गाँव अगर तकनीक से जुड़ेंगे तो भारत का भविष्य सशक्त बनेगा- छत्तीसगढ़ में सीएस भारतीय एआई लैब्स और करियर सेंटर की एक दूरदर्शी पहल….

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गाँव अगर तकनीक से जुड़ेंगे तो भारत का भविष्य सशक्त बनेगा- छत्तीसगढ़ में सीएस भारतीय एआई लैब्स और करियर सेंटर की एक दूरदर्शी पहल

भिलाई नगर 17 अप्रैल 2025:- समीर रंजन की पहचान विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एआई विशेषज्ञ, उद्यमी और शिक्षक के रूप्हें। रंजन कॉग्निटिव स्प्रिंट्स, आईटी पूल और सीएस भारतीय एआई के संस्थापक और कैटेनेट कॉर्प में मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के रूपों, कार्यरत हैं। इन्होंने अपनी विशेषज्ञता से मायामाया और मेडिकोएड जैसे एआई-संचालित प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण किया हैं, जिनसे दुनिया के विभिन्न देशों के व्यवसायों, छात्रों और नौकरी चाहने वालों को AI तकनीकी से सशक्त बनाते हैं।

समीर रंजन पेटेंट और CDAO सर्किल द्वारा AI इन्फ्लुएंसर ऑफ़ द ईयर और UT डलास द्वारा एलुमनस ऑफ़ द ईयर जैसी वैश्विक मान्यता के साथ, वर्तमान में समावेशी, किफ़ायती और विश्व स्तरीय AI शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण भारत को बदलने की अपनी कार्ययोजना को भारतीय ग्रामीण परिवेश में सफल संचालन के लिए कार्यरत हैं।

उद्देश्य एवं कार्ययोजना की रूपरेखा

सीएस भारतीय एआई लैब्स और करियर सेंटर की मुख्य पहल, ग्रामीण क्षेत्र में A साक्षरता और वैश्विक करियर के अवसरों को जमीनी स्तर पर लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसकी शुरुआतछत्तीसगढ़ के गाँवों और छोटे शहरों से होगी।

कार्ययोजना का मंतव्य, आर्थिक और भौगोलिक बाधाओं को दूर कर यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण युवा एआई क्रांति में पीछे न रहें, और A। नवाचार के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर आकार दें।

१) सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के निबंधन का तोड़ कर एआई शिक्षा को सार्वभौमिक रूपसे सुलभ बनाना।

२) टियर 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को व्यावहारिक एआई सुलभ रूपसे उपलब्ध करना और एमएल और डेटा विज्ञान जैसे कोशल से लैस करना।

३) क्षेत्र  के परिसीमा से आगे बढ़कर, वैश्विक रूपसे रोजगार योग्य विशेषज्ञों को तैयार एक समूह का गठन करना

४) क्षेत्रानुसार जरूरतोंके हिसाब से एआई अनुप्रयोगों का उपयोग और स्थानीय चुनौतियों को हल करने के लिए विभिन्न समुदायों को सशक्त बनाना।

५) ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में एआई-संचालित उद्यमिता की पहुंच और इन्हें बढ़ावा देना।प्रत्येक AI लैब पूरी तरह से कार्यात्मक एआई और करियर डेवलपमेंट के मिश्रण वाला केंद्र होगा जिसमें निम्र विशेषज्ञताएं होंगी-

  1. भौतिक संरचना
    पूर्ण रूपसे इंटरनेट एक्सेस, साथ ही आवश्यकतानुसार 10 से 20 कंप्यूटर की उपलब्धता
  2. पूर्ण रूपसे पावर बैकअप, एयर-कूल्ड डिजिटल क्लासरूम।
  3. देश एवं विदेश से विशेषज्ञों के साथ विभिन्न सत्रों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेटअप।
  4. क्यूरेटेड एआई और उद्यमिता आधारित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुस्तकों के साथ स्थानीय पुस्तकालय।
  5. AI लर्निंग इकोसिस्टम, AI पाठ्यक्रम पायथन, डेटा विजुअलाइजेशन, ML, NLP, GenAI, कंप्यूटर विज़न, नैतिक AII
  6. उपकरण और प्लेटफॉर्म TensorFlow, Hugging Face, ChatGPT API, Streamlit, GitHub, आदि के साथ व्यावहारिक अनुभव।
  7. सीखने के तरीके: स्व गति मॉड्यूल, लाइव क्लास, प्रोजेक्ट आधारित आकलन।
    करियर और मेंटरशिप सहायता

