खम्हरिया डबल मर्डर : प्रेमी की दूसरे से शादी पर भड़की प्रेमिका, चचेरे भाई के साथ मिलकर प्रेमी ने कर दी हत्या….अमलेश्वर पुलिस के गिरफ्त में आए दोहरे हत्याकांड के आरोपी

पाटन 23 जून 2025:- दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र के खम्हरिया में डबल मर्डर के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। अमलेश्वर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आपस में चचेरे भाई हैं। हत्या के पीछे की वजह महिला द्वारा शादी का दबाव बनाना सामने आया है। मृतका की पहचान सुनीता चतुर्वेदी पति स्व दीपक चतुर्वेदी ( 32 ) के रूप में हुई है। वहीं मृत बालक काव्यांश चतुर्वेदी पिता स्व दीपक चतुर्वेदी ( 8) है। दोनों रायपुर के रहने वाले थे। पुलिस ने इस मामले में खम्हरिया में रहने वाले शुभम सिंगौर और उसके चचेरे भाई छत्रपाल सिंगौर को गिरफ्तार किया है।


बता दें रविवार को अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खम्हरिया गांव के दो अलग-अलग कुओं में महिला और बच्चे की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। महिला व बच्चे को मारकर बोरे में बांधकर फेंक दिया गया था। ग्रामीणों की सूचना पर अमलेश्वर पुलिस पहुंची और दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। शव पूरी तरह से अकड़ चुके थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे थे और आरोपियों की शीघ्र पतासाजी का निर्देश दिया था। शव मिलने के दूसरे ही दिन पुलिस ने मामले में दो आरोपियों शुभम सिंगौर और उसके चचेरे भाई छत्रपाल सिंगौर को गिरफ्तार कर लिया है।

इंस्टा के जरिए हुई दोस्ती
मिली जानकारी के अनुसार सुनीता चतुर्वेदी रायपुर में एक प्राइवेट स्कूल में टीचर का काम करती थी। उसकी खम्हरिया निवासी शुभम सिंगौर से इंस्ट्राग्राम के जरिए दोस्ती हुई। धीरे धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। सुनीता चतुर्वेदी के पति का निधन हो चुका था इसलिए वह शुभम के साथ घर बसाना चाहती थी। लेकिन शुभम ने घर वालों की मर्जी से पने समाज की लड़की से शादी कर ली। इस बात की जानकारी मिलने पर सुनीता 18 जून को अपने बेटे काव्यांश के साथ शुभम के घर खम्हरिया पहुंच गई। सुनीता के इस तरह घर पहुंचने पर शुभम के होश उड़ गए। किसी तरह सुनीता को समझाने बुझाने की कोशिश की गई। लेकिन वह शुभम के घर से जाने तैयार नहीं हुई। इसके बाद रात को शुभम ने सुनीता और उसके बेटे को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और योजना में अपने चचेरे भाई छत्रपाल सिंगौर को शामिल किया। दोनों ने सुनीता और काव्यांश की गला घोंटकर हत्या कर दी और अलग अलग बोरों में लाशों को भरने के बाद पत्थर बांधकर अलग-अलग कुओं में डाल दिया।
रायपुर के सिविल लाइन्स थाने में दर्ज थी गुमशुदगी
इधर 18 जून से सुनीता और काव्यांश के गायब रहने से उनके नजदीकी रिश्तेदार परेशान हो गए। मोबाइल फोन पर कॉल रिसीव नहीं हो रहा था। फिर 19 जून से मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। हर संभावित जगह पर खोजबीन करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला तो रायपुर के सिविल लाइन थाने में सुनीता और काव्यांश की गुमशुदगी दर्ज करा दी गई। इसी बीच 22 जून को अमलेश्वर थाना के खम्हरिया गांव के अलग-अलग कुओं से महिला व बच्चे की बंद बोरी में लाश मिली तो पुलिस ने सिविल लाइन थाने से संपर्क किया। फिर रिश्तेदारों ने मृतकों की पहचान सुनीता और उसके बेटे काव्यांश के रूप में कर दी। फिलहाल हिरासत में लिए गए शुभम और छत्रपाल से पुलिस की पूछताछ जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 02 वर्षो से मृतिका के साथ था प्रेम प्रंसग
22-06-2025 को सूचना मिलने पर ग्राम खम्हरिया स्थित राधेलाल गायकवाड की बाडी में कुंआ के अंदर साडी में लिपटा हुआ गट्ठा जिसमें से बदबू आ रही थी जिसको निकाल कर देखने पर साडी से लिपटी एवं मिट्टी से भरी प्लास्टिक की बोरी के अंदर में अज्ञात बालक उम्र करीबन 08 – 10 वर्ष का शव तथा पास में ही स्थित भगवान दास महिलांग कि बाडी में कुंए के अंदर पानी में लाल रंग की साडी में लिपटा हुआ गट्ठा जिसमें पत्थर बंधा हुआ था जिसके अंदर प्लास्टिक की बोरी को बाहर निकालकर खोलकर देखने पर बोरी के अंदर अज्ञात महिला जिसके हाथ पाव बंधे हुये थे, आयु तकरीबन 30-35 वर्ष का शव मिलने पर थाना अमलेश्वर में मर्ग कायम किया गया पश्चात शव को देखकर अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर साक्ष्य छिपाने हेतु मृतिका एवं मृतक बालक का हत्या करने के संदेह से अपराध क्रमांक 70/2025 103(1), 238(ए) बीएनएस कायम किया गया ।

