उप पुलिस अधीक्षक (डी.एस.पी.) के विरूद्ध जारी वसूली आदेश निरस्त
बिलासपुर 12 नवंबर 2025:- क्वार्टर नं. AG/1, आसमां कॉलोनी, बिलासपुर निवासी महिला डी.एस.पी.श्रीमती एस.एस.टेकाम कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.पी.), बिलासपुर में पदस्थ थी। उक्त पदस्थापना के दौरान पुलिस अधीक्षक (एस.पी.), बिलासपुर द्वारा डी. एस.पी. श्रीमती एस.एस. टेकाम के विरूद्ध एक वसूली आदेश इस आधार पर जारी किया गया कि उनकी सेवाकाल के दौरान वेतन नियतन में त्रुटि के कारण अधिक वेतन भुगतान कर दिया गया है, उक्त वसूली आदेश के आधार पर उनके वेतन से कटौती प्रारम्भ कर दी गई।

उक्त वसूली आदेश से क्षुब्ध होकर महिला डी.एस.पी. श्रीमती एस.एस.टेकाम द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर वसूली आदेश को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता को अधिक वेतन भुगतान वसूली आदेश दिनांक से 05 (पांच) वर्षों पूर्व का है, इसके साथ ही याचिकाकर्ता डी.एस.पी. को वसूली आदेश सेवानिवृत्ति दिनांक से 06 (छः) माह पूर्व जारी किया गया था जो कि पूर्णतः नियमविरूद्ध है एवं निरस्त किये जाने योग्य है।


याचिकाकर्ता के अधिवक्तागण द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टेट ऑफ पंजाब एवं अन्य विरूद्ध रफीक मसीह (व्हाईट वासर), थॉमस डेनियल विरूद्ध स्टेट ऑफ केरला, भगवान शुक्ला विरूद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित न्याय दृष्टांत इसके साथ ही हाईकोर्ट बिलासपुर की डिवीजन बेंच द्वारा स्टेट ऑफ छत्तीसगढ़ एवं अन्य विरूद्ध लाभाराम ध्रुव में पारित न्यायदृष्टांत का हवाला दिया गया जिनमें यह सिद्धांत प्रतिपादित किया गया था कि किसी भी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के सेवा निवृत्त होने के 01 (एक) वर्ष पूर्व उन्हें अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर उनके वेतन से वसूली नहीं की जा सकती है



इसके साथ ही यदि अधिक वेतन भुगतान वसूली आदेश जारी किये जाने के 05 (पांच) वर्षों पूर्व का है ऐसी स्थिति में भी अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के वेतन से किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जा सकती है। उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात् अधिवक्तागण के तर्कों से सहमत होकर सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट, बिलासपुर की डिवीजन बेंच द्वारा पारित न्याय दृष्टांतों के आधार पर महिला डी.एस. पी. श्रीमती एस.एस.टेकाम के विरूद्ध जारी वसूली आदेश को निरस्त कर पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.पी.) बिलासपुर एवं पुलिस अधीक्षक (एस.पी.), बिलासपुर को यह निर्देशित किया गया कि वे याचिकाकर्ता से वसूल की गई सम्पूर्ण राशि उनके बैंक खाते में वापस जमा करें।










