सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस में सड़क सुरक्षा पर बौद्धिक परिचर्चा”

भिलाई नगर 10 जनवरी 2026:- श्री शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी, भिलाई के एनएसएस यूनिट द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम बोरई, नगपुरा में आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर के अंतर्गत 08 जनवरी को शिविर का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा अनुशासन, उत्साह एवं समर्पण के साथ विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। आज प्रातःकाल स्वयंसेवकों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई तथा स्वच्छता विषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इसके पश्चात ग्राम बोरई के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें सार्वजनिक परिसरों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वयंसेवकों द्वारा किया गया कार्य अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायक रहा।
कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में सड़क सुरक्षा विषय पर श्री दिनेश टांक (सहायक निदेशक एवं नियोजन, राज्य साक्षरता एवं सड़क सुरक्षा) ने अत्यंत प्रभावशाली एवं रोचक व्याख्यान दिया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व तथा सुरक्षित ड्राइविंग के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विशेष रूप से उन्होंने अपने स्व-रचित गीतों के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर अत्यंत सुंदर एवं प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया। गीतों एवं कहानियों के माध्यम से दिए गए उनके व्याख्यान ने बच्चों एवं स्वयंसेवकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जिससे वे पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में रुचि लेते हुए सक्रिय रूप से सहभागिता करते रहे। उनके संवादात्मक एवं सजीव प्रस्तुतीकरण से सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को सरल एवं सहज रूप में समझने में सहायता मिली।
डिजिटल साक्षरता विषय पर डॉ. लीना साहू (जिला समन्वयक, बालोद) ने डिजिटल तकनीक के सकारात्मक एवं सुरक्षित उपयोग पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने ऑनलाइन सेवाओं के लाभ, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के सही उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव तथा इंटरनेट के जिम्मेदाराना प्रयोग पर प्रकाश डाला। उनके व्याख्यान से स्वयंसेवकों एवं ग्रामीणों को डिजिटल जागरूकता के महत्व को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
कानूनी अधिकार विषय पर श्रीमती गौरी गुहा (विधिक साक्षरता) ने नागरिकों के कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित कानूनों, उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण तथा निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल एवं स्पष्ट शब्दों में समझाया। उनके व्याख्यान से उपस्थित जनसमूह में कानूनी जागरूकता का संचार हुआ।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्चना झा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने उद्बोधन में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक दायित्व, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सेवा भावना का विकास करते हैं।
उन्होंने स्वयंसेवकों द्वारा स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता एवं कानूनी जागरूकता से संबंधित किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में एनएसएस की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। साथ ही उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज के प्रति संवेदनशील रहकर निरंतर सेवा कार्यों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
साथ ही डॉ. नीता शर्मा एवं श्रीमती उज्ज्वला भोंसले भी शिविर में उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए स्वयंसेवकों के उत्साह, अनुशासन एवं कार्यों की प्रशंसा की तथा उनका मनोबल बढ़ाया।
यह संपूर्ण शिविर एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शिल्पा कुलकर्णी एवं ठाकुर रंजीत सिंह के कुशल मार्गदर्शन, नेतृत्व एवं सतत् देखरेख में संचालित हो रहा है।
समग्र रूप से शिविर का दूसरा दिन सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता अभियान एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों के साथ अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।




