विश्व जनसंपर्क दिवस के उपलक्ष्य में भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ‘कनेक्टकॉन’ पीआर कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन…..संचार, संबंध और रचनात्मकता पर केंद्रित एक दिवसीय सार्थक मंथन…..

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भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ‘कनेक्टकॉन’ पीआर कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन:
संचार, संबंध और रचनात्मकता पर केंद्रित एक दिवसीय सार्थक मंथन

भिलाई नगर  18 जुलाई 2025:- भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा विश्व जनसंपर्क दिवस के उपलक्ष्य में 18 जुलाई 2025 को भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में राष्ट्र स्तरीय पीआर कॉन्क्लेव ‘कनेक्टकॉन’ का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चितरंजन महापात्रा के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

“कनेक्ट. कम्युनिकेट. क्रिएट.” थीम पर आधारित इस एक दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्देश्य जनसंपर्क के क्षेत्र में नवीनतम प्रवृत्तियों, चुनौतियों, अवसरों और बदलते रुझान पर गहन विचार-विमर्श करना था। चितरंजन महापात्रा ने संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।


कॉन्क्लेव में सेल के राउरकेला, बोकारो, कार्पोरेट ऑफिस, वीआईएसएल, सीएसपी सहित जनसंपर्क पेशेवरों, उद्योग विशेषज्ञों और विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्रभावी संचार रणनीतियों एवं सम्बंधित विषयों पर अपने विचार साझा किये।


इस अवसर पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) बिपिन कुमार गिरी, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ एम रवींद्रनाथ सहित मुख्य महाप्रबंधक प्रभारीगण, मुख्य महाप्रबंधक तथा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में बीएसपी के विभिन्न विभागों के 30 इंटर्नल रिसोर्स पर्सन्स ने भी भाग लिया।


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चितरंजन महापात्रा ने कनेक्टकॉन-2025 के आयोजन हेतु जनसंपर्क विभाग को बधाई दी व अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जनसंपर्क की भूमिका अब केवल मीडिया प्रबंधन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह किसी भी संगठन के संस्थागत विकास का एक रणनीतिक आधार बन चुका है। उन्होंने भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प का उल्लेख करते हुए राष्ट्र निर्माण में इस्पात उद्योग की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जहाँ देश में इस्पात की मांग 150 मिलियन टन से बढ़कर वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन और वर्ष 2047 तक 500 मिलियन टन होने की संभावना है, वहीं सेल की भी महत्वाकांक्षी योजना है, वर्ष 2030 तक 15 मिलियन टन और 2047 तक 50 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य। महापात्रा ने कहा कि ऐसा विस्तार केवल अवसंरचना पर नहीं, बल्कि स्टेकहोल्डर्स के मध्य विश्वास-वृद्धि पर भी निर्भर करता है।

“शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे क्षेत्रों में व्यापक सीएसआर कार्यों के बावजूद विस्तार के समय हमें कई बार स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ता है। यह दर्शाता है कि संवाद और विश्वास निर्माण की आवश्यकता अभी भी शेष है, जिसमें जनसंपर्क विभाग का सबसे बड़ी भूमिका एवं दायित्व है।”


कार्यक्रम के प्रारंभ में महाप्रबंधक (संपर्क प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया, जिसमें उन्होंने ‘कनेक्टकॉन पीआर कॉन्क्लेव’ की थीम, महत्व और विभिन्न सत्रों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की।
कॉनक्लेव का पहला सत्र सेल की विभिन्न इकाइयों से आए प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतियों के साथ आरंभ हुआ। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्टील प्लांट्स में जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली, प्रमुख गतिविधियों, रणनीतिक दृष्टिकोण और नवाचारों पर विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं में उप प्रबंधक (जनसंपर्क), सेल-राउरकेला इस्पात संयंत्र के एस.एस. पटनायक; महाप्रबंधक (एचआर एवं जनसंपर्क), सेल-वीआईएसल, भद्रावती के एल. प्रवीण कुमार; सहायक प्रबंधक (एचआर), सेल-सीएफपी, चंद्रपुर की सुश्री श्यामली लोखंडे; तथा वरिष्ठ प्रबंधक (जनसंपर्क), सेल-बीएसएल, बोकारो के अभिनव शंकर शामिल थे।

सेल कॉरपोरेट अफेयर्स डिवीजन, नई दिल्ली की ओर से उप महाप्रबंधक मानिक भार्गव तथा सहायक महाप्रबंधक सुश्री समन्विता घोष ने प्रतिनिधित्व किया व प्रस्तुति दीं। इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (सीएसआर), सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र, श्रीमती अपर्णा चंद्रा द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र में अपनाई जा रही जनसंपर्क नीतियों एवं रणनीतिक संप्रेषण पहलों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।


प्रस्तुति सत्र की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स-बीएसपी) अनूप कुमार दत्ता ने की। इस अवसर पर पूर्व विभाग प्रमुख (जनसंपर्क-बीएसपी) विजय मैराल तथा महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमुल्य प्रियदर्शी भी उपस्थित रहे। सत्र के समापन पर अनुप कुमार दत्ता ने सभी प्रस्तुतियों पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित समीक्षा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों द्वारा साझा किए गए नवाचारों की सराहना की और उन्हें प्रेरणादायक व दोहराए जाने योग्य प्रयास बताया।


