आईपीएस रतनलाल डांगी पर एसआई की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न आरोप…, आईजी बोले- महिला कर रही ब्लैकमेल…CM ने कहा- IAS हो या IPS दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्यवाही… डीजीपी ने बनाई दो सदस्यीय जांच कमेटी

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आईपीएस रतनलाल डांगी पर एसआई की पत्नी ने लगाया यौन उत्पीड़न आरोप…, आईजी बोले- महिला कर रही ब्लैकमेल..

.CM ने कहा- IAS हो या IPS दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्यवाही…

डीजीपी ने बनाई दो सदस्यीय जांच कमेटी

रायपुर, 23 अक्टूबर 2025:-  छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के डायरेक्ट रतन लाल डांगी के खिलाफ यौन उत्पीडन का मामला प्रकाश में आया है। डांगी पर बिलासपुर जिले में तैनात एक एसआई की पत्नी ने यौन उत्पीडन के आरोप लगाए हैं। इससे परे डांगी ने शिकायतकर्ता महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है, और डीजीपी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। इस पूरे मामले की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने  आईजी आनंद छाबड़ा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाई है जिसमें डीआईजी स्तर की अधिकारी सुश्री मिलना कुर्रे भी जांच टीम में शामिल हैं। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दोषी पाए जाने पर होगी कार्यवाही चाहे आईएएस या आईपीएस।

2003 बैच के IPS  रतन लाल डांगी पर एक एसआई की पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीजीपी से शिकायत में कहा कि वर्ष-2017 से वह डांगी के संपर्क में रही। उन्होंने आरोप लगाया कि डांगी की विभिन्न पदस्थापना के दौरान पीडिता को वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार परेशान करते रहे। पीडिता ने यह भी बताया कि डांगी ने अपनी पत्नी की गैर मौजूदगी में व्यक्तिगत रूप से बुलाया। उन्होंने अपनी शिकायत में कथित उत्पीडन के कुछ डिजिटल साक्ष्य भी दिए हैं।

बिलासपुर में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आला अधिकारियों को दिए पत्र में आरोप लगाया कि आईजी रतनलाल डांगी ने सात वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। महिला ने कहा कि जब उसने डांगी से दूरी बनाने की कोशिश की, तो उस पर धमकियों और दबाव के जरिए संबंध बनाए रखने को मजबूर किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह सरगुजा में आईजी थे, तभी उत्पीड़न की शुरुआत हुई और बिलासपुर आईजी बनने के बाद यह सिलसिला और बढ़ गया। महिला का कहना है कि डांगी अपनी पत्नी की अनुपस्थिति में उसे बंगले पर बुलाते थे और आपत्तिजनक हरकतें करते थे। चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादला होने के बाद भी उन्होंने वीडियो काल के जरिए परेशान करना जारी रखा। महिला ने 16 अक्टूबर 2025  को डीजीपी को शिकायत की थी। इससे पहले ही 15 अक्टूबर 2025 को डांगी ने डीजीपी से 14 बिन्दुओं पर महिला के खिलाफ शिकायत की है।

उन्होंने यह भी बताया कि महिला द्वारा उन्हें ब्लैकमेल किया जाते रहा है। महिला आत्महत्या तक की धमकी देती रही हैं। उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि महिला की धमकियों की वजह से पिछले दो वर्षों से मैं, और मेरा परिवार मानसिक अवसाद से गुजर रहा है।

आईजी रतन लाल डांगी का यह भी कहना है कि महिला के पति से जब भी संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन पर पत्नी की आवाज आती रही है। जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि इस षडयंत्र में महिला का पति भी बराबर का भागीदार है। तनाव के कारण मेरी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई, और हमें अस्पताल जाना पड़ा। इसी बीच आरोपी महिला मेरे घर पहुंची कर्मचारियों के मना करने के बाद भी घर में घुस गई। मेरे स्टाफ को कुछ अश्लील तस्वीरें दिखाकर मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया, और जोर -जोर से हंगामा किया।

