BSP  के मुख्य चिकित्सलय जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान  केंद्र में मनाया गया ‘वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे’.... - Steel City Online News Portal

BSP  के मुख्य चिकित्सलय जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान  केंद्र में मनाया गया ‘वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे’….

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भिलाईनगर 23 मार्च 2024 :- सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सलय जवाहर लाल नेहरु अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र में ‘विश्व ओरल हेल्थ डे’ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन डेंटल सर्जरी विभाग द्वारा किया गया था। समारोह का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ रवींद्रनाथ एम द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

विश्व ओरल हेल्थ डे हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को ओरल हेल्थ और ओरल हाइजीन के प्रति जागरूक करना है। यह प्रभावी दंत चिकित्सा देखभाल के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरणों की जानकारी के साथ व्यक्तियों को ओरल हेल्थ के प्रति सशक्त बनाता है। इसके मध्यम से मुंह की सफाई, दांतों की मजबूती के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ प्रमोद बिनायके, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ विनीता द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ के ठाकुर भी उपस्थित थे।

डॉ रवींद्रनाथ एम और डॉ प्रमोद बिनायके ने ओरल हाइजीन के बारे में जन जागरूकता में सुधार के लिए ऐसे कार्यक्रमों के महत्व और उसकी आवश्यकता पर जोर दिया। पोस्टर प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को पुरस्कृत किया गया।

आरंभ में विभागाध्यक्ष और एसीएमओ डॉ अन्नपूर्णानी ने स्वागत भाषण के साथ दंत क्षय और मसूड़ों की बीमारियों की रोकथाम में आहार और ओरल हाइजीन देखभाल की भूमिका के बारे में बताया।

मेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था। साथ ही पी जी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों द्वारा एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया। पोस्टर और स्किट के माध्यम से, यह समझाया गया कि दंत क्षय और पेरियोडोंटाइटिस दांतों के नुकसान का एक प्रमुख कारण है। यह भी बतया गया कि हृदय रोग, धमनी रुकावट और स्ट्रोक ओरल इन्फेक्शन और सूजन से कैसे जुड़े हो सकते हैं। मसूड़ों की बीमारियाँ जन्म के समय कम वजन और समय से पहले जन्म जैसी जटिलताओं का भी कारण बन सकती है।

कुपोषण, मधुमेह, एचआईवी/एड्स, इम्यूनोसप्रेशन, तनाव और ऑस्टियोपोरोसिस ने डेंटल कंडीशंस पर प्रतिकूल प्रभाव दिखाया है। पोस्टरों में यह भी प्रदर्शित किया गया कि खान-पान की आदतों और ओरल हाइजीन की देखभाल में बदलाव, कैसे हमारे सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और हमारे जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

समारोह में डेंटल सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ हर्षवर्धन एवं डॉ पलाश तिवारी समेत अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष भी मौजूद थे। उद्घाटन समारोह का संचालन एसीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ वनिता शर्मा ने किया। आरएचओ डेंटल की डॉ इशिता द्विवेदी ने कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन दिया।



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