हिमांशु गुप्ता भापुसे छत्तीसगढ़ कैडर द्वारा डी. जी. छत्तीसगढ़ के पैनल में चयनित होने हेतु षड़यंत्रपूर्वक डीपीसी में दिये गये टीप के विरूद्ध यूपीएससी को फर्जी जानकारी शासन के द्वारा भेजे जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने बाबत्।

रायपुर 6 अप्रैल 2025:- छत्तीसगढ़ के भूतपूर्व गृह जेल एवं सहकारिता मंत्री वरिष्ठ भाजपा नेता ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हिमांशु गुप्ता छत्तीसगढ़ कैडर द्वारा डी. जी. छत्तीसगढ़ के पैनल में चयनित होने हेतु षड़यंत्रपूर्वक डीपीसी में दिये गये टीप के विरूद्ध यूपीएससी को फर्जी जानकारी शासन के द्वारा भेजे जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है तीन पाने के शिकायत पत्र में नंनकी राम कंवर की ने लिखा है कि





ननकी राम कंवर ने पत्र में लिखा है कि हिमांशु गुप्ता भापुसे (1994 वैच) को त्रिपुरा कैडर आबंटित किया गया था। तत्पश्चात् कैडर ट्रांसफर योजना के अंतर्गत स्वयं की मांग पर इन्हें मध्यप्रदेश कैडर आबंटित किया गया था मध्यप्रदेश के विभाजन के उपरांत इन्हें सन् 2000 में छत्तीसगढ़ कैडर आबंटित किया गया। जानकारी के रूप में मध्यप्रदेश कैडर की 1994 बैच आईपीएस के पद कम सूची दिनांक 14.08.1995 परिशिष्ट एक संलग्न है। जिसमें 1994 बैच में प्रविष्टी कमांक 261 से 268 में हिमांशु गुप्ता का नाम सम्मिलित नहीं है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश की कैडर सूची में 1994 बैच आईपीएस की पदकम सूची दिनांक 01.09.2000 परिशिष्ट 2 संलग्न है जिसमें 1994 बैच के प्रविष्टि क्रमांक 247 से 254 के अवलोकन से स्पष्ट है कि प्रविष्टि क्रमांक 251 पर हिमांशु गुप्ता का नाम सम्मिलित है छत्तीसगढ़ कैडर की सिविल लिस्ट 01.01.2023 के परिशिष्ट 3 संलग्न है उक्त दस्तावेजों से स्पष्ट है कि उक्त अधिकारी कैडर ट्रांसफर के अंतर्गत मध्यप्रदेश की भारतीय पुलिस सेवा की सूची में सम्मिलित हुआ है। अतः डीओपीटी के नियम अनुसार वरिष्ठता कम में उनका श्री शिवराम प्रसाद कल्लूरी के बाद दर्ज होना था।
पदकम सूची में त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता कम का इंद्राज डीओपीटी भारत सरकार के स्थापित नियमों के अंतर्गत अखिल भारतीय सेवा का जो अफसर कैडर ट्रांसफर के अंतर्गत किसी राज्य में स्थानांतरित होता है तो उसका नाम उस राज्य के पदकम सूची में वरिष्ठता कम में अपने बैच में अंतिम प्रविष्टि में रहेगा अतः उपलब्ध रिक्तियां अनुसार नियमानुसार डीजी के पद पर पदोन्नति शिवराम प्रसाद कल्लूरी की होनी थी जो कि श्री हिमांशु गुप्ता की हुई है।
उक्त अधिकारी के द्वारा गृह विभाग के कुछ चुनिन्दा अधिकारियों से मिलीभगत कर अनियमित पदोन्नति प्राप्त की है इनके द्वारा मिलीभगत कर संघ लोक सेवाआयोग दिल्ली को अपनी पदोन्नति संबंधित दिनांक पदोन्नति के संबंध में भी भ्रामक जानकारी भेजी गई है। ऐसे अधिकारी का बीजेपी की नियुक्ति हेतु प्रस्तावित पैनल में चयनित होना छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिये दुर्भाग्यजनक होगा। इनके द्वारा किये गये भ्रामक जानकारी इस प्रकार है –
