द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की भिलाई शाखा द्वारा एक तकनीकी प्रस्तुतीकरण एवं समूह परिचर्चा का आयोजन किया गया….

भिलाई नगर 28 अगस्त 2025:- द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की भिलाई शाखा द्वारा एक तकनीकी प्रस्तुतीकरण एवं समूह परिचर्चा (panel discussion) का आयोजन किया गया| इस अवसर पर समूह परिचर्चा सत्र की अध्यक्षता दीपक कुमार शर्मा , पूर्व अपर महानिदेशक , सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय , भारत सरकार , नई दिल्ली, ने की एवं अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग मौजूद थे |

डा सनी देओल जी , सह प्राध्यापक , एन आई टी रायपुर ने “शहरी क्षेत्रों में सतत यातायात प्रबंधन – मुद्दे और चुनौतियाँ” तथा श्रीमती ऋचा मिश्रा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , यातायात दुर्ग भिलाई ने “ सड़क सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन ” विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसी विषय पर समूह चर्चा में विषय विशेषज्ञ के रूप में उत्पल दत्ता, मुख्य् महाप्रबंधक (नगर सेवा) भिलाई इस्पात संयंत्र, संदीप बागडे , अपर संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ शासन, डा सनी देओल , सह प्राध्यापक , एन आई टी रायपुर, श्रीमती ऋचा मिश्रा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , (यातायात) दुर्ग भिलाई , प्रदीप गुप्ता , कार्यपालन अभियंता , लोक निर्माण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, उपस्थित थे| समूह परिचर्चा का संचालन द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया, भिलाई के कार्यकारिणी सदस्य श्री अरविन्द रस्तोगी ने किया |

कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत भाषण में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के भिलाई केंद्र के चेयरमैन पुनित चौबे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के आयोजन का उद्देश्य शहरी यातायात को सरल और सुगम बनाना है | उन्होंने कहा कि आज के शहरों में आवागमन हेतु सड़क एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण अंग है | चौबे ने बताया कि विश्व के प्रथम 5 भीड़ भरे शहरों में भारत के तीन प्रमुख शहर कोलकाता, पुणे तथा बेंगलुरु शामिल हैं जहाँ कि एक स्थान से दुसरे स्थान पहुँचने में औसत से बहुत अधिक समय लगता है | उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हम भारत के एक ऐसे शहर भिलाई में रहते है जो आज से 60 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया और भिलाई के निर्माताओं ने इतनी बेहतरीन योजना बनाई कि आज भी यहाँ ट्रैफिक सिग्नल के बिना यातायात सुगमता पूर्वक बिना रूकावट के चलता है |

दीपक कुमार शर्मा , अपर महानिदेशक, सेवा निवृत्त, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय , भारत सरकार , नई दिल्ली ने अपने उदबोधन में कहा कि तीव्र शहरीकरण और निजी वाहनों की बढती संख्या हमारे शहरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है | उन्होंने कहा कि शहरों में भूमि सीमित है और सडकों की चौड़ाई एक निश्चित सीमा तक ही बढाई जा सकती है | शर्मा ने कहा कि सतत विकास और पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने हेतु हमें सार्वजनिक यातायात सुविधा विकसित करने पर जोर देना होगा | उन्होंने कहा कि हम जब भी शहरी आवागमन के विकास या उन्नयन के बारे में बात करते हैं तो हम सिर्फ जीवाश्म तेल आधारित यांत्रिक साधन जैसे कार, बस, आदि के बारे में सोचते हैं जबकि हमें जरुरत है कि हम पैदल चलने वाले या साइकिल से चलने वाले के बारे में छायादार फुटपाथ तथा सायकिल ट्रैक के बारे मे सोचें | ताकि निजी वाहनो की बढती संख्या वृद्धि को रोका जा सके। श्री दीपक शर्मा ने कहा कि हमें यह सोचने की जरुरत है कि परिवहन के साधन समाज के हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करें , पहुँच के भीतर हों तथा सस्ते हों |

