सेवाकाल के दौरान शासकीय अधिकारी / कर्मचारी से नहीं की जा सकती वसूली (Recovery)…

पुलिस निरीक्षक-इंस्पेक्टर के विरूद्ध जारी वसूली आदेश निरस्त…

बिलासपुर 27 जनवरी 2026:- पुरानी पुलिसलाईन, लालबाग, राजनांदगांव निवासी देवप्रकाश दादर पुलिस दूरसंचार केन्द्र, राजनांदगांव में पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) दूरसंचार के पद पर पदस्थ है। उनके सेवाकाल के दौरान पुलिस अधीक्षक, दूरसंचार, भिलाई जोन द्वारा देवप्रकाश दादर के पूर्व सेवाकाल के दौरान उन्हे वेतनवृद्धि की गणना गलत तरीके से किये जाने के आधार पर अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर उनके विरूद्ध वसूली आदेश जारी कर दिया गया।
उक्त वसूली आदेश से क्षुब्ध होकर देवप्रकाश दादर द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर वसूली आदेश को चुनौती दी गई। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि पूर्व में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टेट ऑफ पंजाब विरूद्ध रफीक मसीह के वाद, सुप्रीम कोर्ट द्वारा थॉमस डेनियल विरूद्ध स्टेट ऑफ केरला, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जोगेश्वर साहू केश इसके साथ ही हाईकोर्ट बिलासपुर की डिवीजन बेन्च द्वारा छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य विरूद्ध एल.आर. ध्रुव के वाद में यह न्यायदृष्टांत पारित किया गया है कि किसी भी तृतीय श्रेणी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी से अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर वसूली नहीं की जा सकती है।

इसके साथ किसी शासकीय अधिकारी / कर्मचारी को वसूली दिनांक से यदि 05 (पांच) वर्षों पूर्व गलत तरीके से वेतनवृद्धि जोड़कर अधिक वेतन भुगतान कर दिया गया है इसके बावजूद भी उक्त शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को अधिक भुगतान की राशि की वसूली नहीं की जा सकती है।


जज पार्थ प्रतीम साहू उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात् रिट याचिका को स्वीकार कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रफीक मसीह, थॉमस डेनियल, जोगेश्वर साहू के वाद में पारित न्यायदृष्टांतों के आधार पर याचिकाकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर, दूरसंचार के विरूद्ध जारी वसूली आदेश को निरस्त कर एस.पी., दूरसंचार, भिलाई जोन को यह निर्देशित किया गया कि वे याचिकाकर्ता से वसूल की गई राशि का तत्काल भुगतान करें।






