भिलाई नगर 02 जुलाई 2025:- पिछले 3 महीने से वेतन न मिलने से आक्रोशित दुर्ग, राजनंदगांव, जांजगीर चांपा, के डायल 112 के चालक आज से हड़ताल पर हैं जिसकी वजह से 112 डायल वहां थानों में खड़ी कर दी गई है दुर्ग जिले में डायल 112 के 119 चालक कार्यरत है जिन्हें पिछले तीन माह से वेतन न मिलने की वजह से उनके सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में 112 डायल की सुविधा उपलब्ध है।

डायल 112 के चालक ने वहां को थाने में खड़ा कर दिया है और सभी के सभी ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ राज्य में डायल 112 के जितने भी कर्मचारी हैं उनके पिछले तीन माह से वेतन न मिलने की वजह से सब की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है।


छत्तीसगढ़ में डायल 112 पर कॉल करने पर तुरंत मदद मिलने वाली सेवा पर अब खतरा मंडरा रहा है। जिस कंपनी से करार है, उसका कार्यकाल 30 सितंबर को खत्म हो रहा है। इसकी जगह दूसरी कंपनी (CG Dial 112 Service Close) का करार शासन के द्वारा नहीं किया गया है। ऐसे में इस सेवा के बंद होने का खतरा ज्यादा मंडरा रहा है।
छत्तीसगढ़ में टाटा और एबीपी कंपनी के माध्यम से डायल 112 (CG Dial 112 Service Close) सेवा का प्रोजेक्ट चल रहा है। इस कंपनी में प्रदेश के 900 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसी के साथ ही प्रदेश के 16 प्रमुख शहरों में करीब 259 गाड़ियां संचालित है।
जानकारी के अनुसार, अभी डायल-112 सेवा का संचालन टाटा ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, टाटा ग्रुप का कार्यकाल दो साल पहले ही अगस्त में समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी नए ग्रुप को यह जिम्मेदारी नहीं दी गई है, जिसकी वजह से टाटा ग्रुप द्वारा ही इसे संचालित किया जा रहा है।
33 जिलों में विस्तार करने की योजना
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार टाटा ग्रुप के कार्यकाल समाप्त होने के बाद मुंबई के जिकित्जा ग्रुप को सेवा संचालित करने के लिए टेंडर दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, कंपनी के विवादित होने के कारण उसे टेंडर नहीं दिया गया। अब जल्द ही डायल-112 सेवा के लिए नए सिरे से टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इस सेवा को राज्य के सभी 33 जिलों में विस्तारित करने की योजना है।
बता दें कि, डायल-112 सेवा वर्तमान में 11 पुराने जिलों और पांच नए जिलों में संचालित किया जा रहा है। इन जिलों में रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मोहला मानपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई शामिल है।
छत्तीसगढ़ DGP ने डायल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ने सिस्टम को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में संचालित अग्निशमन सेवा को डायल-112 सिस्टम से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
वर्तमान में किसी स्थान पर आग लगने की घटना की सूचना डायल-112 को मिलती है और वह फायर ब्रिगेड को कॉल करके सूचना देती है। अग्निशमन सेवा के डायल-112 से जुड़ने के बाद आगजनी की घटना होने पर सीधे डायल-112 को सूचना मिलेगी



