पर्सनल यूजर आईडी से देता था ट्रेन का कंफर्म टिकट
00 जामुल के युवक को आरपीएफ भिलाई ने धरदबोचा

भिलाई नगर 18 मई 2025:- गर्मी के मौसम में स्कूल की छुट्टियों के चलते रेल यात्रियों की संख्या बढ़ने से कंफर्म टिकट को लेकर मारामारी बढ़ जाती है। सामान्य तौर पर रेलवे की वेबसाइट पर कंफर्म टिकट बुक करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इस स्थिति का लाभ उठाते हुए टिकट दलालों ने सक्रियता बढ़ा दी है और यात्रियों को कंफर्म टिकट दिलाने के नाम पर अवैध तरीके से काम करने लगे हैं। आरपीएफ भिलाई ने ऐसे ही एक टिकट दलाल को धरदबोचा है। आरोपी अपनी पर्सनल यूजर आईडी से लोगों को कंफर्म टिकट बनाकर देता था।

आरपीएफ क्राईम ब्रांच भिलाई के रेल आरक्षित टिकट दलालों के विरूद्ध धरपकड एवं चेकिंग अभियान के दौरान लेबर कैम्प जामुल, थाना-जामुल, जिला-दुर्ग में श्री खाटू श्याम जी जन सेवा केन्द्र दुकान के संचालक मनोज बिसाई, पिता अर्जुन बिसाई ( 31 वर्ष ) निवासी गणेश नगर राम मंदिर के पास लेबर कैम्प जामुल वार्ड नं. 5 को अपने पर्सनल यूजर आईडी से रेलवे की टिकट बनाकर उनका अनाधिकृत व्यापार करने के आरोप में गिरफ्तार कर कारवाई किया है। उसके पास आईआरसीटीसी का कोई एजेन्ट आईडी नहीं था। आरपीएफ क्राईम ब्रांच भिलाई ने आरोपी को रेलवे सुरक्षा बल भिलाई के सुपुर्द किया। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई किया गया।
गौरतलब रहे कि गर्मी के सीजन में कंफर्म टिकट को लेकर मारामारी रहती है। लोगों की मजबूरी का लाभ उठाकर दलाल पर्सनल आईडी से टिकट बुक कर लेते हैं और कंफर्म टिकट के बदले लोगों से मनमाने पैसे वसूलते हैं। जामुल निवासी मनोज बिसाई यही काम कर रहा था। इसके लिए वह श्री खाटू श्याम जी जन सेवा केन्द्र के नाम से च्वाइस सेंटर का संचालन कर रहा था।
यहां पर यह बताना लाजिमी होगा कि रेलवे की सहयोगी संस्था आईआरसीटीसी ई-टिकट की बिक्री के लिए एजेंटों को लाइसेंस जारी करती है और टिकट के मूल्य पर उन्हें कमीशन देती है। लेकिन टिकट के दलाल इस प्रक्रिया को नहीं अपनाते और पर्सनल आईडी से ई-टिकट बुक करते रहते हैं। उनका यूआरएल आईआरसीटीसी की निगरानी टीम के पास जाता है और उन्होंने कितनी टिकट बनाई, यह भी जानकारी निगरानी टीम को हो जाती है।
00 लिमिट से अधिक टिकट पर कार्रवाई
अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि पर्सनल यूजर आईडी पर ई-टिकट बनाने की एक लिमिट होती है। यदि आधार कार्ड आपने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर सत्यापित कराया है तो आप एक माह में एक यूजर आईडी पर 24 टिकट बुक कर सकते हैं। यदि आपका आधार सत्यापित नहीं है तो आप एक यूजर आईडी पर 12 टिकट बुक कर पाएंगे। इससे अधिक टिकट की बुकिंग पर कार्रवाई होनी तय है। इस बात की जानकारी नहीं होने से पर्सनल यूजर आईडी पर कईं लोग टिकट की दलाली करने लगते हैं। लिमिट से अधिक टिकट बुकिंग होने पर ऐसे आईडी धारक के खिलाफ आरपीएफ द्वारा रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई किया जाता है।