उन्होंने फ्रांस के पेरिस शहर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लगभग 50 प्रतिशत जनता पैदल मार्ग का उपयोग करती है , 11 प्रतिशत जनता साइकिल मार्ग का उपयोग करती है, 30 प्रतिशत जनता सार्वजनिक परिवहन सुविधा का उपयोग करती है तथा निजी वाहनों के उपयोगकर्ताओं की संख्या अत्यंत सीमित है | श्री शर्मा ने बताया कि पेरिस में योजनाकारों ने ऐसी शहरी व्ययवस्था विकसित की है जहाँ लगभग 50 से अधिक पॉकेट्स में एक व्यक्ति पंद्रह मिनट में अपने कार्यस्थल, बाजार, स्कूल, अस्पताल ,मनोरंजन स्थानों, पार्क आदि तक आसानी से पहुँच सकता है | उन्होंने कहा कि अब हमें सड़कों के विकास के अलावा सायकल , पैदल मार्ग एवम सार्वजनिक परिवहन को बी आर टी एस या मेट्रो रेल एवं उसका जुडाव छोटी इलेक्ट्रिक बसो एवं अंतिम गंतव्य हेतु ई रिक्शा के साथ सुदृढ करने हेतु जोर देना होगा जिससे हम पर्यावरण संतुलित तथा स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने वाली यातायात व्यव्स्था को अमल मे ला सकें। श्री दीपक शर्मा ने कहा कि भविष्य का यातायात प्रबंधन कार केन्द्रित ही ना होकर जन केन्द्रित होना चाहिए।

अतिविशिष्ट अतिथि विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग ने कहा कि दुर्ग पुलिस द्वारा यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु अनेक कदम उठाये गए हैं | उन्होंने शहर के विभिन्न चौक चौराहे को ट्रैफिक इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों द्वारा अध्ययन कर सुरक्षित बनाने हेतु समाधान दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया | अग्रवाल ने विशेष रूप से नेहरूनगर चौक , ग्लोब चौक , डी पी एस रिसाली चौक तथा बोरिया चौक पर ट्रैफिक विशेषज्ञों को ध्यान देने का अनुरोध किया | उन्होंने बताया कि इस वर्ष पुलिस द्वारा त्यौहार एवं विशेष अवसरों के अवसर पर भिलाई के सेंट्रल एवेनयू तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर सड़क एवं पार्किंग की जगह छोड़कर लगभग 10 से 15 फीट दुरी बनाकर पंडाल लगाने हेतु कहा गया है ताकि मुख्य मार्गों का आवागमन सुरक्षित तथा सुगम रहे | उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा यातायात के नियमों एवं सुरक्षित सड़क यातायात हेतु स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न संगठनो के माध्यम से जागरूक किये जाने हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं | अग्रवाल ने सभी चौक के लेफ्ट टर्न को अलग से बनाने पर जोर दिया जिससे कि ट्रैफिक जाम को कम करने में सहूलियत होगी |

डा सनी देओल जी , सह प्राध्यापक , एन आई टी रायपुर ने “शहरी क्षेत्रों में सतत यातायात प्रबंधन – मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर अपने प्रस्तुतीकरण में सडक यातायात के बहाव को एक सीमित पाइप के भीतर जल के बहाव से तुलना की। उन्होंने बताया कि जैसे जल का बहाव गति और घनत्व पर निर्भर होता है उसी प्रकार सडक पर वाहनों का चलना भी गति और वाहनों के घनत्व पर निर्भर रहता है |श्री देओल ने शहरीकरण की प्रक्रिया , उसके प्रभाव और शहरीकरण चक्र को विस्तारपूर्वक समझाया | उन्होंने बताया कि शहरी यातायात विभिन्न प्रकार के भूमि उपयोग पर निर्भर करता है | श्री देओल ने कहा कि व्यक्ति अपने घर से कार्यस्थल , बाजार , मनोरंजन के स्थान , शिक्षा के स्थान , अस्पताल , सामाजिक कार्यों हेतु जाता है और इन सभी स्थानों की शहर में स्थिति यातायात के पैटर्न को निर्धारित करते हैं | उन्होंने भारत के परिपेक्ष में शहरी परिवहन व्यवस्था और उनसे जुडी चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किये | श्री देओल ने भविष्य के यातायात प्रबंधन में पैदल यात्री , साइकिल चालाक और सार्वजनिक परिवहन पर ध्यान दिए जाने पर बल दिया | उन्होंने यातायात प्रबंधन में इंटेलीजेंट तथा स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को अपनाने पर भी जोर दिया |

श्रीमती ऋचा मिश्रा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , (यातायात) दुर्ग भिलाई ने “ सड़क सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन ” विषय पर प्रस्तुतीकरण में बताया कि डाटा विश्लेषण एवं अध्ययन के अनुसार यातायात नियमों एवं कानूनों का पालन तथा कड़ा प्रवर्तन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी सीधे अनुपात में जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि दुर्ग पुलिस द्वारा बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल सवारी, ओवरस्पीडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाना तथा बिना सीटबेल्ट गाड़ी चलाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष ध्यान दिया गया जिसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आयी है | श्रीमती मिश्रा ने कहा कि यातायात पुलिस दुर्ग भिलाई द्वारा सड़क इंजीनियरिंग में सुधार हेतु विभिन्न विभागों के सहयोग से सड़क के गड्ढों का उपचार, रात्री ट्रैफिक हेतु नयी स्ट्रीट लाइट्स लगाने एवं रिपेयर , ट्रैफिक साइन बोर्ड लगाने जैसे कार्यों को गति प्रदान किया गया है | उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस द्वारा भीड़ एवं जाम वाले मार्गों का विस्तृत अध्ययन किया और वैकल्पिक मार्ग के विकास और उन्नयन के बारे में भी सुझाव दिए गए हैं |

