आयकर विभाग का बड़ा शिकंजा…बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर इंदौर–बिलासपुर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी….कंपनी के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन और टैक्स अनियमितताओं की जांच…. इंदौर के सपना–संगीता रोड स्थित कार्यालय और डायरेक्टर के आवास से अहम दस्तावेज़ जब्त…इंफ्रास्ट्रक्चर, टोल कलेक्शन और आरएमसी कारोबार से जुड़ी २ राज्यों में संचालित गतिविधियां जांच के दायरे में

IMG_20260116_230438.jpg

आयकर विभाग का बड़ा शिकंजा…बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर इंदौर–बिलासपुर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी….

कंपनी के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन और टैक्स अनियमितताओं की जांच….

इंदौर के सपना–संगीता रोड स्थित कार्यालय और डायरेक्टर के आवास से अहम दस्तावेज़ जब्त

इंफ्रास्ट्रक्चर, टोल कलेक्शन और आरएमसी कारोबार से जुड़ी २ राज्यों में संचालित गतिविधियां जांच के दायरे में

बिलासपुर/इंदौर 16 जनवरी 2026:- आयकर विभाग ने बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और मध्यप्रदेश के इंदौर में कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई केवल एक शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने दोनों राज्यों में समन्वित रूप से दबिश दी।
इंदौर में सपना–संगीता रोड स्थित कंपनी के कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर के आवास पर देर रात तक जांच चलती रही, जबकि बिलासपुर में भी कंपनी से जुड़े परिसरों पर आयकर अधिकारियों की मौजूदगी देखी गई। छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के आधिकारिक वाहन संबंधित परिसरों पर तैनात रहे, जिससे इलाके में हलचल का माहौल बना रहा।


सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर के कामकाज में बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन–देन और टैक्स से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं की जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। विभाग का फोकस कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, आय-व्यय से जुड़े दस्तावेज़, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, टैक्स रिटर्न और अन्य संबंधित कागजात की जांच पर केंद्रित है।
बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड सड़क, राजमार्ग, पुल और भवन निर्माण के साथ-साथ रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) की आपूर्ति, टोल कलेक्शन और आवासीय परियोजनाओं के संचालन से जुड़ी बताई जाती है।

कंपनी देश के कई राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सक्रिय है, ऐसे में जांच का दायरा भी व्यापक माना जा रहा है।
कंपनी का कॉरपोरेट इतिहास देखें तो बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना वर्ष 1986 में इंदौर में हुई थी। वर्ष 2005 में कंपनी प्राइवेट लिमिटेड बनी और बाद में इसे पब्लिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित किया गया। इसके बाद कंपनी ने विभिन्न राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में विस्तार किया।
आयकर विभाग की टीमों द्वारा तलाशी के दौरान दस्तावेज़ों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड, लेन-देन की प्रविष्टियां और अन्य वित्तीय विवरणों का मिलान किया जा रहा है।

अधिकारियों का उद्देश्य कंपनी द्वारा घोषित आय, खर्च और निवेश की वास्तविकता को जांचना है ताकि टैक्स अनुपालन में किसी संभावित गड़बड़ी की तस्वीर स्पष्ट हो सके। कार्रवाई के दौरान जो सामग्री सामने आई है, उसे वैरिफिकेशन और क्रॉस-चेकिंग के लिए अलग से सील/जप्त किए जाने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।


गौरतलब है कि इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ में आयरन-स्टील कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के 45 ठिकानों पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई हुई थी। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ में चार दिनों तक चली उस छापेमारी में करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का शक जताया गया था। उस ऑपरेशन में आयकर विभाग के 200 से ज्यादा अधिकारी शामिल थे। मौजूदा कार्रवाई को भी उसी क्रम में बड़े कारोबारी समूहों के वित्तीय लेन-देन और टैक्स रिकॉर्ड की सख्त पड़ताल के तौर पर देखा जा रहा है।


फिलहाल, बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर जांच जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने और दस्तावेज़ों की पड़ताल के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। जांच निष्कर्षों के आधार पर आगे की विभागीय/कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।


scroll to top