बजट प्रतिक्रिया ब्रेकिंग :- केंद्रीय बजट 2025-26: विकास और स्थिरता का संतुलित दृष्टिकोण… रक्षा सिंह…

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अमरकंटक मध्य प्रदेश 1 फरवरी 2025 :- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय ( केंद्रीय विश्वविद्यालय ) अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रक्षा सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार आठवें वर्ष पेश किये  केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26: विकास और स्थिरता का संतुलित दृष्टिकोण है

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025-26 प्रस्तुत किया, बजट का मुख्य आकर्षण आयकर छूट सीमा को ₹12 लाख तक बढ़ाना है। यह कदम मध्यम वर्ग के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने, उपभोग को प्रोत्साहित करने और वित्तीय राहत देने में सहायक होगा। कृषि, विनिर्माण तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया है।

आयात निर्भरता को कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार ने दलहन और कपास के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु छह वर्षीय योजना शुरू की है। सरकारी एजेंसियां दलहन की खरीद गारंटीकृत मूल्य पर करेंगी, जिससे किसानों को सुरक्षा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मिशन और सब्सिडी युक्त ऋण सीमा में वृद्धि की गई है।

भूतपूर्व नीतियों के मिश्रित परिणामों के बावजूद, सरकार विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। घरेलू उत्पादन, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रोत्साहनों की घोषणा की गई है।

शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बजट में ₹1.48 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹1.12 लाख करोड़ की तुलना में अधिक है जरूरी भी है। डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास कार्यक्रम और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जा सके और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार किया जा सके।

बजट में कई विकासोन्मुखी उपायों की घोषणा की गई है, लेकिन ग्रामीण रोजगार योजनाओं के सीमित आवंटन और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत न मिलने जैसी चिंताएँ बनी हुई हैं। सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4% तक लाना है, जिससे आने वाले वर्षों में सार्वजनिक खचों पर नियंत्रण रखा जा सकता है।

केंद्रीय बजट 2025-26 माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के तीसरे कार्यकाल का व्यापक बजट है। बजट ने मध्यम वर्ग को पर्याप्त राहत प्रदान की है। यह आर्थिक विस्तार और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है। सरकार ने कर राहत, कृषि, विनिर्माण और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करके समावेशी विकास को बढ़ावा देने की पहल की है। हालांकि, इसकी सफलता प्रभावी कार्यान्वयन और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी तथा यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ की प्रतिबद्धता को मूर्त रूप देगा।


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