नगर निगम की नोटिस से बीएसपी आवास लीजधारकों में नाराजगी…. अप्राधिकृत निर्माण के प्रशमन हेतु आवेदन देने का निर्देश….. रहवासियों ने पूछा किस अधिकार से नगर निगम दे रहा नोटिस…..

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नगर निगम की नोटिस से बीएसपी आवास लीजधारकों में नाराजगी
00 अप्राधिकृत निर्माण के प्रशमन हेतु आवेदन देने का निर्देश
00 रहवासियों ने पूछा किस अधिकार से नगर निगम दे रहा नोटिस

भिलाई नगर 27 दिसंबर 2025 :- नगर निगम भिलाई के भवन अनुज्ञा शाखा की एक नोटिस ने भिलाई इस्पात संयंत्र के आवास लीज धारकों को सख्ते के साथ नाराजगी में डाल दिया है। नोटिस के माध्यम से नगर निगम ने लीज धारकों को उनके आवास में अप्राधिकृत निर्माण के विधिवत प्रशमन अर्थात समाधान निकालने के लिए समयावधि में आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी है। इधर लीज धारकों ने पूछा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के सीमा क्षेत्र में नगर निगम प्रशासन किस अधिकार से नोटिस जारी कर रहा है।


भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप के सेक्टर 1 के एवेन्यू बी से लेकर स्ट्रीट 5 तक के आवास लीज धारकों को आज नगर निगम भिलाई के ओर से जारी नोटिस थमाया गया। नोटिस का मजलूम पता चलते ही लीज धारकों ने इसे लेने से साफ इंकार कर दिया। दरअसल नगर निगम भिलाई के भवन अनुज्ञा शाखा से जारी इस नोटिस में अप्राधिकृत निर्माण पर प्रशमन की कार्यवाही करने की बात कही गई है। लीज धारकों का कहना है कि उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र से लीज पर आवास लिया है। भू भाटक और सम्पत्ति कर वे संयंत्र प्रशासन को देते हैं। संयंत्र प्रशासन उनसे ली गई भू भाटक और सम्पत्ति कर की राशि नगर निगम को प्रेषित करता है। संयंत्र प्रबंधन की ओर से टाउनशिप का किसी भी तरह का हस्तांतरण नगर निगम को नहीं किया गया है। ऐसे में नगर निगम किस अधिकार से लीज धारकों को नोटिस जारी कर रहा है।


नोटिस में नगर निगम की ओर से बताया गया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र से प्राप्त सूचना के अनुसार लीज पर भूखंड का आबंटन किया गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र से लीज पर आबंटित भूमि पर नगर निगम से बिना भवन अनुज्ञा प्राप्त किए अप्राधिकृत निर्माण किया गया है। जो नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 293 एवं 294 का स्पष्ट उलंघन है। इस आधार पर नगर निगम ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के अधीन नियमानुसार भवन अनुज्ञा प्राप्त कर भवन निर्माण नहीं करने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 308-क के अधीन यह नोटिस जारी किया गया है। इसमें लीज धारकों को हिदायत दी गई है कि विहित समयावधि के भीतर अप्राधिकृत निर्माण के नियमानुसार प्रशमन हेतु संलग्न विहित प्रारुप में वांछित दस्तावेज सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 308 सहपठित नियम 08 छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के अधीन नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी


00 आखिर 25 साल बाद नोटिस क्यों ..!


भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा वर्ष 2001 से 2004 के बीच पांच फेज में अपने आवासों को लीज नियम व शर्तों के तहत पर दिया गया। इस तरह सैकड़ों लोग पिछले 20 से 25 साल से लीज के मकान में रह रहे हैं। इस अवधि में लीज धारकों को पानी, बिजली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। बदले में भू भाटक और सम्पत्ति कर सहित बिजली और पानी का बिल लीज धारकों की ओर से भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग में जमा कराया जा रहा है। वहीं टाउनशिप में नगर निगम कोई भी काम बिना संयंत्र प्रबंधन की अनुमति से नहीं करती। जब लीज धारकों को नगर निगम से भवन अनुज्ञा प्राप्त करना आवश्यक था, तो इस संबंध में अब तक कायम रही उदासीनता समझ से परे है। आखिरकार 20 से 25 साल के बाद लीज धारकों को नगर निगम के भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा नोटिस जारी करने की जरूरत क्यों आन पड़ी।


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