डांगी ने  पुलिस महानिदेशक से आग्रह किया है कि आरोपी महिला, और षडयंत्र में शामिल सभी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताडना, और जबरन घर में घुसना एवं मानहानि जैसी उचित धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की कृपा करें, ताकि मुझे और मेरे परिवार को मानसिक यंत्रणा से मुक्ति मिल सके, और हमें न्याय प्राप्त हो।

जहर की शीशी लेकर दफ्तर पहुंच गई थी…

आईजी रतन लाल डांगी ने डीजीपी अरूण देव गौतम को 14 बिन्दुओं पर शिकायत की है। उन्होंने ‘मिडिया’ से चर्चा में डीजीपी को शिकायत करने की पुष्टि की है, और बताया कि यह ब्लैकमेलिंग का मामला है।

उन्होंने पत्र में बताया कि एक दिन वो मेरे कार्यालय में जहर की शीशी हाथ में लेकर पहुंची एवं मुझसे मेरे तीनों बेटों और माँ की कसम खिलवाई कि मैं अपनी पत्नी से कोई संबंध नहीं रखूँगा। उसकी शर्तें थीं कि मैं अपनी पत्नी के साथ न बैठूंगा, न बात करूं अपनी गाड़ी में कहीं नहीं ले जाऊँगा, न कोई खरीदारी कराऊँगा। उसे व्हाट्सएप्प पर ब्लॉक करूँगा, न कॉल करूँगा, न रिसीव करूँगा। उसके साथ कोई तस्वीर नहीं खिंचवाऊँगा और न ही जन्मदिन या सालगिरह मनाऊँगा। अपनी पत्नी के मायके नहीं जाएंगे।

मैं अपनी पत्नी के कमरे में न सोकर, रात 10 बजे के बाद घर की बालकनी में सोऊँगा और वहाँ से 8 घंटे की लाइव लोकेशन भेजूंगा तथा लाइट जलाकर वीडियो कॉल पर दिखाऊँगा कि वहाँ कोई और नहीं है।

सुबह 5 बजे से उसका वीडियो कॉल चालू रहेगा, जिसे केवल वही काट सकेगी। परिवार के किसी भी सदस्य, यहाँ तक कि अपने बेटों से भी बिना उसकी अनुमति के बात नहीं करूँगा। घर एवं कार्यालय के वॉश रूम जाते समय, स्नान करते समय, वर्क आउट करते समय भी वीडियो कॉल मोबाईल पर चालू रहना चाहिए जिससे यूरिन करते हुए, नहाते हुए दिखे, नहाकर तैयार होने के लिए 20 मिनट और खाना खाने के लिए 12-15 मिनट ही मिलेंगे।

आरोपी महिला ने जो दबाव डाला उसी का फायदा उठाकर मेरे वॉश रूम में यूरिन करते समय के एवं बाथरूम निजी पलों के स्क्रीन शॉट लेकर मुझे दिखाकर की यदि मैं उसके कहे अनुसार न चलूँगा तो ये फोटोग्राफ वायरल कर दूँगी, डीजीपी साहब को शिकायत कर दूँगी। इसके बाद उसने उन तस्वीरों और आपसी बातचीत के छेड़छाड़ किए हुए चैट के स्क्रीनशॉट्स का उपयोग कर मुझे ब्लैकमेल करना और धमकाना प्रारंभ कर दिया।

जब मैंने उसकी इन हरकतों का विरोध किया और उसके पति को सब कुछ बता देने की चेतावनी दी, तो उसने मुझ पर दबाव बनाने के लिए अपने हाथ को ब्लेड से काटकर उसकी तस्वीरें मुझे भेजीं। वह वीडियो कॉल पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या करने का नाटक करती थी, ताकि मैं डरकर उससे कोई भी संबंध तोडने की हिम्मत न कर सकूँ।

वह मुझ पर अपने बच्चों और माँ की झूठी कसम खाने का दबाव बनाती थी, ताकि उसे मेरे ऊपर नियंत्रण बनाये रखने का यकीन हो सके।

