सीआईएसएफ जवान ने पकड़ा रेलवे कर्मचारी का कालर….
00 पीपी यार्ड के कर्मचारियों ने किया पुरैना गेट का घेराव, जवान ने मांगी माफी

भिलाई नगर 13 मार्च 2026:- बीएसपी और एनएसपीसीसी की सुरक्षा के लिए बने सीआईएसएफ के पुरैना गेट पर आज सुबह हंगामा खड़ा हो गया। सीआईएसएफ के जवान ने यहां पीपी यार्ड से ड्यूटी कर लौट रहे रेलवे कर्मचारी से आईडी दिखाने के नाम पर कथित तौर पर बदसलूकी की और गिरेबान पर हाथ डाल दिया। इस बात की जानकारी मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने पुरैना गेट पहुंचकर घेराव कर दिया। बाद में उच्च अधिकारियों की समझाइश पर सीआईएसएफ जवान के माफी मांगने पर मामला शांत हो गया।
घटनाक्रम में पीपी यार्ड के एक कर्मचारी तरुण के साथ सीआईएसएफ गेट पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार, मारपीट की कोशिश और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित कर्मचारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सीआईएसएफ के जवानों जे एस तोमर -हवलदार ने तरुण के साथ न केवल बदतमीजी की, बल्कि सरेआम उसका कॉलर पकड़कर उसे घसीटते हुए सीआईएसएफ ऑफिस तक ले गए। आरोप है कि इस दौरान जवानों ने कई बार उस पर हाथ उठाने का प्रयास किया और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
यार्ड के अन्य कर्मचारियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सुरक्षा के नाम पर सीआईएसएफ जवानों द्वारा आए दिन कर्मचारियों को धमकाना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना एक आम बात हो गई है। कर्मचारियों ने इसे सीधे तौर पर ‘गुंडागर्दी’ करार देते हुए कहा कि ऐसी हरकतों से मेहनतकश मजदूरों के मान-सम्मान को गहरी ठेस पहुंच रही है। इस घटना के बाद यार्ड के समस्त कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि अब समय आ गया है जब इस तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए। उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि दोषी सुरक्षाकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और कार्यस्थल पर कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
अंत में सीएसआईएफ के आला अधिकारियों के पहुंचने के बाद सीसीटीवी देखा गया एवं जवान द्वारा कर्मचारियों से माफी मांगी गई।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या सीआईएसएफ के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। रेल मंडल समन्वयक द्वारा फोन में बातचीत कर समझाइश दी गई।


