.फाइनेंस अप इनवेस्टेंटमेंट कंसल्टेंसी अग्रसेन र्चाक नेहरू नगर सुपेला के नाम पर संस्था संचालित कर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी पुलिस की गिरफ्त मे,

क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को 6% मुनाफा का लालच देकर कराया निवेश
4.आरोपी से रूपया गिनने का मशीन बरामद
प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार

भिलाई नगर 10 जनवरी 2026:- प्रार्थी रिपोर्ट लिखाया कि मेरा परिचय हार्दिक कुदेशिया निवासी शांति नगर भिलाई से उनके आफिस अग्रसेन चैक के पास नेहरू नगर सुपेला में मार्च वर्ष 2025 में हुआ था उस दौरान स्वयं को ट्रेडिंग करना एवं अपने निवेशकों को प्रतिमाह 6 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज दिलाना बताया था तथा मुझे भी अच्छा मुनाफा मिलने का प्रलोभन देकर रकम निवेश करने कहने पर मेरे द्वारा 20 लाख रू विभिन्न माध्यम अपने तथा अपने पिता अनुराग के खाता में, आॅनलाईन व नगद दिया रकम जमा करने के उपरांत मुझे ब्याज की राशि मिलने शुरू हो गया तब मेरे पिता भुषण लाल साहू ने भी हार्दिक के कहने पर हार्दिक के माता के खाते में 04 लाख रू जमा कराये ।
फिर अप्रेल से अक्टूबर 2025 तक ब्याज की राशि प्राप्त होती थी कि माह नवम्बर में ब्याज की राशि नहीं प्राप्त होने पर ऑफिस अग्रसेन किसी चौक नेहरू नगर सुपेला गया तो उनका आॅफिस बंद हो चुका था आस पास वालो से पता किया तो हार्दिक कुरेशिया सभी निवेशकों का रकम लेकर भागने की सूचना मिलने पर छलपूर्वक प्राप्त किये रकम को वापस नहीं करने की कार्यवाही के संबंध में आवेदन पेश करने बाद आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया आरोपी एवं उनके अन्य साथी का कृत्य धारा 318(2),318(4),3(5) ठछै का घटित करना पाये जाने से अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया, आरोपी हार्दिक कुदेषिया द्वारा सन् 2024 में फायनेंस अप इंवेस्टर एंड कन्सलटेन्सी के नाम से नेहरू नगर अग्रसेन चैक के पास आॅफिस खोला अपने साथी के माध्यम से निवेष करने वालो से इकरार नामा तैयार कराकर निवेषक जितना रूपया लगाते थे उसमे 06 प्रतिषत प्रतिमाह मुनाफा निवेषको देता था।

अपने साथी जो रूपया निवेष कराने लाते थे उन्हे 03 प्रतिषत मुनाफा लेता था। लोगो के द्वारा बैंक व नगद के माध्यम से पैसा लगाया जाता था, रूपया को मैं बैंक आॅफ इंडिया, एचडीएफसी बैेंक, इंडसइंड बैंक के खातो में रूपया को लेता था, आरोपी द्वारा अपने मोबाईल के प्ले स्टोर एप्प से बाइनेस एप्प डाउनलोड करके बाइनेस एप्प से ट्रेड के दौरान भारतीय रूप्या को बाइनेस एप के माध्यम से विदेष डाॅलर में तब्दील कर क्रिप्टो करेंसी में ट्रेड करता था ट्रेड से प्राप्त लाभविंत डालर को पुनः एप के ही माध्यम से भारतीय रूप्या में तब्दील कर सीधे आरोपी अपने अलग अलग बैंक के खातो में प्राप्त करता था। बाइनेस एप्प में लगभग मैं 04-05 माह तक ट्रेडिंग का काम किया है। जो मुलधन का लाभ आता था उस मुनाफे के राषि का 06 प्रतिषत निवेषको को साझा कर देता था तथा 03 प्रतिषत अपने अन्य साथी को कमीषन के रूप में देता था और जो मुलधन का जो पैसा रहता था उसे आरोपी स्वंय रखता था। आरोपी के द्वारा कुल 76 निवेषक से कुल 3,08,05,000 रूपया क्रिप्टो करेंसी के नाम से 06 प्रतिषत लाभांष का लालच देकर निवेष करवाया है। आरोपी सभी लेनदेन का हिसाब अपने लैपटाॅप में रखकर अपने मोबाईल से बाइनेस एप्प का संचालन करता था विवेचना जारी है।

मामले में आरोपी से एक नग आईफोन 16 प्रो व एक विक्टस लैपटाॅप, रूपया गिनने का मषीन, निवेषको के इकरार नामा, एंव अन्य दस्तावेज को जप्त किया गया तथा हार्दिक कुदेषिया को विधिवत गिरफ्तार किया गया हैं। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय कुमार यादव, उनि धनेश्वर साहू, प्र.आर. योगेश चंन्द्राकर, आर. सुर्यप्रताप सिंह, का सराहनीय योगदान रहा।
गिरफतार आरोपीः- हार्दिक कुदेषिया पिता अनुराग कुदेषिया 22 साल साकिन मकान नं. 1453/डी सडक 30 शांति नगर थाना वैशाली नगर भिलाई नगर