प्रस्तुति सत्र के उपरांत “जनसंपर्क प्रथाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग” विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा का नेतृत्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (बीआरएम्) योगेश शास्त्री तथा पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, सेल-बीएसपी, सौरभ सिन्हा ने किया। इस सत्र का संचालन महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्रीमती बोन्या मुखर्जी ने किया। चर्चा के दौरान समकालीन जनसंपर्क गतिविधियों में एआई उपकरणों के लाभ और संभावित चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ।
भोजनावकाश के पश्चात, कॉन्क्लेव के दूसरे पैनल सत्र का आयोजन “सोशल मीडिया का उपयोग: जनसंपर्क के लिए नैतिकता एवं चुनौतियों की पुनर्परिभाषा” विषय पर किया गया। इस सत्र का नेतृत्व शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व निदेशक एवं पूर्व प्रमुख (जनसंपर्क-बीएसपी) एस.पी.एस. जग्गी तथा महाप्रबंधक (संपर्क प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी ने संयुक्त रूप से किया। दोनों वक्ताओं ने डिजिटल संप्रेषण के परिप्रेक्ष्य में उभरते नैतिक मुद्दों एवं व्यावसायिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।


इस सत्र की और ज्ञानवृद्धि करते हुए उप महाप्रबंधक (प्रशासन), भारतीय स्टेट बैंक, आर.के. सिन्हा द्वारा एक वीडियो प्रस्तुति दी गई, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य में एसबीआई द्वारा अपनाई गई जनसंपर्क प्रथाओं को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा निर्मित कई लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया, जिनमें “भारतीय विज्ञापन के बदलते रुझान”, “भिलाई को बीएसपी की श्रद्धांजलि” एवं “रावघाट में सीएसआर” शामिल थीं। ये सभी फिल्में जनसंपर्क की बदलती प्रवृत्तियों का रचनात्मक और सूचनात्मक चित्रण प्रस्तुत करती हैं।


कार्यक्रम को रोचक बनाने के उद्देश्य से एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका विषय पुराने भारतीय विज्ञापन थे। इस प्रतियोगिता का संचालन उप महाप्रबंधक (सीएसआर) श्रीमती अपर्णा चंद्रा द्वारा किया गया, जिसमें विजेताओं को मौके पर ही उपहार प्रदान किए गए, जिससे आयोजन में उत्साह का संचार हुआ। प्रतियोगिता में वरिष्ठ प्रबंधक (जनसंपर्क, बीएसएल) अभिनव शंकर ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। महाप्रबंधक (एचआर एवं पीआर, वीआईएसएल) एल. प्रवीण कुमार को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि उपमहाप्रबंधक (एसएसएस-3, बीएसपी) नितिन अग्निहोत्री तृतीय स्थान पर रहे। प्रोत्साहन पुरस्कार सुश्री समन्विता घोष ने जीता।


प्रतियोगिता का मूल्यांकन एक विशिष्ट निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें शामिल थे – पूर्व विभागाध्यक्ष (जनसंपर्क, बीएसपी) विजय मैराल, पूर्व महाप्रबंधक (जनसंपर्क, बीएसपी) एस.के. दरिपा, एवं पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (जनसंपर्क, बीएसपी) सत्यवान नायक।
सेल की विभिन्न इकाइयों से आए प्रतिनिधियों ने कनेक्टकॉन पीआर कॉन्क्लेव पर अपने विचार साझा करते हुए कार्यक्रम की सराहना की और भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को इस ज्ञानवर्धक आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।


समापन समारोह के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार एवं विशिष्ट अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संदीप माथुर उपस्थित रहे। विजेताओं, प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं पैनल सदस्यों को दोनों विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
अपने समापन संबोधन में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने जनसंपर्क विभाग, बीएसपी को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि जनसंपर्क एक निरंतर बदलता हुआ क्षेत्र है, जहाँ हर दिन नई प्रवृत्तियाँ सामने आती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल फर्जी या भ्रामक समाचारों एवं अनावश्यक नकारात्मक आलोचनाओं की अधिकता देखी जा रही है। उन्होंने कहा, “रचनात्मक आलोचना सुधार के लिए आवश्यक है, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि सच्ची और सकारात्मक कहानियाँ जनता तक पहुँचें।”


उन्होंने आगे कहा, रचनात्मक चित्रों, कहानियों और लघु वृत्तचित्रों के माध्यम से किसी संस्थान की सकारात्मक छवि और उसके कार्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस एक दिवसीय कॉन्क्लेव के विविध सत्रों से सभी प्रतिभागी लाभान्वित हुए होंगे और प्राप्त अनुभवों को वे अपने-अपने विभागों एवं इकाइयों में साझा करेंगे।


महाप्रबंधक (जनसंपर्क) प्रशांत तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन उप महाप्रबंधक (सीएसआर) श्रीमती अपर्णा चंद्रा ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि आयोजन की सफलता में सहायक महाप्रबंधक (जनसंपर्क) जवाहर बाजपेई, सहायक महाप्रबंधक (जनसंपर्क) एस.के. कांबड़े, तथा जनसंपर्क विभाग, बीएसपी की टीम का विशेष योगदान रहा।


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