डिजिटल अरेस्ट के जरिये साइबर ठग आमनागरिकों कों बना रहे निशाना, डिजिटल अरेस्ट सिर्फ साइबर ठगी का तरीका.... वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल - Steel City Online News Portal

डिजिटल अरेस्ट के जरिये साइबर ठग आमनागरिकों कों बना रहे निशाना, डिजिटल अरेस्ट सिर्फ साइबर ठगी का तरीका…. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल

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डिजिटल अरेस्ट के जरिये साइबर ठग आम नागरिकों कों बना रहे निशाना, डिजिटल अरेस्ट सिर्फ साइबर ठगी का तरीका….

सरगुजा 22 सितंबर 2025:-  नागरिक किसी संदिग्ध गतिविधि की आशंका होने पर तत्काल नजदीकी थाना/चौकी मे दर्ज करवाये अपनी शिकायत। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा के निर्देशन मे आम नागरिकों कों साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से जागरूक कर साइबर ठगी के मामलो मे कमी लाने किया गया हैं निर्देशित ऑनलाइन ठगी के मामलो मे तत्काल शिकायत दर्ज कराने हेतु हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें सम्पर्क।

आमनागरिकों कों साइबर ठगी के नये नये तरीको से जागरूक कर ठगी की घटना से बचाव करने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा अपील जारी की गई हैं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने अपील जारी करते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी, साइबर फ़्रॉड जैसी घटनाओ के बारे मे अलर्ट रहने के बावजूद भी लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं, साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट जैसी फर्जी प्रक्रियाओ के जरिये नागरिको कों अपने जाल के फसाकर ठगी की वरदात कों अंजाम दे रहे हैं, साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचाव पर आमनागरिकों कों सतर्क रहने एवं साइबर ठगी से बचने के विभिन्न सुरक्षात्मक उपाय पर अपील के माध्यम से आवश्यक जानकारी साझा किया गया हैं।

जाने क्या हैं साइबर ठगी का नया तरीका डिजिटल अरेस्ट :-

⏩ साइबर ठगों द्वारा डिजिटल माध्यम से किसी व्यक्ति को किसी आपराधिक गतिविधि मे शामिल रहने अथवा पार्सल मे गलत सामान होने एवं अन्य भ्रामक जानकारी देकर गिरफ्तार करने का झूठा दावा किया जाता हैं, डिजिटल अरेस्ट की फर्जी घटनाओ के जरिये ठगों का मकसद लोगों के मन में अचानक डर की स्थिति उत्पन्न करना होता है जिसके बाद पीड़ित व्यक्ति को यह यकीन दिलाया जाता है कि वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल है और आखिरकार पिड़ित से भारी भरकम रकम की मांग कर ली जाती है, साइबर ठगों द्वारा इस पूरी प्रक्रिया को बहुत ही नियोजित तरीके से अपनाया जाता है, जिससे वारदात होने के बाद पीड़ित व्यक्ति कभी अपराध की रिपोर्ट ना कर सके।

फर्जी डिजिटल अरेस्ट की प्रक्रिया के दौरान ठगों द्वारा की जाने वाली गतिविधि:-

⏩ साइबर ठगों द्वारा इस दौरान पिड़ित कों वीडियो कॉल या व्हाट्सअप कॉल कर कुछ खास प्रक्रिया से गुजरने के लिए बाध्य किया जाता हैं, साइबर ठग विडिओ कॉल के दौरान आस पास के जगह कों पुलिस स्टेशन या किसी अन्य अन्य एजेंसी के जैसा मिलता जुलता बनाकर लोगो के मन मे डर पैदा किया जाता हैं, घटनाओ की पुष्टि के लिए कई तरह की जानकरियां भी मांगी जाती हैं. ऐसे फर्जी कॉल करने वाले खुद को पुलिस, नॉरकोटिक्स, साइबर सेल, इनकमटैक्स या सीबीआई अधिकारियों की तरह पेश करते हैं. वे बाकायदा किसी ऑफिस से यूनिफॉर्म में कॉल करते हैं, इसके बाद पीड़ित पर अनर्गल आरोप लगा कर कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी जाती है और दावा किया जाता है कि पूछताछ होने के दौरान उसे वीडियो कॉल पर ही रहना होगा और वह किसी और से बातचीत नहीं कर सकता है, जब तक कि प्रक्रिया पूर्ण ना हो जाय, इसी दौरान मामले से बचाने के ऐवज मे पिड़ित से बातचीत कर बड़ी रकम की ठगी कर ली जाती हैं।

डिजिटल अरेस्ट जैसी फर्जी ठगी की घटनाओ से बचाव के उपाय :-

(01) अज्ञात नंबर से आए व्हाट्सअप कॉल अथवा विडिओ कॉल कों स्वीकार ना करें।

(02) किसी भी परिस्थिति मे डरे नही, डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नही होती हैं।

(03) पुलिस या अन्य एजेंसी किसी भी व्यक्ति/आरोपी से व्हाट्सप्प कॉल/विडिओ कॉल के जरिये सम्पर्क कर डिजिटल अरेस्ट जैसी कार्यवाही नही करती।

(04) ऐसी घटनाओ की सूचना तत्काल अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देवे।

आमनागरिक सरगुजा पुलिस के अधिकृत व्हाट्सएप चैनल से जुड़े और सतर्क रहे, निचे चैनल का लिंक दिया गया है।

https://whatsapp.com/channel/0029Vb6AX5pKgsO0nTDxIm1i

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