दूरस्थ कार्य पथः रिज्यूमे बनाना, लिंक्डइन ब्रांडिंग, अपवर्क, टॉपटल जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर फ्रीलांसिंग।

स्टार्टअप सहायताः AI-आधारित ग्रामीण उपक्रमों कृषि तकनीक, शिक्षा तकनीक, स्वास्थ्य तकनीक को लॉन्च करने के लिए मार्गदर्शन।

वैश्विक एक्सपोजर: अंतर्राष्ट्रीय AI मेंटर, हथॉन और वर्चुअल इंटर्नशिप तक पहुँच ।

छात्रों, परिवारों और राज्य को लाभ

यह छात्रों की कैसे मदद करता है

कौशल विकासः छात्र वास्तविक दुनिया के AI कौशल के साथ स्नातक होते हैं, नौकरी और परियोजनाओं के लिए तैयार होते हैं।

वैश्विक नौकरी तक पहुँचः अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ संरेखित दूरस्थ प्रथम करियर में प्रशिक्षण।

शिक्षा की निरंतरताः शोध-संचालित परियोजनाओं के माध्यम से शीर्ष विश्वविद्यालयों और छात्रवृत्तियों के लिए मार्ग।

आत्मविश्वास निर्माण शर्मीले शिक्षार्थियों

से लेकर आत्मविश्वासी AI वक्ताओं और विचारकों तक।
आम आदमी पर प्रभाव

कृषिः A)- आधारित उपज भविष्यवाणी, सिंचाई योजना और विभिन्न कीटों की पहचान।

स्वास्थ्य सेवाः डेटा विश्लेषण और मोबाइल A। उपकरणों का उपयोग करके प्रारंभिक रोग का पता लगाना।

शिक्षा: स्थानीय युवाओं द्वारा संचालित स्कूली बच्चों के लिए वैयक्तिकृत शिक्षण ऐप।

रोजगारः फ्रीलांसिंग, माइक्रो SaaS, AI-आधारित सेवाओं के माध्यम से नई सूक्ष्म अर्थव्यवस्थाएँ।

डिजिटल समावेशनः ई-गवर्नेस टूल, तकनीक के माध्यम से वित्तीय साक्षरता और मोबाइल प्रथम शिक्षा के लिए एक्सपोजर।

रोलआउट रणनीति

वर्ष, लक्ष्य और विवरण

वर्ष 1/25 केंद्र / छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में ~5,000+ छात्रों को प्रभावित करना

वर्ष 2/50 केंद्र / पड़ोसी आदिवासी बेल्ट और वंचित इलाकों में विस्तार

वर्ष 3/100+ केंद / पूरे राज्य में रोलआउट, राज्य रोजगार मिशन के साथ भागीदारी

भागीदारी और स्थिरता

स्थानीय कॉलेजों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के साथ भागीदारी में।

भारतीय एआई फेलोशिप फंड और सीएसआर योगदान के माध्यम से वित्त पोषित।

स्थानीय स्वामित्व और स्थिरता बनाने के लिए प्रशिक्षक को प्रशिक्षित करने का मॉडल।

आईआईटी, आईआईएम और वैश्विक तकनीकी फर्मों के पूर्व छात्र और सलाहकार छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए लगे हुए हैं।

समीर रंजन का एक निजी संदेश

“भारत में जन्मे और वैश्विक एआई उत्पादों के निर्माण में एक दशक से अधिक समय तक अमेरिका में रहने वाले व्यक्ति के रूपों, मैं ग्रामीण युवाओं की अप्रयुक्त क्षमता और जीवन को बदलने की एआई की शक्ति दोनों को समझता हूँ।

भारतीयएआई मैंने जो पाया उसे वापिस देने का तरीका है- यह सुनिश्चित करना कि हर छात्र, यहाँ तक कि छत्तीसगढ़ के सबसे दूरदराज के इलाके से भी, बड़े सपने देख सके, निडर होकर निर्माण कर सके और वैश्विक स्तर पर सफल हो सके।


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