डिवाइन लेबोरेटरीज की याचिका छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा खारिज….हीपैरीन इंजेक्शन को NSQ पाए जाने पर सीजीएमएससीएल द्वारा की गई ब्लैकलिस्टिंग को चुनौती देने वाली याचिका निरस्त; ₹25,000 का जुर्माना, नई याचिका की छूट…..

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डिवाइन लेबोरेटरीज की याचिका छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा खारिज….हीपैरीन इंजेक्शन को NSQ पाए जाने पर सीजीएमएससीएल द्वारा की गई ब्लैकलिस्टिंग को चुनौती देने वाली याचिका निरस्त; ₹25,000 का जुर्माना, नई याचिका की छूट

रायपुर 18 जुलाई 2025:- डिवाइन लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरिशन लिमिटेड (CGMSCL) के उस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसमें कंपनी के द्वारा आपूर्ति किये गए हीपैरीन सोडियम इंजेक्शन को अमानक (NSQ) पाए जाने के कारण कंपनी को केवल हीपैरीन सोडियम इंजेक्शन के लिए तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था।

इस प्रकरण में याचिका क्रमांक WPC/3718/2025 दिनांक 17 जुलाई 2025 को माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध की गई थी। याचिकाकर्ता कंपनी ने CGMSCL के उस आदेश को रद्द करने का आग्रह किया था, जिसके अंतर्गत उसे हीपैरीन इंजेक्शन आपूर्ति से तीन वर्षों के लिए प्रतिबंधित किया गया था।

न्यायालयीय कार्यवाही

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से माननीय एडवोकेट जनरल श्री प्रफुल भारत ने पक्ष रखा।

वहीं, सीजीएमएससीएल की ओर से अधिवक्ता श्री राघवेंद्र प्रधान, स्टैंडिंग काउंसल के रूप में प्रस्तुत हुए।

याचिकाकर्ता डिवाइन लेबोरेटरीज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सी. जयंत के. राव ने याचिका का पक्ष रखा।

माननीय उच्च न्यायालय ने प्रस्तुत मुद्दों के आधार पर यह याचिका ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपये) की खर्च के साथ निरस्तकर दी। हालाँकि, याचिकाकर्ता कंपनी को आवश्यकता होने पर भविष्य में पुनः माननीय न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने की स्वतंत्रता (liberty) प्रदान की गई है।

पृष्ठभूमि

यह मामला तब सामने आया जब रायपुर और अंबिकापुर के शासकीय अस्पतालों से हीपैरीन इंजेक्शन की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। CGMSCL द्वारा की गई गुणवत्ता जांच में यह इंजेक्शन मानक से कम गुणवत्ता (NSQ) पाया गया।

जन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए CGMSCL ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए-

संदिग्ध बैचों को तत्काल वापस मंगाया (recall),

दर अनुबंध (rate contract) को समाप्त किया,

और केवल हीपैरीन इंजेक्शन के लिए डिवाइन लेबोरेटरीज को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया।

कंपनी ने इस आदेश को अनुचित बताते हुए इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

निष्कर्ष एवं टिप्पणियाँ

◆ CGMSCL पुनः यह स्पष्ट करता है कि जनस्वास्थ्य, गुणवत्ता और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए शिकायत प्राप्त होने पर वह नियमानुसार त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करता है। भविष्य में भी यदि याचिकाकर्ता द्वारा पुनः कोई याचिका दायर की जाती है, तो निविदा शर्तों के अनुरूप की गई ब्लैकलिस्टिंग कार्रवाई को विधिक रूप से प्रमाणित करने के लिए CGMSCL पूरी तरह तैयार है।


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