हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच का महत्वपूर्ण निर्णय…. समानता के अधिकार का उल्लंघन कर दुर्भावनावश नहीं कर सकते विभागीय जांच…. पुलिस विभाग की रिट अपील खारिज..

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हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच का महत्वपूर्ण निर्णय समानता के अधिकार का उल्लंघन कर दुर्भावनावश नहीं कर सकते विभागीय जांच छ.ग. शासन, पुलिस विभाग की रिट अपील खारिज

बिलासपुर 06 सितंबर 2025:- हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच का महत्वपूर्ण निर्णय समानता के अधिकार का उल्लंघन कर दुर्भावनावश नहीं कर सकते विभागीय जांच छ.ग. शासन, पुलिस विभाग की रिट अपील खारिज

जिला-महासमुंद में अलेकसियूस मिंज (प्रधान आरक्षक), दीपक विदानी (आरक्षक) एवं याचिकाकर्ता नरेन्द्र यादव, आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। गणतंत्र दिवस हेतु तैयार मंच सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीनों पुलिस कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक, महासमुंद द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी आदेश को तीनों पुलिस कर्मचारियों द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दिये जाने पर हाईकोर्ट द्वारा तीनों पुलिस कर्मचारियों का बर्खास्तगी आदेश निरस्त कर उन्हें पुनः बहाल करने का आदेश पारित किया गया।

पुलिस अधीक्षक, महासमुंद द्वारा अलेकसियूस मिंज (प्रधान आरक्षक), दीपक विदानी (आरक्षक) को तत्काल ज्वाईनिंग दे दी गई परंतु याचिकाकर्ता नरेन्द्र यादव को पुलिस विभाग में ज्वाईनिंग प्रदान नहीं की गई एवं समान आरोपों पर पुनः विभागीय जांच कार्यवाही प्रारंभ की गई, याचिकाकर्ता नरेन्द्र यादव द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका दायर करने पर पुलिस विभाग द्वारा चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच के समक्ष रिट अपील दायर कर दी गई।

हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं वर्षा शर्मा द्वारा चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि समान आरोपों पर तीनों पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था एवं हाईकोर्ट के समक्ष एक समान आधार लिये जाने पर नियम-18 छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 घोर उल्लंघन पाते हुए तीनों पुलिस कर्मचारियों को हाईकोर्ट द्वारा सेवा में बहाल करने का आदेश पारित किया गया परंतु पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा याचिकाकर्ता नरेन्द्र यादव के प्रति पूर्वाग्रह एवं दुर्भावना रखते हुए अन्य दो पुलिस कर्मचारियों के समान उसे ज्वाईनिंग प्रदान नहीं की गई एवं याचिकाकर्ता के विरूद्ध नये सिरे से विभागीय जांच कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई एवं सेवा से बहाली आदेश को डिवीजन बेंच के समक्ष चुनौती दे दी गई।

चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा इस आधार पर की अन्य पुलिस कर्मचारी अलेकसियूस मिज (प्रधान आरक्षक), दीपक विदानी (आरक्षक) को तत्काल जिला महासमुंद में ज्वाईनिंग प्रदान कर दी गई एवं उनके विरुद्ध किसी प्रकार की विभागीय जांच कार्यवाही नहीं की जा रही है एवं उनके बहाली आदेशों के विरूद्ध डिवीजन बेंच में रिट अपील भी दायर नहीं की गई अतः याचिकाकर्ता के विरूद्ध पुलिस विभाग की कार्यवाही को दुर्भावनावश बताते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा पुलिस विभाग प्रस्तुत रिट अपील को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता नरेन्द्र यादव के विरूद्ध किसी भी प्रकार की विभागीय जांच कार्यवाही ना करने का आदेश पारित किया गया।


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