झीरम घाटी हमले का मास्टर माइंड नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा ने सरेंडर किया…

IMG-20251128-WA0842.jpg

नवा रायपुर में चल रही DGP-IG कॉन्फ्रेंस के बीच बस्तर से एक बड़ी कामयाबी मिली है। जगदलपुर में 10 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, जिसमें दरभा डिवीजन कमांडर चैतू भी शामिल है। चैतू पर 10 लाख रुपए का इनाम था और वह कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे एक बड़ी कामयाबी बताया।

जगदलपुर 28  नवंबर 2025:- नवा रायपुर में चल रही DGP-IG कॉन्फ्रेंस के बीच बस्तर से एक बड़ी कामयाबी मिली है। जगदलपुर में 10 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, जिसमें दरभा डिवीजन कमांडर चैतू भी शामिल है। चैतू पर 10 लाख रुपए का इनाम था और वह कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे एक बड़ी कामयाबी बताया।

नक्सली चैतू ने IG सुंदरराज पी के सामने सरेंडर किया है। चैतू झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड है।छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा ने सरेंडर कर दिया है। झीरम घाटी में कांग्रेस के टॉप लीडरशिप समेत 32 लोगों का कत्ल हुआ था। बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा को 100 गोलियां मारी गई थी। उनके सीने पर चढ़कर नक्सली नाचे थे।

चैतू उर्फ श्याम दादा वर्तमान में DKSZCM कैडर का है। इस पर 25 लाख का इनाम था। बस्तर के जंगलों में कई बार सुरक्षाबलों की गोलियों से बच निकला था। फोर्स की लगातार मौजूदगी के बाद चैतू उर्फ श्याम ने हथियार डाले हैं। 45 साल से नक्सल संगठन में था, जिसमें 35 साल बस्तर में काम किया है।बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि चैतू समेत सरेंडर सभी नक्सलियों पर 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पापाराव, देवा (बार्से देवा) और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।

बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि चैतू समेत सरेंडर सभी नक्सलियों पर 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पापाराव, देवा (बार्से देवा) और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।

“पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत आज जिला बस्तर (जगदलपुर) में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक उपलब्धि दर्ज हुई, जहाँ कुल 10 माओवादी कैडरों — जिनमें DKSZC (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) के वरिष्ठ सदस्य चैतू @ श्याम दादा भी शामिल हैं — ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा बल — क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

⏭️ बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र प्रगति की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।

⏭️ आज का पुनर्वास कार्यक्रम जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय समाज, जिला प्रशासन, बस्तर पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों के सतत, समन्वित और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है। यह पहल बस्तर में जनविश्वास को मजबूत कर रही है और सकारात्मक बदलाव की रफ्तार को बढ़ा रही है।


🔷 आज जगदलपुर में पुनर्वास किए गए 10 माओवादी कैडरों के नाम एवं संगठन में उनका स्तर इस प्रकार है:

  1. चैतू @ श्याम दादा — DKSZC सदस्य (Reward Rs 25 lakhs)
  2. सरोज @ मल्कू सोढ़ी — DVCM (Reward Rs 08 lakhs)
  3. भूपेश @ सनक राम फुरामी — ACM (Reward Rs 05 lakhs)
  4. प्रकाश @ फिल साय सलाम — ACM (Reward Rs 05 lakhs)
  5. कमलेश @ झितरू यादव —ACM (Reward Rs 05 lakhs)
  6. जन्नी @ रायमती सलाम — ACM (Reward Rs 05 lakhs)
  7. संतोष @ सन्नू आचला — ACM (Reward Rs 05 lakhs)
  8. रामशीला @ बुकली सलाम — ACM (Reward Rs 05 lakhs)
  9. नवीन @ भाजू सलाम — PM रामशीला @ बुकली सलाम — PM (Reward Rs 01 lakh)
  10. जयति @ मनाई कश्यप —
    PM (Reward Rs 01 lakh)

🔷 पुलिस अधीक्षक, जिला बस्तर, श्री शलभ सिन्हा ने बताया कि:आज 28 नवंबर 2025 को, माओवादी कैडरों का यह पुनर्वास कार्यक्रम शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग, जगदलपुर में संपन्न हुआ।सभी पुनर्वासित कैडरों ने “मुख्यधारा से जुड़कर शांति, गरिमा और विकास के मार्ग को अपनाने” का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।


➡️ पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, श्री सुन्दरराज पट्टिलिंगम ने कहा:

“जगदलपुर में आज 10 माओवादी कैडरों — जिनमें DKSZC का एक वरिष्ठ सदस्य भी शामिल है — का पुनर्वास इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी विचारधारा का प्रभाव तीव्रता से समाप्त हो रहा है।

⏭️ ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल पर भरोसा जताते हुए शांति और प्रगति के मार्ग को अपना रहे हैं।
छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल — क्षेत्र में शांति, पुनर्वास और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः समर्पित हैं।”

➡️ IGP बस्तर ने आगे कहा:

“शेष माओवादी कैडर — जिनमें पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य रामदर, DKSZC सदस्य पापाराव, देवा (बार्से देवा) तथा अन्य शामिल हैं — के पास अब भी हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में जुड़ने के विकल्प है।”


🟪 पुनर्वास कार्यक्रम में बस्तर के स्थानीय समाज के वरिष्ठजन;
श्री सुन्दरराज पट्टिलिंगम, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज;
श्री शलभ सिन्हा, पुलिस अधीक्षक, जिला बस्तर;
डीआईजी दंतेवाड़ा श्री कामलोचन केश्यप;
श्री अरुल कुमार, डीआईजी CRPF;
श्री हरिस एस., कलेक्टर बस्तर;
श्री गौरव राय, एसपी दंतेवाड़ा;
श्री स्मृतिक राजनल्ला, एसपी STF;
बस्तर पुलिस के अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, केंद्रीय सुरक्षा बलों के कमांडेंट एवं जवान;
तथा बड़ी संख्या में समाज-प्रमुख, मीडिया प्रतिनिधि, पत्रकार और पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

🔷 श्याम उर्फ़ चैतू का विवरण: गीरैड्डी पवनानंद रेड्डी (आयु 63 वर्ष, 2025 अनुसार) ने 1985 में CPI (माओवादी) संघटन में शामिल होकर कार्य शुरू किया। वे 1991–92 में महाराष्ट्र के गोंदिया क्षेत्र से स्थानांतरित होकर दंडकारण्य (DK) क्षेत्र में आए। प्रारंभ में दलम सदस्य के रूप में कार्य करते हुए वे क्रमशः कमांडर और बाद में डिविजनल समिति सदस्य (DCM) बने एवं 2007 में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य के रूप में कार्य किया और वर्तमान में दर्भा (Darbha) डिविज़न के इंचार्ज थे।


🟨 Bastar Range

.








scroll to top