वो यह भी धमकी दिया था की मेरे कहने से आपने जिन-जिन लोगों की मदद किया था, उनसे मैंने रुपये वसूली किया था, जिससे मैंने अपना नया घर खरीदा, दो गाडिय़ां लिया था, भविष्य में अपनी बच्ची की शादी के लिए गहने बनवाए, उन सबका झूठा रिकार्ड आपके नाम बनाकर फंसा दूँगी। जब मैंने बोला कि मुझे तो कभी बताए ही नहीं की तुमने वसूली जैसा काम भी किया था तो बोली यदि ऐसा न करती तो जिंदगी भर किराये के मकान में रहना पड़ता, मेरा गाड़ी, जेवर कैसे बनते, बच्चों की सालाना लाखों की स्कूल फीस, कोचिंग फीस एक सब इन्स्पेक्टर कहाँ से पटाता। आप मूर्ख बने यह तो आपकी गलती थी।

वह जब भी मेरे कार्यालय चंदखुरी आती थी तो अपने साथ जहर की एक शीशी लेकर आती और उसे टेबल पर रखकर धमकी देती कि यदि मैंने उसकी कोई भी बात नहीं मानी, तो वह यहाँ ही जहर पीकर मुझे झूठे मामले में फँसा देगी और जेल भिजवा देगी।

उसकी इन धमकियों एवं भय और आतंक के कारण मैं उसकी सभी अनुचित माँगें पूरी करने लगा। उसने मुझ पर दबाव डालकर मेरी पत्नी के साथ मेरा घूमना, योग करना और साथ में बाजार जाना पूरी तरह से बंद करवा दिया।

जब मेरी माँ एम्स में कैंसर का इलाज करवाने भर्ती थी तब भी दबाब डालती थी की मैं अपनी पत्नी को साथ में अपनी गाड़ी में नहीं ले जाऊँ। यदि ले गए तो अंजाम भुगतने तैयार रहे।

यहाँ तक की सितंबर माह में मेरी बहन की आकस्मिक मृत्यु होने पर भी उसने धमकाया की यदि मैं अपनी पत्नी को राजस्थान से अपने साथ में लाया तो वो आत्महत्या करके मुझे जेल भिजवा देगी।

साथ ही यह सब न मानने पर उसने वॉशरूम /बाथरूम की ली गई तस्वीरें, मेरे बेटों को, मेरी समधी मंत्री को तथा मेरी बहू को भेजकर मेरे बड़े बेटे का तलाक करवाने की धमकी भी दिया करती थी।

इन धमकियों के कारण मैं इस वर्ष पुलिस मेस में आयोजित होली मिलन समारोह में आपके द्वारा आयोजित डिनर पार्टी में अपनी पत्नी को साथ भी नहीं ला पाया था। इन सब कारण से मैं विगत दो वर्षों से अपने ही घर में अपनी पत्नी और बच्चों से अजनबियों जैसा व्यवहार करने पर मजबूर था, जिससे मैं और मेरा पूरा परिवार गंभीर मानसिक अवसाद से गुजर रहे थे।

करवा चौथ के दिन उसने वीडियो कॉल पर जहर की शीशी दिखाकर मुझे धमकी दी कि यदि मैं छत पर अपनी पत्नी के साथ पूजा में शामिल हुआ तो वह आत्महत्या कर लेगी। उसके डर से मैं छत पर नहीं गया इस कारण मेरी पत्नी को गहरा आघात लगा।

अगले दिन जब मैंने उसकी अनुचित माँगें मानने से इनकार किया और अपना फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिया, तो उसने मेरे बेटे को फोन कर धमकाया और मेरे चरित्र पर अनर्गल आरोप लगाए। उसी दौरान जब मैंने उसके पति से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उसके फोन पर भी उसकी पत्नी की ही आवाज आ रही थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इस षड्यंत्र में उसका पति भी बराबर का भागीदार है।

इस तनाव के कारण मेरी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और हमें अस्पताल जाना पड़ा। इसी बीच आरोपी महिला मेरे घर पहुँची और कर्मचारियों के मना करने के ब बावजूद जबरन घर में र में घुस गई। उसने मेरे स्टाफ को कुछ अश्लील तस्वीरें दिखाकर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया और जोर-जोर से चिल्लाकर हंगामा किया। बाद में पता चला कि उसने मेरे कई जान-पहचान वालों को भी फोन कर मेरे बारे में अपमानजनक बातें कहीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा-

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। चाहे आईएएस हो या आईपीएस दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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