कांकेर के छिंदखड़क जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 02 पुरुष एवं 01 महिला इनामी माओवादी के शव बरामद किए गए…..

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कांकेर थाना अंतर्गत छिंदखड़क जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 02 पुरुष एवं 01 महिला इनामी माओवादी के शव बरामद किए गए।

🔷 मारे गए माओवादियों पर कुल ₹14,00,000 (चौदह लाख रुपये) का इनाम घोषित था।

🔷 मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान एक एसएलआर, एक .303 रायफल, एक 12 बोर बंदूक सहित अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई।

कांकेर/गरियाबंद DRG एवं BSF जवानों की संयुक्त कार्रवाई से कांकेर–गरियाबंद अंतरजिला क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है।

⚫ पुलिस अधीक्षक (वरिष्ठ), कांकेर,  आई.के. एलेसैला ने बताया कि कांकेर/गरियाबंद सीमावर्ती क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बलों द्वारा सर्च अभियान शुरू किया गया था।

⚫ अभियान के दौरान  28/09/2025 को छिंदखड़क जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस एवं माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई।

⚫ मुठभेड़ के उपरांत घटनास्थल से 02 पुरुष एवं 01 महिला माओवादी के शव बरामद किए गए।

⚫ मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर, एक .303 रायफल, एक 12 बोर बंदूक, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बरामद की गईं।

⚫ पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज,  सुन्दरराज पी. ; उप महानिरीक्षक, कांकेर रेंज,  अमित तुकाराम कांबले उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कांकेर,  आई.के. एलेसैला  पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद,  निखिल राखेचा  तथा बीएसएफ उप महानिरीक्षक  विपुल मोहन बाला ने बताया कि मारे गए माओवादी कैडरों की प्रथम दृष्टया पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:

डीवीसीएम सरवन मडकम उर्फ विश्वनाथ उर्फ बुधराम पुनेम — एसीएम, सीतानदी/रावस समन्वय एरिया कमेटी — सचिव। इनाम: ₹8,00,000।

एसीएम राजेश उर्फ राकेश हेमला — एसीएम, नगरी एरिया कमेटी/गोबरा एलओएस कमांडर। इनाम: ₹5,00,000।

पार्टी सदस्य बसंती कुंजाम उर्फ हिडमें — पीएम, समन्वय/प्रोटेक्शन टीम, मानपुर–नुआपाड़ा — सदस्य। इनाम: ₹1,00,000।

पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज,  सुन्दरराज पी.  ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद बस्तर में तैनात पुलिस एवं सुरक्षा बल अतुलनीय निष्ठा और दक्षता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा बलों का पलड़ा भारी है, जबकि माओवादी कैडर लगातार जमीन, संसाधन और जनसमर्थन खो रहे हैं। आईजीपी ने रेखांकित किया कि आज माओवाद पतन के कगार पर है और कैडर दिन-प्रतिदिन अलग-थलग और निराश होते जा रहे हैं। उन्होंने शेष माओवादियों से अपील की कि वे इस वास्तविकता को स्वीकार करें, हिंसा का मार्ग त्यागकर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ और मुख्यधारा से जुड़ें। साथ ही चेतावनी दी कि जो अवैध और हिंसक गतिविधियाँ जारी रखेंगे, उन्हें निर्णायक ढंग से निपटाया जाएगा और कठोर परिणाम भुगतने होंगे।


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