सर्वजन कल्याणार्थ के उद्देश्य से किया गया श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन….
सेक्टर 2 राम भद्र सेवा मंडल के प्रांगण में 15 जनवरी तक चलेगी भागवत कथा

गाजे-बाजे व आतिशबाजी के साथ भव्य कलश यात्रा निकली
भिलाई नगर 08 जनवरी 2026:- सम्प्रति सेवा समिति और प्रेम नारायण समिति के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन 9 जनवरी से 15 जनवरी तक दोपहर 1 बजे से 5 बजे तक श्रीरामभद्र सेवा मंडल सेक्टर 2 के प्रांगण में आचार्य पंडित संदीप तिवारी द्वारा सर्वजन कल्याणार्थ के उद्देश्य से किया गया है। श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह की शुरुआत से पहले गुरुवार को कथा स्थल राम भद्र सेवा मंडल सेक्टर 2 से कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं शामिल रही। कलश यात्रा में एक दिव्यांग भी कलश लेकर यात्रा शामिल हुई। आयोजन में दिवंगतो की स्मृति में 7 पोथी परिवार जनों द्वारा बैठाई गई है।
श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस गुरुवार दोपहर 1 बजे गाजे-बाजे व आतिशबाजी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान सैकड़ों महिलाएं पीले व लाल वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर कथा स्थल से निकलकर हनुमान मंदिर व सड़क 2 अयप्पा मंदिर से विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए वापस कथा स्थल पर पहुंची थी। जिसमें मुख्य यजमान अमित सपना श्रीवास्तव और सुशांत नीलम सिंह द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर पार्षद विनोद सिंह उपस्थित थे।








कथा के प्रथम दिवस शुक्रवार को विद्वान पंडितों द्वारा सुबह 10 बजे से पूरे विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ बेदी स्थापना कर पूजन किया जायेगा। मुख्य यजमानों की उपस्थिति में दोपहर 1 बजे श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत भागवत की आरती कर की जायेगी। इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा कब, क्यों, कैसे व उसके फल का महात्म्य व कलश के संदर्भ में विस्तार से व्याखाया की जायेगी।
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आज होगी इनकी व्याख्या:
आचार्य पं संदीप तिवारी ने बताया कि कथा के प्रथम दिवस शुक्रवार को वेदी स्थापना, पोथी पूजन, कथा महात्मय और गौकर्ण की कथा सुनाई जायेगी। दूसरे दिन मंगलाचरण, श्री सुकदेव अवतार, परीक्षित जन्म, सृष्टी विस्तार, हिरण्याक्ष वध, राजा परिक्षित जन्म, कपिल अवतार आदि प्रसंगों का विस्तार पूर्वक व्याख्या की जाएगी। तीसरे दिन कपिल देवहूति संवाद, सती चरित्र, शिव-पार्वती विवाह जड भरत कथा, ध्रुव चरित्र, अजामिल उपाख्यान, गजेन्द्र मोक्ष एवं वामन अवतार, चौथे दिन सूर्य बंश बर्णन, राम जन्म उत्सव चन्द्र वंश वर्णन एवं कृष्ण कृष्ण जन्म उत्सव, पांचवे दिन पूतना वध, सकटा सुर, त्यावर्त वच माखनचोरी लीला, गोवर्धन लीला, छठवें दिन वृन्दावन गमन, मथुरा गमन, कंस वध, उद्धव चरित्र, रुकमणी मंगल और सातवें दिन सुदामा चरित्र, कृष्ण का राधा जी से मिलन, उद्धव शोक, पदवश विनाश, दत्तात्रेय कथा और परीक्षित मोक्ष की व्याख्या झांकियों सहित की जायेगी।





