टाउनशिप के 32 व्यापारियों ने बीएसपी के विरुद्ध लगाई थीं रिट याचिकाएं याचिकाएं खारिज, बढ़ा हुआ लीज रेंट पटाना पड़ेगा
भिलाईनगर 16 नवंबर 2025:- उच्च न्यायालय बिलासपुर ने भिलाई टाउनशिप के 32 व्यापारियों द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र के विरुद्ध दायर डब्लुपीसी-2337/2025 सहित 32 अन्य रिट याचिकाएं खारिज कर दीं। उच्च न्यायालय ने कहा गया लीज धारकों का नवीनीकरण का स्वचालित अधिकार नहीं है। नवीनीकरण की शर्ते सेल के विवेकाधिकार में हैं। याचिकाकर्ताओं ने समय से नवीनीकरण हेतु आवेदन नहीं किया। न्यायालय ने नए लैंड प्रीमियम पाउंड रेंट व अन्य चार्जेज को लागू माना।

लीज नवीनीकरण मामले में बीएसपी के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे टाऊनशिप के व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने टाउनशिप के 32 व्यापारियों की बीएसपी के विरुद्ध लगाई गई रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि लीज नवीनीकरण की शर्तें सेल के विवेकाधिकार में हैं। वह अपनी शर्ते तय करने के लिए स्वतंत्र है। याचिकाकर्ताओं ने समय पर नवीनीकरण नहीं कराया जो कि उनके खिलाफ चला गया है। उच्च न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो
याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि मूल लीज में नवीनीकरण के समय अतिरिका प्रीमियम यथा सेवा शुल्क लोने का कोई प्रावधान नहीं है। यह भी कहा कि कलेक्टर, दुर्ग (31 जुलाई 2019) के पत्र में स्पष्ट किया गया था कि नवीनकिरण के समय कोई अतिरिका प्रीमियम नहीं लिया जा सकता। सेल ने बिना पूर्व सूचना/परामर्श के 2008 में नए प्रीमियम की नौति लागू कर दी। संवैधानिक अधिकारों का तल्लघनः अनुबंध की रात्रों को मनयाने ढंग से बदलना अनुचित और सामसंगतता के विरुद्ध है (अनुच्छेद 14 का उल्लंघन)। याचिका में न्यायिक दृष्टांतों का हवाला देते हुए कहा गया था कि झारखंड हाईकोर्ट द्वारा सेल की इसी तरह की नीतियों स्टूट की जा चुकी है।
गया है कि नम् लैंड प्रीमियम, ग्राउंड रेट व अन्य चार्जेज व्यापारियों पर लागू रहेंगे।
हाई कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश लागू नहीं होते। ज्यूरिस्टिक्शन का विषय सारी एविक्शन, अनलाफुल आक्युपेंसी संबंधों संबंधी कार्यवाही स्टेट आफिसर के अधिकार क्षेत्र में आती है, सीधे कोर्ट में रिट नहीं किया जा सकता।
याचिकाकर्ताओं ने सेल द्वारा 1 अप्रैल 2015 को भेजे गए प्रस्ताव मांग पत्र के खिलाफ याचिका दायर की। इसमें किरायेदारों से लॉज नवीनीकरण के समय नए लैंड प्रीमियम (भूमि मूल्य का 25%), बढ़ा हुआ ग्राउंड रेंट (भूमि मूल्य का 1% प्रति वर्ष), सेवा शुल्क (भूमि मूल्य का 25% प्रति वर्ष) व सुरवा जमा जैसी भारी राशि मांगी गई थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये नए चार्जेज एकतरफा, मनमाने व गैरकानूनी है तथा मूल लीज अनुबंध के विरुद्ध हैं। इसमें नवोनीकरण के समय केवल ग्राउंड रेंट अधिकतम 50% तक बढ़ाने की अनुमति थी, और कोई नया प्रीमियम या अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाना था।
न्याय के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा
विवादित गति निर्णय की वैधता के मूल प्रश्न पर विचार तक नहीं किया जबकि यह मुद्दा विशेष रूप से बताया और उस पर विस्तार से मास की गई थी। मामिकाकर्ता की और से जिन निर्मले और नजीरों का very for NT SANT on कोई उल्लेख अथवा विचार नहीं किया गया न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
- ज्ञानचंद जैन, अध्यक्ष स्टील सिटी चेंबर आफ कॉमर्स भिलाई
सेल व प्रतिवादियों की दलीलें
मैनेजमेंट की ओर से दलील दी गई कि लीग क्लाज के अनुसार नवीनीकरण की सभी शते. सेल निर्धारित कर सकता है। जुलाई 2008 की बोर्ड बैठक में प्रस्तावित न्यं नीति सभी किरायेदारों पर समान रूप से लागू है। केंद्र सरकार के उपक्रम के नाते सेल पर स्थानीय कलेक्टर के निर्देश लागू नहीं होते।



