बीएसपी को ‘सबसे पुराना बीआईएस लाइसेंसी’ सम्मान से नवाजा गया, वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे 2025 पर मिला प्रतिष्ठित अवार्ड
भिलाई नगर 15 अक्टूबर 2025:- भिलाई इस्पात संयंत्र को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस), रायपुर शाखा द्वारा ‘सबसे पुराना बीआईएस लाइसेंसी’ होने के नाते सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे 2025 के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। इस वर्ष का थीम “शेयरड विज़न फॉर अ बेटर वर्ल्ड – स्टैंडर्ड्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स” था।

माननीय मुख्यमंत्री, विष्णु देव साय ने भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रतिनिधियों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक (गुणवत्ता), राहुल श्रीवास्तव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में औद्योगिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), ए. के. चक्रवर्ती उपस्थित रहे और मुख्य औद्योगिक गणमान्य अतिथि के रूप में समारोह में भाग लिया।
यह आयोजन साइंटिस्ट ई, डायरेक्टर एवं हेड, बीआईएस रायपुर शाखा, एस. के. गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री सहित माननीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, दयालदास बघेल व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के पास प्लेट्स, टीएमटी बार्स, स्ट्रक्चरल स्टील और सेमी-फिनिश्ड उत्पाद जैसे स्लैब और ब्लूम्स सहित कुल 10 बीआईएस लाइसेंस हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र 1963 से बीआईएस के साथ जुड़ा हुआ है और लगातार प्रमाणन मानकों का पालन करते हुए गुणवत्ता में उत्कृष्टता सुनिश्चित करता रहा है। बीएसपी ने राष्ट्रीय महत्व की अनेक परियोजनाओं में स्टील की आपूर्ति कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमें बुनियादी ढांचा, परिवहन, रक्षा और औद्योगिक विकास शामिल हैं।
उत्पादन में उत्कृष्टता के अलावा, बीएसपी बीआईएस तकनीकी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाता है और विभिन्न स्टील उत्पादों के लिए राष्ट्रीय मानकों के विकास और अद्यतन में योगदान देता है। प्लांट की तकनीकी विशेषज्ञता भारत में स्टील गुणवत्ता ढांचे को मजबूत करती है और पूरे उद्योग में मानकीकरण को बढ़ावा देती है।




