छत्तीसगढ़ की नई शतरंज पीढ़ी को गढ़ रहे भिलाई इस्पात संयंत्र के अलंकार भिवगड़े

भिलाई नगर 13 फरवरी 2026:- भिलाई इस्पात संयंत्र केवल इस्पात उत्पादन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि खेल, प्रतिभा और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उसकी भूमिका सदैव उल्लेखनीय रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारी एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त शतरंज व्यक्तित्व अलंकार भिवगड़े आज छत्तीसगढ़ में शतरंज की एक नई और सशक्त पीढ़ी को आकार दे रहे हैं।

अलंकार भिवगड़े छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे शतरंज विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्बिटर के रूप में प्रदेश को पहचान दिलाई है। उन्हें वर्ष 2016 में फिडे ऑर्बिटर, 2018 में फिडे इंस्ट्रक्टर तथा 2019 में इंटरनेशनल ऑर्बिटर का प्रतिष्ठित खिताब प्राप्त हुआ। उन्होंने अज़रबैजान (बाकू), कजाकिस्तान (अस्ताना) सहित अनेक देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई है। वर्ल्ड चेस ओलंपियाड, वर्ल्ड यूथ चेस ओलंपियाड, कॉमनवेल्थ चेस चैंपियनशिप जैसे वैश्विक मंचों पर उनकी उपस्थिति ने न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता को प्रमाणित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ को भी विश्व शतरंज मानचित्र पर स्थापित किया। उनकी फिडे इंटरनेशनल रेटिंग 2152 है; जो उन्हें विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शतरंज विशेषज्ञों की श्रेणी में स्थान देती है।

वर्ष 2016 से भिलाई चेस क्लब के माध्यम से अलंकार भिवगड़े भिलाई एवं छत्तीसगढ़ के बच्चों को नियमित रूप से शतरंज प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। यह चेस क्लब भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा प्रायोजित है, जिसके सहयोग से ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों सहित वर्षभर कोचिंग गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं। इन शिविरों में बच्चे केवल खेल की तकनीक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच, धैर्य, अनुशासन और निर्णय क्षमता जैसे जीवनोपयोगी गुण भी विकसित कर रहे हैं।

अलंकार भिवगड़े वर्ष 2007 में भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े, और इसके पश्चात उनकी खेल यात्रा को संयंत्र प्रबंधन का निरंतर सहयोग प्राप्त होता रहा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी हो या शतरंज से जुड़ी अन्य मदद, जब भी उन्होंने सहयोग की आवश्यकता जताई, प्रबंधन ने उन्हें प्रोत्साहित किया। उनका मानना है कि संयंत्र अपने कर्मचारियों की बहुआयामी प्रतिभाओं को पहचानने और आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है।







