यातायात सलाहकार एवं महाविद्यालय प्रबंधन की गरिमामयी उपस्थिति।
🔸 छात्रों को हेलमेट की अनिवार्यता, रैश ड्राइविंग के दुष्परिणाम, ट्रिपल सवारी से होने वाली दुर्घटनाओं एवं यातायात नियमों की जानकारी।
🔸 छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यातायात नियमों के पालन का संदेश।
🔸 डीएसपी (लाइन) द्वारा छात्रों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।

भिलाई नगर; 15 जनवरी 2026 :- यातायात सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा शंकरा नर्सिंग कॉलेज, जुनवानी में एक व्यापक एवं प्रभावशाली यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ ए.डी. जोशी, डीएसपी (लाइन) चंद्रप्रकाश तिवारी, यातायात सलाहकार दिनेश टांक, शंकरा नर्सिंग कॉलेज की डायरेक्टर कम प्रोफेसर डॉ. श्रीमती सिंधु अनिल, प्राचार्य डॉ. श्रीमती शैलजा अनिल, एचओडी श्रीमती बीना आर. थॉमस तथा महाविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा नर्सिंग कॉलेज के छात्रों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के अनिवार्य उपयोग, तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं के गंभीर परिणाम, ट्रिपल सवारी के कारण बढ़ते जोखिम, तथा यातायात नियमों के उल्लंघन से उत्पन्न कानूनी दायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्रों को यह भी समझाया गया कि सुरक्षित यातायात व्यवहार केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक सड़क उपयोगकर्ता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ दायित्व है।

इस अवसर पर नर्सिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन कर हेलमेट के उपयोग, अनुशासित वाहन संचालन, यातायात संकेतों के पालन एवं सुरक्षित गति से वाहन चलाने का संदेश प्रभावी और सरल माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक व्यापक रूप से प्रसारित हुआ।
कार्यक्रम में डीएसपी (लाइन) चंद्रप्रकाश तिवारी द्वारा सभी उपस्थित छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने, सदैव सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने तथा स्वयं एवं दूसरों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की शपथ दिलाई गई
यह कार्यक्रम यातायात सुरक्षा माह 2026 के उद्देश्यों के अनुरूप युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी एवं अनुशासन विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। संपूर्ण शिविर में उज्ज्वला भोसले एवं कांक्षी हिरवानी का विशेष सहयोग सराहनीय रहा।
ग्रामीण महिलाओं को जिन्होंने व्यंजन प्रतियोगिता में भाग लिए थे एवं जो बच्चे खेल प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किए थे उन्हें पुरस्कार देखकर सम्मानित किया गया। छगन लाल एवं प्रज्ञा वर्मा को सर्वश्रेष्ठ स्वयं सेवक एवं सर्वश्रेष्ठ स्वयं सेविका को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन एनएसएस स्वयंसेवक पुरूषोतम सिंह राजपूत द्वारा किया गया। यह सात दिवसीय विशेष शिविर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शिल्पा कुलकर्णी एवं सहकार्यक्रम अधिकारी ठाकुर रंजीत सिंह के कुशल मार्गदर्शन में अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं जनहितकारी सिद्ध हुआ। शिविर ने स्वयंसेवकों में सेवा, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।





