छत्तीसगढ़ की पुलिस व्यवस्था को हिला देने वाला खुलासा!…. राज्य पुलिस सेवा अधिकारी और गिरफ्तार उगाही आरोपी के बीच आपसी साठगांठ की कहानी, जो अब पूरे प्रदेश में बन गई है सियासी-प्रशासनिक हड़कंप का कारण….हसन-डीएसपी व्हाट्सएप चैट वायरल: छत्तीसगढ़ में वर्दी के भीतर पल रहा वसूली रैकेट बेनकाब.. सत्ता की आड़ में साजिश, वर्दी में रची आपराधिक संलिप्तता वायरल ट्वीट से थर्राया छत्तीसगढ़ पुलिस महकमा
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रिष्ठ खोजी पत्रकार मुकेश एस. सिंह के ट्वीट से मचा प्रदेशभर में भूचाल

रायपुर, भिलाई नगर 21 जून 2025:- छत्तीसगढ़ की राजधानी में इन दिनों एक सनसनीखेज ट्वीट ने पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। राज्य के वरिष्ठ खोजी पत्रकार मुकेश एस. सिंह द्वारा किए गए एक वायरल ट्वीट में खुलासा किया गया है कि एक राज्य पुलिस सेवा (SPS) के डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी की व्हाट्सएप चैट गिरफ्तार वसूली आरोपी आबिदी हसन के साथ सामने आई है, जो न केवल आपराधिक साजिश की पुष्टि करती है, बल्कि वर्दी के भीतर पल रहे एक ‘रैकेट’ का भयावह चेहरा भी उजागर करती है।
यह वही आबिदी हसन है जो पहले से ही एक महिला पटवारी और उसके पति से 70 लाख रुपये, 3500 वर्ग फुट जमीन और 2.5 करोड़ रुपये की नई डिमांड के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि वह यह सब किसी राजनीतिक या प्रशासनिक समर्थन के बिना नहीं कर सकता था — और यही खुलासा व्हाट्सएप चैट से हुआ।

? व्हाट्सएप चैट: सत्ता और आपराधिक गठजोड़ की डिजिटल मुहर
व्हाट्सएप चैट की यह लीक कॉपी अब पूरे पुलिस सिस्टम पर सवाल उठा रही है। नीचे दर्ज हुई बातचीत इस गठजोड़ की खौफनाक पुष्टि करती है:
DSP अधिकारी (11:14 AM):
“Vibhag wale harami hai sab”
(“ये विभाग वाले सारे हरामी हैं”)
? क्या यह गुस्सा अपने ही सीनियर अधिकारियों पर था? या उन विभागों पर जो हसन के साथ मिलकर वसूली में शामिल नहीं हुए?
हसन (11:15 AM):
“Koi baat nahi, jab Inshallah aap SSP banna to sab ko datna”
(“कोई बात नहीं, जब इंशाअल्लाह आप SSP बनें तो सबको डांटना”)

DSP अधिकारी (11:15 AM):
?
हसन (11:15 AM):
“Wo Sarita Soni wala dekh lena aap”
(“वो सरिता सोनी वाला देख लेना आप”)
DSP अधिकारी (11:19 AM):
“Ok”
? 15 अक्टूबर 2024
हसन (13:40 PM):
“7987516095.
राजेश सोनी…
सरिता सोनी पटवारी का पति”
(“राजेश सोनी — महिला पटवारी सरिता सोनी का पति”)
DSP अधिकारी (13:42 PM):
“ok”
? 22 दिसंबर 2024
? इसके बाद हसन ने व्हाट्सएप कॉल की।
? वर्दीधारी ‘सिस्टम का सौदागर’: नायक या निरंकुश?

जिस डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी की ये चैट वायरल हुई है, वह कोई मामूली अधिकारी नहीं है। पुलिस विभाग में वह एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खासमखास के रूप में जाना जाता है — एक ऐसा अधिकारी जिसे मीडिया में अक्सर ‘तेजतर्रार’, ‘राजनीतिक रूप से चतुर’ और ‘बेहद प्रभावशाली’ के रूप में प्रोजेक्ट किया जाता रहा है, हालांकि अधिकतर गलत कारणों से।
इस अधिकारी की पोस्टिंग एक संवेदनशील एजेंसी में है, जिसे भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित किया गया था, लेकिन अब वही एजेंसी वर्दीधारी अपराध की पनाहगाह बन गई है। यह स्पष्ट हो चुका है कि यह गठजोड़ कोई एकल अपराधी की साजिश नहीं थी, बल्कि यह पूरा ‘सिस्टम’ ही एक संगठित वसूली नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है।
? ED डायरेक्टर के नाम बनवाया फर्जी शिकायती पत्र!
इतना ही नहीं, वायरल ट्वीट में यह चौंकाने वाला खुलासा भी किया गया है कि आरोपी हसन ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक के नाम पर एक फर्जी शिकायत पत्र तैयार करवाया था और एक ‘प्राप्ति’ (receiving) की भी नकल तैयार कराई, जो यह दर्शाती थी कि शिकायत को संघीय जांच एजेंसी द्वारा संज्ञान में ले लिया गया है।
यह कृत्य अपने आप में न केवल धोखाधड़ी है, बल्कि यह दिखाता है कि हसन को किस स्तर का तंत्रगत संरक्षण प्राप्त था।

? वायरल ट्वीट ने मचाया भूचाल
इस प्रकरण पर सत्य और साहस की पत्रकारिता करते हुए मुकेश एस. सिंह ने ट्विटर (अब X) पर एक फुल-लेंथ एक्सपोज़े ट्वीट थ्रेड के ज़रिए पूरे देश को झकझोर दिया है। यहां देखें ट्वीट: https://x.com/truth_finder04/status/1936409212017655924?s=46
इस ट्वीट के साथ ही #PoliceExtortion ?, #ShameInUniform ?, #DSPExpose ?️♂️, #JusticeForSoniFamily ⚖️ जैसे हैशटैग्स तेजी से ट्रेंड करने लगे और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
? अब सवाल यह हैं:
1. क्या इस डिप्टी एसपी अधिकारी को अब भी संरक्षण प्राप्त है?
2. क्या राज्य सरकार या पुलिस महानिदेशक इस प्रकरण पर चुप रहेंगे?
3. क्या व्हाट्सएप चैट को डिजिटल साक्ष्य मानते हुए विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी?
4. क्या सरिता सोनी और उनके परिवार को न्याय मिलेगा?
? जनता जानना चाहती है:
क्या वर्दी पहनने वाले रक्षक अब ख़ुद ही भक्षक बन चुके हैं?


