नान घोटाला: सेवानिवृत IAS डॉ आलोक शुक्ला,व अनिल टुटेजा गिरफ्तार, 16 अक्टूबर तक ईडी की रिमांड पर, नई दिल्ली में होगी पूछताछ... - Steel City Online News Portal

नान घोटाला: सेवानिवृत IAS डॉ आलोक शुक्ला,व अनिल टुटेजा गिरफ्तार, 16 अक्टूबर तक ईडी की रिमांड पर, नई दिल्ली में होगी पूछताछ…

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नान घोटाला: सेवानिवृत IAS डॉ आलोक शुक्ला,व अनिल टुटेजा गिरफ्तार 16 अक्टूबर तक ईडी की रिमांड पर नई दिल्ली में होगी पूछताछ

रायपुर 23 सितंबर 2025:-  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को रिटायर्ड आईएएस डा. आलोक शुक्ला और अनिल टूटेजा ने सरेंडर किया। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दोनों को गिरफ्तार किया। विशेष अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपितों को 16 अक्टूबर तक ईडी की रिमांड पर देने का आदेश दिया है। ईडी टीम ने डॉ आलोक शुक्ला एवं अनिल टुटेजा को नियमित विमान से लेकर दिल्ली रवाना हो गई दिल्ली मुख्यालय में 16 अक्टूबर तक इनसे पूछताछ की जाएगी।

दिल्ली में होगी पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ नियमित फ्लाइट से दिल्ली ले गई। आरोपियों से पूछताछ दिल्ली ईडी कार्यालय में होगी। उल्लेखनीय है कि नान घोटाले की जांच दिल्ली ईडी को सौंपे जाने के बाद जांच दिल्ली में हो रही है। इस वजह से दोनों आरोपियों को ईडी की टीम अपने साथ दिल्ली ले गई है।

ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने अदालत में बताया कि नान घोटाले के समय डा. आलोक शुक्ला निगम के चेयरमैन थे, जबकि अनिल टुटेजा सचिव पद पर थे। दोनों के कार्यकाल में ही भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।

करोड़ों रुपए के लेन-देन और कथित कमीशनखोरी को लेकर कई अहम दस्तावेज सामने आए हैं। पांडे ने कहा कि मामले की जटिलता को देखते हुए विस्तृत पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए लंबी रिमांड आवश्यक है।

आपको बता दें कि, बहुचर्चित नान घोटाला केस में डॉ. शुक्ला और अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दोनों अधिकारियों को पहले दो हफ्ते ईडी की कस्टडी में रहना होगा। उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इसके बाद ही उन्हें जमानत मिल सकेगी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों ने 2015 में दर्ज नान घोटाला मामले और ईडी की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

18 सितंबर को ईडी की टीम ने की थी छापेमारी सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका के खारिज होने के दूसरे ही दिन यानी 18 सितंबर को ईडी की टीम ने डॉ. आलोक शुक्ला के  घर में दबिश दी थी। उस दौरान डॉ. आलोक शुक्ला ED की स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अपलोड नहीं होने का हवाला देते हुए सरेंडर करने से रोक दिया था। इसके अगले दिन यानी 19 सितंबर को उनके सरेंडर आवेदन पर आज यानी 22 सितंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी गई थी।


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