छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगा पूर्णकालिक DGP : यूपीएससी में सलेक्शन कमेटी की हुई बैठक, मुख्य सचिव अमिताभ जैन हुए शामिल, CM साय लगाएंगे अंतिम मुहर…
रायपुर 18 मई 2025:- छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए UPSC से 3 अधिकारियों के नाम को क्लीयरेंस मिल गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी बनने की रेस में IPS अरुण देव गौतम के अलावा, IPS पवन देव और IPS जीपी सिंह का नाम शामिल है। सरकार किसी भी समय किसी भी दिन में स्थायी DGP नियुक्त कर देगी। संभावना व्यक्त की गई है कि संभवत 15 जून के पहले सरकार द्वारा नए डीजीपी के नाम पर मुहर लगा दी जाएगी सूत्रों के अनुसार अरुण देव गौतम ही छत्तीसगढ़ के डीजीपी होगे।

वर्तमान में DGP की जिम्मेदारी IPS अरुण देव गौतम के पास है। सरकार ने गौतम को डीजीपी पद की अस्थायी जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि IPS अरुण देव गौतम के लिए प्रदेश के नेताओं की लॉबी लगी हुई है। वहीं IPS पवन देव के लिए बिहार के राजनेता छत्तीसगढ़ में तैनात भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी लॉबी कर रहे हैं।
इसी तरह से IPS जीपी सिंह के लिए प्रदेश के राजनेताओं के अलावा दिल्ली के राजनेता और अफसर लॉबी कर रहे हैं। इन तीनों में से कोई एक छत्तीसगढ़ पुलिस का स्थायी मुखिया होगा। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अरुण देव का नाम सबसे टॉप पर है।
छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगा पूर्णकालिक DGP : यूपीएससी में सलेक्शन कमेटी की हुई बैठक, मुख्य सचिव अमिताभ जैन हुए शामिल, CM साय लगाएंगे अंतिम मुहर…

छत्तीसगढ़ को जल्द पूर्णकालिक डीजीपी मिलने वाला है. इसके लिए यूपीएससी में सलेक्शन कमेटी की बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन शामिल हुए. प्रभारी डीजीपी अरुणदेव खुद भी दावेदार हैं, इसलिए वे बैठक में शामिल नहीं हुए.
डीजीपी के लिए चार आईपीएस अधिकारियों का नाम भेजा गया है, जिसमें सीनियरिटी के हिसाब से पवनदेव, अरुणदेव गौतम, जीपी सिंह और हिमांशु गुप्ता शामिल हैं. इनमें से ही कोई एक पूर्णकालिक डीजीपी बनेगा. यूपीएससी सलेक्शन कमेटी तीन नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा. वहां से फिर पेनल छत्तीसगढ़ सरकार को आएगा. इन तीन नामों के पेनल में से किसी एक नाम पर मुख्यमंत्री मुहर लगाएंगे.
पहले मुख्यमंत्री सीधे डीजीपी की नियुक्ति करते थे. एएन उपध्याय की नियुक्ति तक यूपीएससी को नाम भेजने वाला नियम नहीं था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का गाइडलाइन आया कि डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए होगी. नियुक्ति के बाद अगर छह महीने भी रिटायरमेंट में समय बचा हो तो भी नियुक्ति के बाद उन्हें दो साल का अवसर दिया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में अशोक जुनेजा को इसका लाभ मिला
4 फरवरी को IPS गौतम को मिली थी डीजीपी की जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने 4 फरवरी को आईपीएस अरुण देव गौतम को डीजीपी की अस्थायी जिम्मेदारी दी थी। इस संबंध में गृह विभाग के विशेष सचिव ने निर्देश जारी किया था। जिस समय आईपीएस गौतम को डीजीपी बनाया गया था, उस समय उनके पास नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक की भी जिम्मेदारी थी।