समूह परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए उत्पल दत्ता, मुख्य् महाप्रबंधक (नगर सेवा) भिलाई इस्पात संयंत्र, ने कहा कि वर्तमान में भिलाई टाउनशिप में सड़कों पर आवारा मवेशी काफी बड़ी समस्या हैं | उन्होंने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा एन के साथ भिलाई आई टी रायपुर शहर के वर्तमान सड़क व्यवस्था के अध्ययन और भविष्य के लिए योजना बनाने हेतु चर्चा जारी है | श्री दत्ता ने भिलाई की सडकों पर तेज गति वाहनों विशेष कर दुपहिया वाहनों के नियंत्रण पर बल दिया | उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों कि संख्या में काफी अभिवृद्धी होगी जिसके लिए चार्जिंग पॉइंट्स लगाने की आवश्यकता होगी |
संदीप बागडे , अपर संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ शासन ने समूह परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए परिवहन उन्मुख विकास (टी ओ डी ) के बारे में बताया जिसमे कि शहर के सार्वजानिक परिवहन स्टेशन जैसे मेट्रो, रेल, बस आदि के आसपास सघन और मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्रों का विकास किया जाता है | उन्होंने लैंड पूलिंग के द्वारा योजनागत विकास के रूप में रायपुर के कमल विहार की जानकारी दी|
बागडे ने बताया कि राज्य शासन द्वारा द्वारा स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा को मूर्त रूप देने हेतु कार्य आरम्भ है | उन्होंने कहा कि राज्य राजधानी प्रक्षेत्र में रायपुर , नवा रायपुर तथा दुर्ग भिलाई शहर शामिल हैं | श्री बागडे ने बताया कि भविष्य में इस क्षेत्र के योजनागत विकास से सड़कों तथा परिवहन के साधनों में उल्लेखनीय विकास होगा |

परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रदीप गुप्ता, कार्यपालन यंत्री , लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ शासन ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विशेषज्ञों की समिति के माध्यम से सडक निति बनायी गयी है | उन्होंने बताया कि किसी भी शहर के ट्रैफिक मूवमेंट , घनत्व और जरूरतों का ध्यान रखते हुए भविष्य की सडक योजना बनाई जाती है | उन्होंने रायपुर में पुरानी रेल लाइन के स्थान पर अटल एक्सप्रेसवे के निर्माण तथा कैनाल रोड की उपयोगिता को समझाया जिससे आज शहर के भीतर यातायात के दबाव में काफी कमी आई है | श्री गुप्ता ने आई आई टी भिलाई से जुनवानी अवन्ती बाई चौक तक प्रस्तावित सड़क उन्नयन के बारे में जानकारी दी| उन्होंने सड़कों कि योजना बनाने , डिजाईन करने , यातायात प्रबंधन के बारे में उपलब्ध कोड तथा मानकों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी साझा की|
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की भिलाई शाखा के सदस्य श्री अरविन्द रस्तोगी ने यातायात प्रबंधन को तीन प्रमुख कारक योजना, निर्माण एवं पर्यवेक्षण तथा प्रवर्तन एवं नियंत्रण में विभाजित कर विशेषज्ञों से उनके विचार जाने | संस्था की रोड समिति के अध्यक्ष श्री बी पी यादव ने द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई शाखा द्वारा सड़क से जुड़े मुद्दों पर हुए मंथन एवं विमर्श की जानकारी दी ।
कार्यक्रम में संदीप नंदनवार , पूर्व मुख्य् महाप्रबंधक (नगर सेवा) भिलाई इस्पात संयंत्र, , पी के तिवारी, बी पी यादव पूर्व अध्यक्ष , नागेन्द्र त्रिपाठी पूर्व मानसेवी सचिव द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई शाखा, संकल्प राय, उपनिरीक्षक साइबर सेल , राज्य शासन, यातायात पुलिस , भिलाई इस्पात संयंत्र, सेट/सेल भिलाई , एन एस पी सी एल के अधिकारी , इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की भिलाई शाखा के सदस्य तथा आई आई टी भिलाई , बी आई टी दुर्ग, रुंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज और भिलाई दुर्ग के महाविद्यालयों के संकाय सदस्य एवं छात्र छात्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विक्की शाह तथा धन्यवाद ज्ञापन बी पी यादव ने दिया |





