भिलाई में 200 रुपए रोजी पर मासूमों से कराई जा रही भिक्षावृत्ति….. सिविक सेंटर में भीख मांग रहे बच्चों को देख भड़की बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष…. जिला प्रशासन को दिए गिरोह की पहचान कर कार्रवाई का निर्देश…..

IMG-20251208-WA0827.jpg

भिलाई में 200 रुपए रोजी पर मासूमों से कराई जा रही भिक्षावृत्ति
00 सिविक सेंटर में भीख मांग रहे बच्चों को देख भड़की बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष
00 जिला प्रशासन को दिए गिरोह की पहचान कर कार्रवाई का निर्देश

सिविक सेंटर में भिक्षावृत्ति कर रहे बच्चों को देखकर भड़की बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष वर्णिका शर्मा: 200 रुपये रोज़ पर बच्चों से काम लेने वाला गिरोह, जल्द होगा भंडाफोड़

भिलाई नगर 08 दिसंबर 2025:- शहर के सिविक सेंटर में रविवार शाम एक चौंकाने वाला वाकया सामने आया, जब छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा अचानक बाल श्रम और भिक्षावृत्ति से जुड़े संगठित रैकेट से रूबरू हो गईं। वह दुर्ग में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद चाय पीने के लिए सिविक सेंटर पहुंचीं तो उनकी कार के सामने छोटे-छोटे बच्चे आकर पैसे मांगने लगे। मासूम बच्चों को भीख मांगते देख वह क्षणभर के लिए हैरान और बाद में बेहद नाराज हो उठीं।

उन्होंने मौके पर ही गाड़ी रुकवाई और बच्चों से बातचीत शुरू की। पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। बच्चों ने बताया कि उन्हें भीख मांगने और गुब्बारे बेचने के लिए यहां भेजा जाता है। इसके बदले प्रतिदिन 200 रुपये दिए जाते हैं और पीछे कोई व्यक्ति या गिरोह काम को संचालित करता है। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें सड़कों पर उतारा जाता है।

इस पर अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने कठोर रुख अपनाते हुए कहा कि दुर्ग में संगठित तरीके से बच्चों का शोषण हो रहा है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यहाँ एक गिरोह सक्रिय है, जो बच्चों को मजबूरी और गरीबी का हथियार बनाकर सड़कों पर उतार रहा है। “यह सिर्फ भीख मांगना नहीं, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। इसे तत्काल रोका जाना आवश्यक है,” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा।

अध्यक्ष शर्मा ने मौके से ही दुर्ग जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर तलब किया और पूरे मामले पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी बच्चों की पहचान कर उन्हें बाल संरक्षण के दायरे में लाया जाएगा। बच्चों को सड़क से हटाकर सरकारी योजनाओं और आश्रय गृहों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति या गिरोह बच्चों को भीख मांगने या जबरन काम पर लगा रहा है, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिविक सेंटर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ बच्चों को हटाना पर्याप्त नहीं — यह सुनिश्चित करना होगा कि दुबारा वे सड़क पर न लौटें। इसके लिए नियमित निगरानी और पुनर्वास योजनाओं को मजबूती से लागू किया जाएगा।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि सड़क पर बच्चों को देखकर सहानुभूति में पैसे देने की बजाय पुलिस व बाल संरक्षण समिति को सूचना दें, क्योंकि दान देने की संस्कृति अनजाने में रैकेट को मजबूत करती है।

अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने भी तुरंत सक्रियता दिखाई और भिक्षावृत्ति तथा बाल श्रम के इस पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सिविक सेंटर में हुई यह घटना बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर शासन और प्रशासन को फिर एक बार सजग करने वाली साबित हुई है। इस दौरान रायपुर नगर निगम की एमआईसी सदस्या डॉ अनामिका चौहान भी साथ में थी।


scroll to top