नेहरु आर्ट गैलरी में वीरेन्द्र पटनायक द्वारा द्वारा खींची गई छायाचित्रों की एकल प्रदर्शनी उद्घाटित

भिलाई नगर 19 सितंबर 2025:- भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित, इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर स्थित नेहरू आर्ट गैलरी में वरिष्ठ फोटोग्राफर श्री वीरेन्द्र पटनायक द्वारा खींचे गए छायाचित्रों की एकल प्रदर्शनी का उद्घाटन 18 सितम्बर 2025 को संध्याकाल मुख्य महाप्रबंधक (पॉवर फैसिलिटी) राजीव पाण्डेय द्वारा किया गया।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर महाप्रबंधक (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) अमूल्य प्रियदर्शी, महाप्रबंधक (जनसम्पर्क) प्रशान्त तिवारी, महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक (जनसंपर्क) जवाहर बाजपाई, उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया तथा वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव, पटनायक के परिवारजन, संयंत्र के अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण सहित इस्पात नगरी के अन्य वरिष्ठ कलाकार, आर्ट क्लब के सदस्य एवं फोटोग्राफी प्रेमी तथा आम नागरिक उपस्थित थे।

प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य अतिथि श्री राजीव पाण्डेय ने प्रदर्शनी के आयोजन की सराहना की। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि श्री पटनायक द्वारा खींचे गए छायाचित्रों की यह प्रदर्शनी निश्चित ही फोटोग्राफी प्रेमियों एवं कला साधकों के लिए प्रेरणास्रोत है।

सारंगढ़ (जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) के मूल निवासी वीरेन्द्र पटनायक का जन्म 10 नवम्बर, 1964 को हुआ। पटनायक ने स्नातक की शिक्षा शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर (1984) से तथा एन.सी.व्ही.टी., माना, रायपुर (1986) से प्राप्त की। वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए श्री पटनायक ने संयंत्र के बीबीएम, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 तथा वैगन रिपेयर शॉप सहित अन्य विभागों में अपनी सेवाएं दी है।

पटनायक को बचपन से ही संगीत, नाटक और फोटोग्राफी का गहरा शौक रहा। उनके फोटोग्राफी के सफर की शुरुआत उनके चाचा गौरीशंकर पटनायक के कैमरे से हुई। समय-समय पर उन्होंने रोलीफ्लेक्स, याशिका, निकॉन, केनन और कई आधुनिक कैमरों से अपनी कला को निखारा। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में भी उनकी विशेष रूचि रही है।

उन्होंने अपने छायाचित्रों के माध्यम से दण्डकारण्य, बीजापुर, उसुर सहित अनेक जलप्रपातों और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में योगदान दिया। सारंगढ़ का गोमर्डा अभ्यारण्य और विष्व प्रसिद्ध गढ़ विच्छेदन जैसे स्थलों के पर्यटन प्रचार-प्रसार में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 18 से 20 सितम्बर, 2025 तक प्रतिदिन संध्या 5.30 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक आम जनता के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।





