्वारा ₹25,000 तथा केंद्र सरकार द्वारा ₹1,00,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल द्वारा अपने संबोधन में हेलमेट का अनिवार्य उपयोग, बिना लाइसेंस वाहन न चलाना, नशे की हालत में वाहन न चलाना, ट्रिपल सवारी न करना, रैश ड्राइविंग एवं स्टंट न करने जैसे यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं युवावर्ग में घटित हो रही हैं, जिनका प्रमुख कारण यातायात नियमों का पालन न करना है। उन्होंने पूर्व में घटित सड़क दुर्घटनाओं के उदाहरण देते हुए यह भी बताया कि वाहन चलाते समय कान में ईयरफोन लगाना, बिना हेलमेट वाहन चलाना तथा मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना गंभीर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहा है।



कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें भविष्य में जिम्मेदार, अनुशासित एवं सुरक्षित चालक बनने के लिए प्रेरित किया गया।