प्रकरण गंभीरता को देखते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के द्वारा पता साजी एवं विवेचना हेतु एसआईटी का गठन किया । ग्रामवासियों एवं आस पास के गांवों से मृतिका एवं मृतक बालक के संबंध में पतासाजी की गई पतासाजी के दौरान जरिये मुखबिर सूचना प्राप्त हुआ कि एक अज्ञात महिला को एक दो बार छत्रपाल सिंगौर के साथ आते जाते देखा गया है जिसका नाम पता नहीं मालुम तब संदेही छत्रपाल सिंगौर को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर गोल मोल जवाब देने लगा, फिर छत्रपाल सिंगौर बताया कि सुनिता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी जो रायपुर में रहती है जिससे इंस्टाग्राम के माध्यम से परिचय हुआ और पहला मुलाकात महादेव घाट के पास हुआ इसके बाद में आरोपी छत्रपाल सिंगौर को मृतिका सुनीता चतुर्वेदी ने बताया थी मेरे पति का स्वर्गवास हो गया है और मैं अपने 08 साल के बच्चे के साथ, मां बाप के साथ रायपुर में रहती हूं तब आरोपी छत्रपाल ने बोला कि मेरा भी शादी नहीं हुआ है मैं तुमसे शादी कर लूंगा और बच्चे को रख लूंगा कहकर मृतिका से आये दिन मिलता रहा एवं शारीरिक संबंध बनाता रहा एवं मृतिका द्वारा बार बार शादी करने एवं साथ में रहने के लिए बोलने पर आरोपी द्वारा 01 माह 02 माह बाद बोलकर टालता रहा इसी बीच आरोपी छत्रपाल का डेढ माह पूर्व किसी और महिला से शादी कर लिया । मृतिका द्वारा बार बार अपने बच्चे को लेकर छत्रपाल सिंगौर के साथ रहने के लिए दबाव बनाने लगी तब आरोपी छत्रपाल सिंगौर अपने चचेरे भाई शुभम कुमार सिंगौर को मृतिका से प्रेम प्रसंग के संबंध में एक वर्ष पहले बता चुका था आरोपी छत्रपाल अपने चचेरे भाई को 18-06-2025 को मिलकर के बताया कि मुझे सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी बार बार मेरे घर आ जाउंगी अपने बच्चे को लेकर के बोलती है जिसे रास्ता से हटाना है तब दोनों भाई मृतिका एवं उसके बच्चे का हत्या करने का योजना बनाकर आरोपी छत्रपाल रायपुर से मृतिका एवं उसके 08 साल के बच्चे अपने इलेक्ट्रीक स्कुटी में बैठाकर अपने गांव ग्राम खम्हरिया लाया जहां उसका योजना आधार से चचेरा भाई शुभम कुमार गांव में बताये गये स्थान पर मिला फिर दोनों भाई मिलकर मृतिका एवं उसके बच्चे को खेत में गला दबाकर मारने के बाद दोनों का शव साक्ष्य मिटाने के उद्देशय से अलग अलग साडी में लपेटकर बोरी में डालकर एवं पत्थर बांधकर अलग अलग एक कुंए में मां एवं दूसरे कुंए में बच्चे को डाल दिये ।
पतासाजी करने पर मृतिका एवं उसके बच्चे का थाना सिविल लाईन रायपुर जिला रायपुर में गुमइंसान क्रमांक 51/2025 गुमशुदा का पूरा नाम सुनीता चतुर्वेदी थाना सिविल लाईन जिला रायपुर में दर्ज होना पाया गया जिसे मृतिका के परिजन द्वारा मृतिका को पहचाना गया । थाना अमलेश्वर के अग्रिम कार्यवाही की जा रही है ।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी पाटन अनिल कुमार साहू, एसीसीयू से निरीक्षक प्रमोद कुमार रूसिया, सउनि नरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रआर मेघराज चेलक, आरक्षक राजकुमार चंद्रा, अश्वनी यदु, वीरनारायण, विवेक यादव, अजय ढीमर, थाना अमलेश्वर से उप निरी0 दीनदयाल वर्मा, सउनि मानसिंह सोनवानी, प्रआर मनीष तिवारी, आरक्षक राकेश राजपूत, अजय सिंह, अमित यादव, चितरंजन प्रसाद देवांगन का विशेष योगदान रहा है ।
गिरफ्तार आरोपी :-
- छत्रपाल सिंगौर पिता अजेन्द्र सिंगौर 26 वर्ष
- शुभम कुमार सिंगौर पिता विरेन्द्र सिंगौर 22 वर्ष



