PWD गैंग रेप मामले में फरार भीम नारायण पांडेय व संजय पंडित ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया… प्रकरण में 07 आरोपी गिरफ्तार..

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PWD गैंग रेप मामले में फरार भीम नारायण पांडेय व संजय पंडित ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया… प्रकरण में 07 आरोपी गिरफ्तार..

दुर्ग 13 फरवरी 2026:- गैं-ग-रे-प केस मामले में फरार 2 आरोपी ने आखिरकार कोर्ट पहुंचकर किया सरेंडर.. जिले में चर्चित गैं-ग-रे-प मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों ने आखिरकार कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर दिया। मामले में अब सभी छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस ने आत्म समर्पण करने वाले दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड लिया है।

जानकारी के मुताबिक, एक आरोपी भीम नारायण पांडेय है, जिसने पीड़िता को PWD विभाग में नौकरी लगवाने में मदद की थी। आरोप है कि उसने पीड़िता से व्हाट्सअप पर न्यू-ड वीडियो मंगवाए और उसी का डर दिखाकर करीब 8 साल तक दु.ष्क.र्म करता रहा। भीम नारायण पांडेय पूर्व में दुर्ग जिले में जंन प्रतिनिधियों का निज सहायक हुआ करते थे।

दूसरा आरोपी संजय पंडित बताया जा रहा है। उस पर होटल रेस्ट हाउस का प्रबंध करने का आरोप है। उसने भी नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर युवती के साथ दु.ष्क.र्म किया। दोनों आरोपी 13 फरवरी को अदालत पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया।

बताया जा रहा है कि पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। बाकी दो आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश लगातार की जा रही थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के चलते दोनों आरोपियों ने अंततः कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

30 जनवरी 2026को पीड़िता द्वारा अपनी माता के साथ महिला थाना दुर्ग में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन के अनुसार अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के मध्य, पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होते हुए विभिन्न आरोपियों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं कारित की गईं।

प्राप्त आवेदन पर महिला थाना के अपराध क्रमांक 10/2026 में धारा 65(1), 70(1), 70(2), 351(3), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 376(2)(n), 376(DA) भा.दं.सं., लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 6, 12 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान पूर्व में 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की सतत दबिश एवं दबाव के फलस्वरूप फरार आरोपी संजय पंडित एवं बी.एन. पांडेय द्वारा आज  13.02.26 को न्यायालय में समर्पण किया गया। न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त कर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

विवेचना में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि आरोपी अमित वर्मा द्वारा अपना पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराकर अपने नाम से कक्ष बुक कराया गया, जिससे मुख्य आरोपी को अपराध कारित करने में सहयोग प्राप्त हुआ। उक्त आधार पर आरोपी अमित वर्मा को  12.02.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है।

आरोपी का विवरण :

विजय स्वाइन,  47 वर्ष, निवासी दुर्गा नगर पश्चिम, भिलाई (गिरफ्तार)

अनिल चौधरी, 60 वर्ष, निवासी ज़ोन-01, खुर्शीपार (गिरफ्तार)

गोविंद सिंह नागवंशी,  62 वर्ष, निवासी चौकड़िया पारा, जिला राजनांदगांव (गिरफ्तार)

कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप,  58 वर्ष सेक्टर 5 (गिरफ्तार)

अमित वर्मा,  47 वर्ष, निवासी सेक्टर-10, भिलाई, जिला दुर्ग (गिरफ्तार)

संजय पंडित,  42 वर्ष, निवासी शांति नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग (न्यायालय में समर्पण उपरांत गिरफ्तार)

बी.एन. पांडेय,  65 वर्ष, निवासी गणपति विहार कॉलोनी, थाना पदमनाभपुर, जिला दुर्ग (न्यायालय में समर्पण उपरांत गिरफ्तार)

जप्त सामग्री :
▪️ विवेचना के दौरान प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य (जांचाधीन)


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