छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण संशोधन विधेयक प्रारूप को मिली मंजूरीः  परीक्षा में नकल रोकने नया कानून, कैबिनेट में 10 प्रस्ताव स्वीकृत.... - Steel City Online News Portal

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण संशोधन विधेयक प्रारूप को मिली मंजूरीः  परीक्षा में नकल रोकने नया कानून, कैबिनेट में 10 प्रस्ताव स्वीकृत….

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छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण संशोधन विधेयक प्रारूप को मिली मंजूरीः  परीक्षा में नकल रोकने नया कानून, कैबिनेट में 10 प्रस्ताव स्वीकृत….

रायपुर 10 मार्च 2026 :- छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों, अनुचित प्रभाव पर प्रभावी रोक लगाना है।

मंदलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 10 अलग-अलग फैसलों पर मुहर लगी है। इनमें परीक्षा में नकल रोकने के लिए नया कानून, सोलर और बायोगैस संयंत्रों पर 1.50 लाख अनुदान तय किया गया है।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया जाएगा, जो तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा और चयन प्रक्रिया आयोजित करेगा।

साय सरकार ने अवैध धर्मांतरण रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 का प्रारूप तैयार किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी दी गई है।

प्रस्तावित कानून के अनुसार बल, प्रलोभन, दबाव, मिथ्या जानकारी या कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराना प्रतिबंधित होगा। सरकार का कहना है कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को पारदर्शी और कानूनी बनाया जाएगा।

यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम प्राधिकारी को पूर्व सूचना देनी होगी। प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी और 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का प्रावधान होगा।

विधेयक में प्रलोभन, प्रपीड़न, दुर्व्यपदेशन, सामूहिक धर्मांतरण और डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण जैसे शब्दों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।

कानून में अवैध धर्मांतरण के मामलों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर 7 से 10 वर्ष तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।

यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो सजा 10 से 20 वर्ष तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।

सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और कठोर होगी, जिसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और कम से कम 25 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

विधेयक के तहत आने वाले अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होंगे तथा मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं बल्कि अवैध तरीकों से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है।

धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को मंजूरी

उद्देश्य- राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन पर प्रभावी रोक लगाना

परीक्षा में नकल रोकने के लिए नया कानून उद्देश्य- सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना

छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनेगा तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया मंडल आयोजित करेगा

13 राजनीतिक मामलों में वापसी राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 मामलों को कोर्ट से वापस लेने को मंजूरी

सोलर और बायोगैस संयंत्र पर अनुदान सोलर हाईमास्ट संयंत्र के लिए 2024-25 और 2025-26 में ₹1.50 लाख राज्य अनुदान

पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर शुल्क खत्म संपत्ति पंजीयन पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर शुल्क खत्म

नगर और ग्राम निवेश कानून में संशोधन नगरीय और ग्रामीण नियोजन व्यवस्था को अपडेट किया जाएगा

गृह निर्माण मंडल अधिनियम में संशोधन आवास विकास से जुड़े प्रावधानों में बदलाव होंगे

नगर और ग्राम निवेश कानून में संशोधन नगरीय और ग्रामीण नियोजन व्यवस्था को अपडेट किया जाएगा

भू-राजस्व संहिता में संशोधन धारा 40, 50 और 59 में संशोधन किया जाएगा

क्रिकेट ऐकडमी के लिए 5 एकड़ जमीन राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ राजगामी भूमि

इस सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण संशोधन-विधेयक

20 मार्च तक चलने वाले विधानसभा सत्र में धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी सदन में पेश हो सकता है। 10 मार्च को कैबिनेट बैठक में इस विधेयक के प्रारुप को मंजूरी मिल गई है। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर विवाद न बढ़े, इसका एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है।

इस ड्राफ्ट के अनुसार, किसी एक धर्म से दूसरे धर्म में जाना आसान नहीं होगा। धर्म परिवर्तन केवल पूरी प्रक्रिया और नियम कानून का पालन करने के बाद ही किया जा सकेगा।

नियमों का उल्लंघन करने या जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर जेल के साथ कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा।


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