(A) केन्द्रीय न्यायिक अभिकरण द्वारा 30.04.2024 को श्री गुरजिन्दर पाल सिंह आईपीएस 1994 बैच के अनिवार्य सेवा निवृत्त आदेश को निरस्त करते हुए समस्त परिणामी लाभ सहित सेवा में वापस लेने के आदेश दिये गये जिसे राज्य सरकार द्वारा कोई चुनौती नही दी गई। तत्पश्चात् जून 2024 के अंतिम सप्ताह में डीजी के रिक्त पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही की गई चूंकि गुरजिन्दर पाल सिंह वरिष्ठता कम में हिमांशु गुप्ता से उपर है। न्यायालय के आदेश के परिपालन में नियमानुसार उनकी डीजी पद पर पदोन्नति हेतु लिफाफा सील कर डीजी का एक पद आरक्षित रखना चाहिए था। लेकिन नियम के विरूद्ध जाकर हिमांशु गुप्ता द्वारा गृह विभाग के अवर सचिव मनोज श्रीवास्तव एवं अन्य कर्मचारी अधिकारियों से मिलीभगत कर विभागीय पदोन्नति समिति को गुमराह किया जाकर गलत तरीके से उक्त आरक्षित पद पर पदोन्नति प्राप्त की गई। आदेश दिनांक 02.07.2024 संलग्न है।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के परिपालन में गुरजिन्दर पाल सिंह के द्वारा 20.12.2024 को समस्त परिणामी लाभ सहित अपनी सेवा में उपस्थित हुए छत्तीसगढ़ के अशोक जुनेजा की सेवा निवृत्ति के कारण 05.02. 2025 को डीजी का एक पद रिक्त हुआ उच्चतम न्यायालय के निर्देशो के पालन हेतु फरवरी 2025 के प्रथम सप्ताह में रिव्यु डीपीसी की मीटिंग आयोजित की गई उक्त मीटिंग में नियमानुसार गुरजिन्दर पाल सिंह की पदोन्नति 02. 07.2024 से (जिस पद को आरक्षित रखना चाहिए था) एवं हिमांशु गुप्ता की पदोन्नति 05.02.2025 से करने की अनुशंसा की गई। परंतु रिव्यु डीपीसी की मीटिंग के द्वारा जो टीप लिखा गया था जिसको वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा अनुशंसा की गई थी उसके विपरीत जाकर फर्जी तरीके से किसी व्यक्ति को लाभदेने की नियत से संघ लोक सेवा आयोग दिल्ली को पुनः फर्जी जानकारी हिमांशु गुप्ता को 02.07.2024 दिखाकर भेजी गई जो कि अत्यंत गंभीर मामला है अब गृह विभाग से मिलीभगत कर भूलक्षीय प्रभाव 02.07.2024 डीजी के पद का निर्माण केबिनेट से कराने के प्रयास में लगे हुए है। जो कि नियमविरूद्ध कार्य है परंतु छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण से कुछ भी होना संभव है।
(C) लोक सेवा आयोग दिल्ली के द्वारा डीजीपी पैनल हेतु अधिकारियों के नाम को चयनित किया जा रहा है मैं आपके संज्ञान में उपरोक्त तथ्यों को लाना को आवश्यक समझता हूं कि लोक सेवा आयोग दिल्ली को गृह विभाग छत्तीसगढ़ के कुछ कर्मचारी अधिकारी आपस में मिलीभगत कर हिमांशु गुप्ता को संरक्षण देने की नियत से पदोन्नति रिव्यु डीपीसी के अनुशंसा के विपरीत परिणाम दर्ज कर लोक सेवा आयोग दिल्ली को भेजा गया है जबकि वास्तव में 05.02.2025 को डीजी के रिक्त पद पर शिवराम प्रसाद कल्लूरी की पदोन्नति होनी थी परंतु नियम विरूद्ध तरीके से हिमांशु गुप्ता की कर दी गई।
आपसे अनुरोध है कि रिव्यु डीपीसी के अनुसार गुरजिन्दर पाल सिंह की पदोन्नति 02.07.2024 से (जिस पद को आरक्षित रखना चाहिए था) एवं 05.02.2025 को रिक्त डीजीपी के पद पर नियुक्ती होनी थी ऐसा टीप रिव्यु डीपीसी के द्वारा दिया गया जिस पर वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी के हस्ताक्षर है उसके विरूद्ध जाकर गृह विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य कर्मचारी अधिकारी के मिलीभगत से लोक सेवा आयोग नई दिल्ली को रिव्यु डीपीसी की टीप के विरूद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने चहेते अधिकारी को फायदा पहुंचाने की नियत से फर्जी जानकारी लोक सेवा आयोग नई दिल्ली को भेजी गई जो कि अत्यंत गंभीर व षड़यंत्रपूर्वक फर्जी जानकारी भेजने में संलिप्त अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने हेतु निर्देश देना चाहेंगे।


